{"_id":"10e4a93a-d57c-11e2-8462-d4ae52bc57c2","slug":"husband-provokes-to-suicide","type":"story","status":"publish","title_hn":"पति ने पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पति ने पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाया
देहरादून/ब्यूरो
Updated Sat, 15 Jun 2013 10:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी पति को अदालत ने सात वर्ष की कैद और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामला क्लेमेंटटाउन थाना क्षेत्र का है। ओगल भट्टा क्लेमेंटटाउन निवासी राजीव कुमार राजपूत की 16 मई, 2004 को गाम सूजापुर मैनपुरी निवासी सुषमा से लव मैरिज हुई थी।
विज्ञापन
दोनो क्लेमेंटटाउन में किराए के मकान में रहते थे। लेकिन, शादी के कुछ समय बाद ही राजीव पत्नी के साथ मारपीट करने लगा। सुषमा से मारपीट कर उसके पैसे और जेवर छीन लिए गए। परिवार में हुए किसी विवाद को लेकर समझौते के लिए भी सुषमा पर दबाव बनाया गया। इस पर तंग आकर सुषमा ने 17 जुलाई, 2005 को पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। सुषमा ने सुसाइड नोट में आपबीती लिख छोड़ी। उसने बताया कि उसके पति ने उससे मारपीट की, उसकी मौत के बाद उसकी पीठ पर चोट के निशान देखे जा सकते हैं।
विज्ञापन
एडीजे चतुर्थ विजयंत कुमार की अदालत में हुई सुनवाई में सरकार की ओर से लड़की के पिता राजेंद्र सिंह, मकान मालिक सपताल तिवारी, एसआई गणेश बौठियाल सहित कुल नौ गवाह पेश किए गए। अभियोजन (पीड़ित परिवार) की ओर से शासकीय अधिवक्ता अशोक उभान ने बताया कि सुषमा के स्कूल की नोट बुक से उसके सुसाइड नोट की राइटिंग का मिलान किया गया, जिसमें सुषमा का सुसाइड नोट सही होने की पुष्टि हुई।
विज्ञापन