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करोड़ों लील कर शांत हुई अलकनंदा
श्रीनगर/अभिषेक बहुगुणा
Updated Wed, 19 Jun 2013 11:50 AM IST
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अलकनंदा के रौद्र रूप से सहमे लोगों ने पिछली तीन रातें जाग कर गुजारी हैं। हालांकि अब नदी का क्रोध शांत हो गया है। मगर पीछे छूटे तबाही के मंजर दिल दहलाने वाले हैं। खुशकिस्मती से कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन अलकनंदा के गुस्से ने करोड़ों पर पानी फेर दिया है।
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सदानीरा अलकनंदा के गुस्से का खामियाजा सबसे ज्यादा एसएसबी एकेडमी को भुगतना पड़ा। यहां करीब 100 करोड़ के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा खाद्यान्न एवं रसद आपूर्ति विभाग को 25 लाख का नुकसान हुआ है। भक्तियाना स्थित विभाग के गोदाम से साढ़े सात सौ कुंतल चावल, करीब 600 कुंतल गेहूं पानी में समा गया है।
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रिकॉर्ड और दस्तावेज भी मलबे में दफन
ऑफिस के पूरे रिकॉर्ड और दस्तावेज भी मलबे में दफन हो गए हैं। इंडियन ऑयल के कुकिंग गैस गोदाम को भी नुकसान पहुंचा है और 774 गैस सिलेंडर बह गए हैं। इनमें से करीब 500 घरेलू और 200 कमर्शियल सिलेंडर हैं और गोदाम को भी लाखों का नुकसान पहुंचा है। आईटीआई प्रशासन के मुताबिक सभी रिकॉर्ड भी पानी में बह गए हैं।
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जिला प्रशासन के मुताबिक करीब 80 आवासीय भवनों में 10 फीट तक सिल्ट भर चुकी है। एक करोड़ का नुकसान निजी भवनों को हुआ है। नर्सरी, बाउंड्री वॉल और विभागीय वाहन मलबे में दफन हो गए हैं। ग्रेनेज बिल्डिंग, स्टोर और अन्य सामान को भी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा इंडियन ऑयल केरोसीन डिपो को भी नुकसान पहुंचा है और दो ऑयल टैंकर भी मलबे में दब चुके हैं।
ये हुआ नुकसान (अनुमानित)
एसएसबी एकेडमी-100 करोड़
खाद्यान्न एवं रसद आपूर्ति विभाग-25 लाख
गैस गोदाम-25 लाख
आईटीआई-12 करोड़
रेशम विकास विभाग-54 लाख
निजी भवन-80