फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Chamoli News ›   Badrinath temple: AIS started survey of crack on singh dwar

Badrinath: बदरीनाथ मंदिर के सिंह द्वार पर पड़ रही दरार, अब विशेष प्रकार के ग्लास टाइल्स से होगी निगरानी

Fri, 14 Oct 2022 06:08 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 14 Oct 2022 06:08 PM IST
सार

बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने एएसआई के (संरक्षण व वर्ल्ड हेरिटेज) अपर महानिदेशक जान्ह्वीज शर्मा के साथ बैठक कर बदरीनाथ मंदिर के सिंहद्वार में पड़ी दरारों को लेकर विस्तृत चर्चा की।

विज्ञापन
Badrinath temple: AIS started survey of crack on singh dwar
बदरीनाथ धाम के सिंहद्वार पर पड़ी दरारें - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बदरीनाथ मंदिर के सिंह द्वार पर पड़ रही दरार के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने सर्वे शुरू कर दिया है। एएसआई की ओर से विशेष प्रकार के ग्लास टाइल्स लगा कर दरारों की निगरानी की जाएगी। इसके अलावा द्वार के बीच में पानी की रिसाव के कारणों का पता लगाया जाएगा। 

विज्ञापन


बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने एएसआई के (संरक्षण व वर्ल्ड हेरिटेज) अपर महानिदेशक जान्ह्वीज शर्मा के साथ बैठक कर बदरीनाथ मंदिर के सिंहद्वार में पड़ी दरारों को लेकर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने एएसआई से व्यापक अध्ययन कर संरक्षण के लिए ठोस उपायों का आग्रह किया। अपर महानिदेशक ने गत दिवस बदरीनाथ धाम का दौरा किया। बदरीनाथ से वापसी के बाद उन्होंने बीकेटीसी कार्यालय में अध्यक्ष अजेंद्र अजय के साथ सिंहद्वार में आ रही दरारों पर चर्चा की। 
विज्ञापन


Uttarakhand: हाथ में दराती लेकर खेत में उतरे डीएम, मंडुवे की फसल काटता देख हैरान हुए लोग, तस्वीरें
विज्ञापन
विज्ञापन


शर्मा ने बताया कि बदरीनाथ मंदिर में सिंह द्वार का सर्वे कार्य शुरू कर चुकी है। हल्की दरारों को मोर्टार से भरा गया है। विशेष प्रकार के ग्लास टाइल्स को निगरानी के लिए दरार पर रखा गया है। यह टाइल्स दीवार में किसी प्रकार का हल्का मूवमेंट होने पर चटक जाएंगी। सिंहद्वार के केंद्रीय भाग के पानी रिसाव का भी आंकलन किया जा रहा है। इसके साथ ही नींव से पानी के रिसाव की प्रणाली को समझने का भी प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने मंदिर के सिंहद्वार के जीर्णोद्वार को लेकर भी कई सुझाव दिए।  

बैठक में केदारनाथ धाम के निकट पवित्र उदक कुंड के पुनरोद्धार के विषय में भी चर्चा की गई। बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र ने कहा कि स्थानीय तीर्थ पुरोहित समुदाय से परामर्श कर उदक कुंड के स्थान को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके साथ ही पांडुकेश्वर स्थित योग बदरी मंदिर परिसर के विस्तारीकरण व संरक्षण पर भी विचार किया गया। इस मौके पर एएसआई के देहरादून सर्किल के पुरातत्व अधीक्षक मनोज कुमार सक्सेना, बीकेटीसी के अधिशासी अभियंता अनिल ध्यानी, एएसआई के अधिकारी आरके मीना, नीरज मैठाणी आदि मौजूद थे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed