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उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन पर केंद्र ने दाखिल किया जवाब
ब्यूरो/अमर उजाला, नैनीताल
Updated Wed, 13 Apr 2016 08:38 AM IST
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नैनीताल उच्च न्यायालय
- फोटो : file photo
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नैनीताल हाईकोर्ट ने पूर्व में वित्त विधेयक तथा अन्य प्रकरण पर केंद्र को जवाब दाखिल करने का समय दिया था, जिसके बाद मंगलवार को केंद्र की ओर से अपना जवाब दाखिल कर दिया गया है। पूर्व में मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने 18 अप्रैल की तिथि नियत करते हुए फ्लोर टेस्ट के एकलपीठ के आदेश को 19 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया था।
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बता दें कि राष्ट्रपति शासन लगाने के खिलाफ दायर याचिका में बृहस्पतिवार सात अप्रैल को याचिकाकर्ता हरीश रावत की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने बहस की थी।
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सिंघवी ने कोर्ट को बताया था कि केंद्र सरकार ने उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने का मुख्य मुद्दा 18 मार्च को विधानसभा में विनियोग विधेयक के गिर जाने को बनाया है।
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कहा कि यदि विनियोग विधेयक गिर गया था तो सुप्रीम कोर्ट द्वारा रामेश्वर प्रसाद व एसआर बोम्मई आदि मामले में दी गई व्यवस्था के मुताबिक सरकार गिरने का निर्णय फ्लोर टेस्ट में होना चाहिए था। उन्होंने बताया कि यदि हाउस में स्पीकर से कोई गलती हुई तो उसका रिव्यू नहीं किया जा सकता है।
18 को अगली सुनवाई
उन्होंने राज्यपाल द्वारा केंद्र सरकार को भेजे गए 8 पत्रों का उल्लेख करते हुए कहा था कि किसी एक पत्र में भी उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने का उल्लेख नहीं है। पूर्व में कोर्ट ने आदेश जारी कर केंद्र को जवाब देने को कहा था। इस आदेश के क्रम में मंगलवार को केंद्र सरकार की ओर से जवाब दाखिल कर दिया गया है। कोर्ट सभी याचिकाओं पर सुनवाई 18 अप्रैल को करेगी।