फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   rivers of Uttarakhand are dangers

गुस्से में हैं उत्तराखंड की नदियां

Tue, 18 Jun 2013 11:46 AM IST
देहरादून/ब्यूरो
देहरादून/ब्यूरो Updated Tue, 18 Jun 2013 11:46 AM IST
विज्ञापन
rivers of Uttarakhand are dangers

मानसून की पहली ही दस्तक से ऐसे निशानों की कल्पना आपदा के संग जीवन गुजार देने वाले लोगों ने भी नहीं की थी। गोविंद घाट में पूरे गुरुद्वारा के ही डूबने और रुद्रप्रयाग में पुल के ऊपर से पानी बहने की बात तो किसी ने सोची भी नहीं होगी। गढ़वाल में पिछली बार अस्सी गंगा ने कहर बरपाया था, इस बार मंदाकिनी का रौद्र रूप सामने आया। यही हालात कुमाऊं के भी हैं।

विज्ञापन


राहत देने के बजाय जख्म दे गया

लगता है पहाड़ की नदियां गुस्से में हैं। मानसून इस बार गरमी से राहत देने के बजाय जख्म दे गया। जख्म भी ऐसे कि शायद ही भर पाएं। पानी 2011 में भी बरसा था। पूरे प्रदेश को बरसात ने अपनी चपेट में लिया था। करीब 14 हजार किमी. सड़क ध्वस्त हो गई थीं। प्रदेश का कोई कोना नहीं था जिस पर मानसून ने अपने निशान न छोड़ें हों। लेकिन 2013 के जून माह की कुछ घंटों की बरसात ने वह खौफ पैदा किया जो 2011 नहीं कर पाया।
विज्ञापन


गोविंद घाट में उस समय की बरसात में भी इतना नुकसान नहीं हुआ था। गोविंदघाट में गुरुद्वारा नदी तट से खासा ऊपर है और इसके बावजूद यह पूरा डूब गया। यहां से एक हेलीकाप्टर और कई वाहन ही पानी में बह गए। रुद्रप्रयाग जिले का भी यही हाल है। भाजपा नेता और रुद्र्रप्रयाग के विजयनगर निवासी अजेंद्र अजय के रुद्रप्रयाग में पुल के ऊपर से पानी बहने के बारे में किसी ने नहीं सोचा था। नदी किनारे बसे लोग खासी दूरी पर हैं। इसके बाद भी घरों में पानी घुसा।
विज्ञापन
विज्ञापन


जून में इतना पानी कभी नहीं देखा गया
चंपावत विधायक हेमेश खर्कवाल के मुताबिक शारदा नदी में जून माह में इतना पानी कभी नहीं देखा गया। नदी मेे करीब साढ़े चार लाख क्यूसेक पानी आया। रामबाड़ा भी केदारनाथ मार्ग पर एक सुरक्षित पड़ाव था। मंदाकिनी इतना विकराल रूप धारण कर लेगी कोई सोच भी नहीं सकता। कृषि मंत्री हरक सिंह के मुताबिक इस बार की बरसात मे उन पुलियाओं को भी नुकसान पहुंचा है, जिनके क्षतिग्रस्त होने की कल्पना बड़े बूढ़ों ने भी नहीं की थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed