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पालीटेक्निक छात्र ने हॉस्टल के कमरे में लगाई फांसी
Amarujala Bureau
Updated Mon, 02 Apr 2018 10:57 PM IST
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परिवार में मचा कोहराम
- फोटो : अमर उजाला
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राजकीय पालीटेक्निक में इलेक्ट्रानिक्स एमसीई में तृतीय वर्ष के छात्र ने सोमवार की दोपहर कॉलेज के हास्टल के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। साथी छात्रों ने दरवाजा तोड़कर छात्र को बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया जहां उसे चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। छात्र की आत्महत्या के पीछे उसकी बीमारी व पढ़ाई मुख्य वजह बताई जा रही है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाने के साथ मामले की जांच शुरू की है।
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पुलिस के मुुताबिक जनपद उन्नाव के मकान नंबर 34 मोहल्ला प्रयाग नरायन कोतवाली शहर निवासी विपिन कुमार(21) पुत्र कमलेश कुमार राजकीय पालीटेक्निक का छात्र है। सोमवार को दिन में करीब 11.30 बजे हॉस्टल के कमरे में पंखे से फंदा बनाकर फांसी लगाकर जान दे दी। खिड़की से जब साथी छात्रों ने विपिन का शव लटकता देखा तो आनन-फानन मेें कमरे का दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाला व जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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बाक्स्-
चार छात्रों के साथ रहता था विपिन
विपिन हॉस्टल के कमरे में अपने चार साथियों के साथ रहता था। इसके साथ रहने वाले छात्रों में दुर्गेश कुमार, दीपक व विकास शामिल हैं। साथी छात्रों ने बताया कि सोमवार की सुबह हम लोग नहाने के बाद अपने अपने काम के लिए निकल गए थे, जबकि विपिन कमरे में रुका था इसके बाद उसने कमरे का दरवाजा अंदर से बंदकर फांसी लगा ली। साथी की मौत से छात्रों में शोक है।
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बीमारी व बैक पेपर आने से परेशान था विपिन
मृतक केे पिता कमलेश कुमार ने बताया कि वह उन्नाव में एनजीओ में काम करते है और विपिन उनका इकलौता बेटा था। पिता ने बताया विपिन का इस बार परीक्षा में बैक पेपर आया था जिसके बाद मैने उसे समझा दिया था कि परेशान न हो। बताया रविवार की रात बेटे से फोन पर बात हुई थी तो वह सही से बात कर रहा था। बेटे ने फांसी क्यों लगाई इस बारे में कमलेश कुछ भी बता नहीं पा रहे। वहीं मृतक के रूम पाटनर छात्र विकास गुप्ता व दुर्गेश कुमार ने बताया कि विपिन काफी दिनों से गुमसुम रहता था किसी से ज्यादा बोलता नहीं था। बताया विपिन कहता था कि उसका लीवर खराब है और उस की दवा खाता था। शायद इसी के चलते छात्र द्वारा आत्महत्या करने की बात कही जा रही है।