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पर्यटकों की जान से खिलवाड़
देहरादून/ब्यूरो
Updated Mon, 10 Jun 2013 11:38 AM IST
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गुच्चू पानी रॉबर्स केव पर्यटन स्थल में शुक्रवार देर शाम बारिश के बाद
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अचानक जलस्तर बढ़ने के बाद फंसे 70 से अधिक पर्यटकों को भले ही ग्रामीणों
और पुलिस के संयुक्त प्रयास से सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन इस घटना ने
यहां सैलानियों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
दरअसल, गुच्चू पानी में हजारों पर्यटकों की आमद के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि पांच साल से यहां लगभग हर साल पर्यटकों के फंसने की घटनाएं सामने आ रही हैं। हर बार बाढ़ के बाद प्रशासन जागता तो है, लेकिन मौके पर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कोई ठोस स्थायी व्यवस्था नहीं की जा रही है।
ऐसे बढ़ता है पानी
गुच्चू पानी में बहने वाली छोटी पहाड़ी नदी मसूरी से आती है। जंगलों से कई छोटे बरसाती नाले भी इस नदी में जुड़ जाते हैं। सैलानी गढ़ी क्षेत्र स्थित पर्यटन स्थल पर पहुंचते हैं, जहां ज्यादा से ज्यादा घुटनों तक ही पानी रहता है। यहीं पर्यटक धोखा खा जाते हैं। दरअसल, बरसात के मौसम में कई बार दून में बारिश नहीं होती, जबकि मसूरी और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में बादल जमकर बरस चुके होते हैं।
जंगलों से छोटे बरसाती नालों के जरिये बड़ी मात्रा में बरसात का पानी नदी में जा मिलता है, जो इसका जलस्तर अचानक बढ़ा देता है। गुच्चू पानी में नदी का रास्ता बेहद संकरा और गुफानुमा है ऐसे में दो ऊंची पहाड़ियों के बीच बहती नदी से निकलना असंभव हो जाता है।
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बंद पड़ा है पर्यटक बूथ
गुच्चू पानी में पर्यटन विभाग की ओर से सैलानियों की सुविधा और जरूरी जानकारी के मकसद से पर्यटन बूथ बनाया तो गया है, लेकिन यह बंद ही रहता है। विभाग के किसी कर्मचारी की यहां तैनाती न होने की वजह से व्यवस्था का पूरा जिम्मा ठेकेदार पर छोड़ दिया गया है। लेकिन ठेके पर रखे कर्मचारी अकसर सैलानियों को सुरक्षा उपायों की जानकारी नहीं देते। ऐसे में पर्यटक नदी में काफी आगे तक चले जाते हैं और फिर उन्हें मुसीबत उठानी पड़ती है।यह बात सही है कि सुरक्षा उपाय अभी कम हैं।
हम कार्ययोजना तैयार कर रहे हैं। कोशिश है कि पूरे क्षेत्र में अलार्म सिस्टम लगाया जाए जो बाढ़ की स्थिति में पहले ही सैलानियों को सतर्क कर सकें। इसके अलावा ठेकेदार को भी निर्देश दिए गए हैं कि पहाड़ पर बारिश होते ही पर्यटकों को रॉबर्स केव से सुरक्षित निकालना शुरू करे। पर्यटन बूथ को भी जल्द खोला जाएगा।
-योगेंद्र गंगवार, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी
दरअसल, गुच्चू पानी में हजारों पर्यटकों की आमद के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि पांच साल से यहां लगभग हर साल पर्यटकों के फंसने की घटनाएं सामने आ रही हैं। हर बार बाढ़ के बाद प्रशासन जागता तो है, लेकिन मौके पर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कोई ठोस स्थायी व्यवस्था नहीं की जा रही है।
ऐसे बढ़ता है पानी
गुच्चू पानी में बहने वाली छोटी पहाड़ी नदी मसूरी से आती है। जंगलों से कई छोटे बरसाती नाले भी इस नदी में जुड़ जाते हैं। सैलानी गढ़ी क्षेत्र स्थित पर्यटन स्थल पर पहुंचते हैं, जहां ज्यादा से ज्यादा घुटनों तक ही पानी रहता है। यहीं पर्यटक धोखा खा जाते हैं। दरअसल, बरसात के मौसम में कई बार दून में बारिश नहीं होती, जबकि मसूरी और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में बादल जमकर बरस चुके होते हैं।
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जंगलों से छोटे बरसाती नालों के जरिये बड़ी मात्रा में बरसात का पानी नदी में जा मिलता है, जो इसका जलस्तर अचानक बढ़ा देता है। गुच्चू पानी में नदी का रास्ता बेहद संकरा और गुफानुमा है ऐसे में दो ऊंची पहाड़ियों के बीच बहती नदी से निकलना असंभव हो जाता है।
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बंद पड़ा है पर्यटक बूथ
गुच्चू पानी में पर्यटन विभाग की ओर से सैलानियों की सुविधा और जरूरी जानकारी के मकसद से पर्यटन बूथ बनाया तो गया है, लेकिन यह बंद ही रहता है। विभाग के किसी कर्मचारी की यहां तैनाती न होने की वजह से व्यवस्था का पूरा जिम्मा ठेकेदार पर छोड़ दिया गया है। लेकिन ठेके पर रखे कर्मचारी अकसर सैलानियों को सुरक्षा उपायों की जानकारी नहीं देते। ऐसे में पर्यटक नदी में काफी आगे तक चले जाते हैं और फिर उन्हें मुसीबत उठानी पड़ती है।यह बात सही है कि सुरक्षा उपाय अभी कम हैं।
हम कार्ययोजना तैयार कर रहे हैं। कोशिश है कि पूरे क्षेत्र में अलार्म सिस्टम लगाया जाए जो बाढ़ की स्थिति में पहले ही सैलानियों को सतर्क कर सकें। इसके अलावा ठेकेदार को भी निर्देश दिए गए हैं कि पहाड़ पर बारिश होते ही पर्यटकों को रॉबर्स केव से सुरक्षित निकालना शुरू करे। पर्यटन बूथ को भी जल्द खोला जाएगा।
-योगेंद्र गंगवार, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी