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शिशु की मौत पर परिजनों का हंगामा
Dehradun
Updated Tue, 23 Apr 2013 05:30 AM IST
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देहरादून। इलाज के दौरान नवजात शिशु की मौत पर परिजनों ने सोमवार को महंत इंद्रेश अस्पताल में जमकर हंगामा काटा। उन्होंने आरोप लगाया कि शिशु की मौत के कई घंटे बाद तक चिकित्सक उन्हें गुमराह करते रहे। वहीं डाक्टरों ने बताया कि परिजन इलाज के दौरान ही शिशु को लेकर चले गए। कुछ देर बाद वह शिशु को वापस ले आए। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
घटनाक्रम के अनुसार शनिवार को डिफेंस कॉलोनी स्थित राजेंद्र कुमार अपने तीन माह के शिशु सुधांशु को लेकर इलाज के लिए महंत इंद्रेश अस्पताल पहुंचे। सुधांशु बुखार से पीड़ित था। राजेंद्र का आरोप है कि रविवार सुबह डाक्टरों ने उन्हें बताया कि बच्चे की हालत गंभीर है। उसे वेंटिलेटर पर रखना होगा। इसके लिए चार हजार रुपये अग्रिम भुगतान करना होगा। राजेंद्र ने बताया कि वह बिल काउंटर से भुगतान करके वापस आया तो डाक्टरों ने बताया कि सुधांशु की मौत हो गई है। शिशु रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डा. एसके राणा ने बताया कि बच्चे का इलाज सही तरीके से किया जा रहा था, लेकिन सोमवार की सुबह राजेंद्र ने लिखित में आग्रह किया कि वह बच्चे को कहीं और दिखाना चाहता है। अस्पताल से जाने के कुछ ही देर बाद वह वापस आया और बच्चे को दुबारा दाखिल कराने की बात करने लगा। डाक्टरों ने उसका निरीक्षण किया तो उसकी मौत हो चुकी थी।
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घटनाक्रम के अनुसार शनिवार को डिफेंस कॉलोनी स्थित राजेंद्र कुमार अपने तीन माह के शिशु सुधांशु को लेकर इलाज के लिए महंत इंद्रेश अस्पताल पहुंचे। सुधांशु बुखार से पीड़ित था। राजेंद्र का आरोप है कि रविवार सुबह डाक्टरों ने उन्हें बताया कि बच्चे की हालत गंभीर है। उसे वेंटिलेटर पर रखना होगा। इसके लिए चार हजार रुपये अग्रिम भुगतान करना होगा। राजेंद्र ने बताया कि वह बिल काउंटर से भुगतान करके वापस आया तो डाक्टरों ने बताया कि सुधांशु की मौत हो गई है। शिशु रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डा. एसके राणा ने बताया कि बच्चे का इलाज सही तरीके से किया जा रहा था, लेकिन सोमवार की सुबह राजेंद्र ने लिखित में आग्रह किया कि वह बच्चे को कहीं और दिखाना चाहता है। अस्पताल से जाने के कुछ ही देर बाद वह वापस आया और बच्चे को दुबारा दाखिल कराने की बात करने लगा। डाक्टरों ने उसका निरीक्षण किया तो उसकी मौत हो चुकी थी।
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