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Hindi News ›   Crime ›   Undergraduate engineer arrested in case of embezzlement of Rs 13.50 lakhs under MNREGA in chandauli

यूपी: मनरेगा के 13.50 लाख के गबन के मामले में अवर अभियंता गिरफ्तार, मनमाने तरीके से कराए थे मजदूरों से हस्ताक्षर

Thu, 27 Aug 2020 04:42 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Thu, 27 Aug 2020 04:42 PM IST
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Undergraduate engineer arrested in case of embezzlement of Rs 13.50 lakhs under MNREGA in chandauli
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : अमर उजाला

चंदौली जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के काम में लाखों रुपये का गबन करने वाले वांछित अभियुक्त अवर अभियंता मूलचंद वर्मा को प्रयागराज के विकास खंड मांडा से गिरफ्तार किया गया है। गुरुवार को एसपी ईओडब्ल्यू वाराणसी डी प्रदीप कुमार के निर्देश पर मांडा से निरीक्षक सुनील कुमार वर्मा के नेतृत्व में निरीक्षक चंदप्रकाश त्रिपाठी, आरक्षी शशिकांत सिंह, विनीत पांडेय और रोहित सिंह ने गुरुवार दोपहर में गिरफ्तार कर लिया। अवर अभियंता को एंटी करप्शन कोर्ट वाराणसी में प्रस्तुत किया जाएगा।

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चंदौली जिले में वर्ष 2006-07 के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत विकास खंड चकिया को आवंटित सरकारी कार्य को ठेकेदार और सरकारी मशीनरी ने आपस में मिलीभगत कर लगभग 13.50 लाख रुपये का बंदरबाट कर लिया। इन लोगों के द्वारा मनरेगा के दिशानिर्देशों के अनुरूप कार्य न कराकर मनमाने तरीके से ट्रैक्टर और लेबर का प्रयोग किया गया। साथ ही गांव व आसपास के मजदूरों का नाम मस्टररोल पर अंकित कर फर्जी अंगूठा निशान लगवा लिया गया।
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चंदौली के विकास खंड चकिया के जंगल चुड़िया ग्राम सभा पुरानाडीह के लिए क्षेत्र पंचायत कोष से मनरेगा के अंतर्गत आवंटित धन द्वारा तालाब निर्माण, पोखरा खुदाई, सड़क निर्माण व बंधी निर्माण कार्य शासन के निर्देश पर होना था। इन चिह्नित कार्यो में जिम्मेदार लोगों के द्वारा मजदूरों से कार्य न कराकर उनके स्थान पर ट्रैक्टर और आधुनिक मशीनों का प्रयोग कर अनियमितता की गई।

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साथ ही फर्जी लेबरों का नाम और हस्ताक्षर बनाकर मस्टररोल तैयार किया गया। इस तरह से लगभग 13.50 लाख रुपये सरकारी धन का गबन कर लिया गया।

वादी मुकदमा जंगल चुड़िया निवासी लल्ली राम ने वर्ष 2007 में चंदौली जिले के चकिया थाना में मुकदमा दर्ज कराया था। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वर्ष 2008 में उत्तर प्रदेश शासन ने आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन, वाराणसी को जांच सौंप दी।

ईओडब्ल्यू वाराणसी ने एक नामजद तत्कालीन ब्लॉक प्रमुख पति और ठेकेदार शम्भूनाथ यादव सहित इनकी पत्नी ब्लॉक प्रमुख मंजिला देवी, विकास खंड चकिया के तत्कालीन खंड विकास अधिकारी फूलचंद, ग्राम पंचायत अधिकारी लालजी राम, ग्राम विकास अधिकारी राजेश्वर प्रसाद पाल, तत्कालीन सहायक आंकिक अंजनी कुमार सोनकर और तत्कालीन अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण सेवा मूलचंद वर्मा के विरुद्ध को अपराध में संलिप्त पाया।

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