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बदरीनाथ में 600 साल बाद बदला छत्र, लुधियाना के इस परिवार को मिला यह सौभाग्य
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बदरीनाथ
Updated Thu, 10 May 2018 08:58 AM IST
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Snowfall in badrinath
- फोटो : amar ujala
600 साल बाद बदरीनाथ धाम का छत्र बदल दिया गया। बुधवार को मंदिर के गर्भगृह में यह छत्र स्थापित किया गया।
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लुधियाना के सूद परिवार की ओर से शाम बुधवार को शाम 5 बजे चार किलो सोने से निर्मित रत्न जड़ित छत्र पूजा अर्चना के साथ चढ़ाया गया। इस दौरान हरियाणा और दिल्ली के 300 से अधिक तीर्थयात्री धाम में मौजूद रहे। बुधवार को सुबह 10 बजे हैलीकॉप्टर से छत्र बदरीनाथ धाम में लाया गया।
लुधियाना के सूद परिवार को बदरीनाथ धाम में छत्र की सेवा का मौका मिला है। छत्र मुंबई में तैयार कराया जा गया है। बदरी केदार मंदिर समिति के एडवाइजर और मुक्त परिवार के ज्ञानेश्वर सूद ने बताया कि यह छत्र 4 किलो सोने का बना है। साथ ही छत्र हीरे व रत्नों से जड़ित है। इसका डिजाइन उन्होंने खुद तैयार किया है।
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बदरीनाथ धाम का छत्र लगभग 600 साल पुराना है
badrinath
- फोटो : badrinath
ज्ञानेश्वर सूद ने बताया कि वह पहली बार 1989 में बदरीनाथ धाम गए थे। बदरीनाथ धाम का छत्र लगभग 600 साल पुराना है।
बताया कि उनके दादा गुरु महर्षि मुक्त जी ने 1918 में पहली बार श्री बद्रीनाथ धाम की यात्रा की थी। उनकी यात्रा शताब्दी को लेकर ही सद्गुरु देव संत प्रतिमा महाराज के सान्निध्य में महर्षि मुक्त बदरीनाथ यात्रा शताब्दी मनाई जा रही है।
ज्ञानेश्वर सूद ने बताया कि भगवान का यह छत्र मुंबई से लुधियाना कड़ी सुरक्षा में लाया गया।
बताया कि उनके दादा गुरु महर्षि मुक्त जी ने 1918 में पहली बार श्री बद्रीनाथ धाम की यात्रा की थी। उनकी यात्रा शताब्दी को लेकर ही सद्गुरु देव संत प्रतिमा महाराज के सान्निध्य में महर्षि मुक्त बदरीनाथ यात्रा शताब्दी मनाई जा रही है।
ज्ञानेश्वर सूद ने बताया कि भगवान का यह छत्र मुंबई से लुधियाना कड़ी सुरक्षा में लाया गया।