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शोहदों को पकड़कर ले गई यूपी 100, रास्ते में ही निपटा दिया मामला
Updated Sat, 23 Dec 2017 02:24 AM IST
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योगी सरकार में बेटियां कितनी सुरक्षित हैं, इसकी बानगी शुक्रवार को पीलीभीत बाईपास पर मिली। कोचिंग से आ रही एक छात्रा के साथ शोहदों ने सरेराह छेड़खानी कर दी। सूचना पर पहुंची यूपी-100 की टीम ने शोहदों को गाड़ी में बैठा लिया लेकिन थाने ले जाने के बजाय रास्ते में ही मामला निपटाकर उन्हें छोड़ दिया।
गुरुवार शाम 4:30 बजे पीलीभीत बाईपास के एक मोहल्ले की रहने वाली छात्रा को कोचिंग आते-जाते वक्त कई दिनों से शोहदे परेशान कर रहे थे। उनकी हरकतों से आतंकित छात्रा शुक्रवार को अपने भाई को लेकर कोचिंग गई थी। कोचिंग से लौटते वक्त कुछ शोहदे छात्रा का पीछा करने लगे। कुछ आगे बढ़कर उन्होंने छात्रा पर भद्दे कमेंट करते हुए छेड़छाड़ शुरू की तो छात्रा के भाई ने एक शोहदों को पकड़ लिया। इस पर शोहदा उससे हाथापाई करने लगा। सूचना पर पहुंची यूपी-100 की टीम ने छात्रा, उसके भाई और शोहदों को गाड़ी में बैठा लिया, लेकिन थाने ले जाने के बजाय रास्ते में अपने स्तर से ही मामला निपटाकर शोहदों को छोड़ दिया। दरअसल, भीड़ से किसी ने यूपी-100 टीम में शामिल किसी सिपाही के व्यक्तिगत मोबाइल पर सूचना दी थी। अगर सूचना 100 नबंर पर दी जाती तो यह रिकार्ड में आ जाती और तब मामला रफा-दफा करना मुश्किल होता।
वर्जन
छेड़खानी का मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। थाने तक भी इसकी कोई सूचना नहीं आई है। सौ नंबर से भी कोई सूचना नहीं मिली है।
- उपेंद्र सिंह, इंस्पेक्टर बारादरी
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गुरुवार शाम 4:30 बजे पीलीभीत बाईपास के एक मोहल्ले की रहने वाली छात्रा को कोचिंग आते-जाते वक्त कई दिनों से शोहदे परेशान कर रहे थे। उनकी हरकतों से आतंकित छात्रा शुक्रवार को अपने भाई को लेकर कोचिंग गई थी। कोचिंग से लौटते वक्त कुछ शोहदे छात्रा का पीछा करने लगे। कुछ आगे बढ़कर उन्होंने छात्रा पर भद्दे कमेंट करते हुए छेड़छाड़ शुरू की तो छात्रा के भाई ने एक शोहदों को पकड़ लिया। इस पर शोहदा उससे हाथापाई करने लगा। सूचना पर पहुंची यूपी-100 की टीम ने छात्रा, उसके भाई और शोहदों को गाड़ी में बैठा लिया, लेकिन थाने ले जाने के बजाय रास्ते में अपने स्तर से ही मामला निपटाकर शोहदों को छोड़ दिया। दरअसल, भीड़ से किसी ने यूपी-100 टीम में शामिल किसी सिपाही के व्यक्तिगत मोबाइल पर सूचना दी थी। अगर सूचना 100 नबंर पर दी जाती तो यह रिकार्ड में आ जाती और तब मामला रफा-दफा करना मुश्किल होता।
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छेड़खानी का मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। थाने तक भी इसकी कोई सूचना नहीं आई है। सौ नंबर से भी कोई सूचना नहीं मिली है।
- उपेंद्र सिंह, इंस्पेक्टर बारादरी