3 साल की मासूम से रेप, स्कूल की वेबसाइट पर 'रेपिस्ट' को पहचाना
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3 महीने पहले 3 साल की मासूम बच्ची से रेप हुआ था। सबूत न होने पर मां-बाप को पता नहीं चल पा रहा था, आरोपी कौन? स्कूल की वेबसाइट पर चेहरा देख बच्ची पहचान गई। मामला, मुंबई में अंधेरी स्कूल का है। स्कूल के को-फांउडर के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज कराया गया है।
सूत्रों ने मुताबिक, एमआईडीसी पुलिस ने अभी तक इस मामले को हल नहीं किया है। और किसी भी सबूत को खोजने में असमर्थ है इसलिए पुलिस अब मामले को बंद करने की कोशिश कर ही है।
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मई में प्राथमिकी दर्ज की गई थी और इस मामले की अभी भी जांच हो रही है, लेकिन मामले में अबी तक कोई सबूत नहीं मिले हैं। पुलिस का कहना है कि अगर सबूत नहीं मिलते हैं तो मामला बंद करने के लिए एक समरी रिपोर्ट दायर की जा सकती है। एक समरी रिपोर्ट मजिस्ट्रेट के सामने दाखिल की जा सकती है। पुलिस ने बताया कि, कोर्ट को एक अनसुलझे मामले को बंद करने के एक समरी रिपोर्ट दाखिल की जा सकती है।
पुलिस कर रही मामले को दबाने की कोशिश
मिड-डे की रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूल के सह-संस्थापक - फ्रांसीसी मूल के एक आदमी पर बलात्कार का मामला दर्ज किया गया था, सह-संस्थापक ने बच्ची के क्लास टीचर को भी विश्वास में लिया था और क्लास टीचर पर बच्चे की मदद के लिए हस्तक्षेप नहीं करने का आरोप है।
बच्ची के माता-पिता ने अपने बयान में पुलिस को बताया है कि बच्चे के बदलते व्यवहार को देख कर उसकी मां को कुछ संदेह हुआ था। मां ने पूछा कि क्या किसी ने उसे नुकसान पहुंचाया है या उसे गलत तरीके से छुने की कोशिश की है। जब पीड़ित की मां ने विद्यालय की वेबसाइट खोली तो लड़की ने सह-संस्थापक की तस्वीर की ओर इशारा किया।
मामले में पुलिस ने 18 मई को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (2) और पॉस्को एक्ट की धारा 4, 6 और 10 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ऐसे मामलों में दो से तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट करना जरूरी होता है, क्योंकि मेडिकल रिपोर्ट अपराध का पता लगाने में एक प्रमुख भूमिका निभाती हैं। शिकायत के अनुसार, घटना कई महीने पहले हुई थी लेकिन शिकायत मई में दर्ज की गई थी। प्राथमिक चिकित्सा रिपोर्ट में किसी भी चोट की सूचना नहीं दी गई है। स्कूल ने पुलिस को बताया कि स्कूल के रिनोवेशन के दौरान सीसीटीवी कैमरे हटा दिए गए थे। इसलिए घटना के समर्थन में कोई साक्ष्य नहीं मिलता है।
एक अधिकारी ने कहा, पिछले महीने हमने आरोपी का बयान दर्ज किया, जिसमें उन्होंने आरोपों से इनकार कर दिया। जांच अभी भी पुलिस द्वारा की जा रही है। हमने स्कूल के सह-संस्थापक से संपर्क करने के बहुत प्रयास किए लेकिन उनका जवाब नहीं मिला।