बैंक के रिकॉर्ड खंगालेगी पुलिस
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इटावा। कोतवाली में कोर्ट के आदेश के बाद महिंद्रा कंपनी व आईडीबीआई बैंक के अधिकरियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाने के लिए बैंक के रिकॉर्ड भी खंगालेगी। आरोपी बनाए गए बैंक अधिकारियों को भी नोटिस भेजे जा रहे हैं। महेरा चुंगी निवासी व्यवसायी शिव शंकर गुप्ता ने कंपनी व बैंक अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तहरीर के मुताबिक आरोप लगाया था कि वह शक्ति आटो मोबाइल के नाम से ट्रैक्टर बेचने का काम करता है। उसे महिंद्रा एंड महिंद्रा के लखनऊ कार्यालय से फ्रेंचाइजी दी गई थी। वह राजेंद्र आटो व्हील्स से ट्रैक्टर खरीदता था। उसके बाद उसकी कंपनी के अधिकारियों से डीलरशिप के लिए बात हुई जिसमें टेरेटरी मैनेजर जय प्रकाश सिंह ने उसकी फर्म से एक करोड़ पचहत्तर हजार रुपये की बैंक गारंटी मांगी थी।
इसके लिए उसने आईडीबीआई बैंक से महिंद्रा केे लिए गारंटी बनवाई लेकिन बैंक के अधिकरियों ने उसे नुकसान पहुंचाने के लिए एक मई 2017 को एक करोड़ पचहत्तर हजार रुपये की बैंक गारंटी महिंद्रा एंड महिंद्रा के खाते में ट्रांसफर कर दी। आरोप है कि महिंद्रा कंपनी के अलावा बैक के अधिकरियों ने फर्जी कागजात तैयार कराए। जब उसने अधिकरियों से शिकायत की तो उन्होंने उसके साथ गाली गलौज की। शिव शंकर गुप्ता ने महिंद्रा एंड महिंद्रा के डीजीएम गुरमिंदर सिंह, एरिया मैनेजर दिलीप सिंह , टेरेटरी मैनेजर महिंद्रा एंड महिंद्रा जय प्रकाश सिंह के अलावा आईडीबीआई के शाखा प्रबंधक इटावा कृष्ण प्रताप सिंह व लोकेशन प्रमुख आईडीबीआई बैंक क्षेत्रीय कार्यालय कानपुर विकास कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई। कोतवाल राकेश भारती ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। बैंक अधिकारियों को सुबूत नष्ट करने के मामले में आरोपी बनाया गया है। आरोपियों को नोटिस भेजे जा रहे है। मामले की जांच की जा रही है।