फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   corbett reserve: forest department lies exposed

कार्बेट रिजर्व: खुल गया वन विभाग का झूठ

Tue, 29 Jan 2013 11:48 AM IST
देहरादून/ब्यूरो
देहरादून/ब्यूरो Updated Tue, 29 Jan 2013 11:48 AM IST
विज्ञापन
corbett reserve: forest department lies exposed

कार्बेट टाइगर रिजर्व में बाघ के शिकार मामले में वन विभाग और रिजर्व प्रशासन का झूठ आखिर खुल ही गया। मौके से मिले मांस की जांच रिपोर्ट को वन विभाग तो दबाने की जुगत में जुटा रहा। लेकिन सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी में भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्लूआईआई) ने साफ कर दिया कि मांस मादा बाघ (बाघिन) का था।

विज्ञापन


इससे साफ हो गया कि रिजर्व में बाघ का ही शिकार किया गया था। कार्बेट पार्क की बिजरानी रेंज में मई 2012 में शिकार का मामला सामने आया था। अमर उजाला ने इसका खुलासा किया था। मौके से वन्यजीव का मांस और खड़के बरामद किए गए थे। शुरुआत से ही आशंका जताई जा रही थी कि यहां बाघों का शिकार किया गया।
विज्ञापन


हालांकि, प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव एसएस शर्मा और निदेशक कार्बेट टाइगर रिजर्व आरके मिश्रा शुरुआत से ही इस बात को नकारते रहे। अधिकारी इस कोशिश में जुटे रहे कि सच सामने न आ सके। वे बार-बार बरामद मांस को हिरन का बताते रहे। मांस को डीएनए जांच के लिए डब्लूआईआई भेजा गया। खास बात यह थी कि डब्लूआईआई तीन जुलाई 2012 को ही जांच रिपोर्ट कार्बेट निदेशक को भेज चुका था, लेकिन विभाग बार-बार रिपोर्ट न मिलने की बात कहता रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन


आठ जनवरी को भाजपा सांसद मेनका गांधी से मुलाकात के दौरान डब्लूआईआई के निदेशक पीआर सिन्हा ने पुष्टि की कि बिजरानी में बाघ का ही शिकार किया गया था। लेकिन, प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव ने तब भी सिन्हा की बात को साफ नकार दिया था। आखिर पीपुल फॉर एनिमल्स (पीएफए) की गौरी मौलेखी ने आरटीआई के तहत डब्लूआईआई से रिपोर्ट की जानकारी मांगी। इसमें पुष्टि की गई है कि कार्बेट से बरामद मांस बाघिन का था।


बिजरानी रेंज में बाघिन के शिकार का मामला वन्यजीव विंग शुरू से छुपाती रही। यह स्थिति बेहद दुखद है। ऐसी कार्यशैली में बदलाव लाना चाहिए।
- डॉ. आरबीएस रावत, प्रमुख वन संरक्षक

प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव और निदेशक कार्बेट टाइगर रिजर्व को हटाने की मांग करेंगे। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। एक बाघिन के मौत का मतलब कई बाघों की मौत है।
- गौरी मौलेखी, पीएफए उत्तराखंड

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed