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होमवर्क न करने पर मार के डर से भागी पांचवीं की छात्रा
बरेली
Updated Tue, 21 Nov 2017 02:03 AM IST
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सुभाषनगर के एक निजी स्कूल में 5वीं में पढ़ने वाली छात्रा सोमवार दोपहर 11:30 बजे मीरगंज में नेशनल हाईवे किनारे रोती हुई मिली। पुलिस को उसने अपना अपहरण होने की बात बताई तो हड़कंप मच गया। उसने बताया कि स्कूल के सामने से सुबह बोलेरो सवार बदमाशों ने उसका अपहरण कर सीबीगंज के एक मकान में ले गए। वहां से वह किसी तरह भाग निकली और ऑटो से मीरगंज पहुंच गई। पुलिस ने उसकी कहानी सुनने के बाद पड़ताल शुरू की तो छात्रा का झूठ परत दर परत खुलता चला गया। दरअसल छात्रा ने हिंदी का होमवर्क नहीं किया था। पिटाई के डर से वह स्कूल नहीं गई और अपने अपहरण की कहानी गढ़ दी। पुलिस ने छात्रा को परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया है।
बिल्सी (बदायूं) के गांव रिसौली निवासी एक व्यक्ति ने अपनी तीसरे नंबर की बेटी को अच्छी पढ़ाई के लिए नेकपुर की यादव वाली गली में उसकी दादी के साथ रखा है, जबकि वह खुद अपनी पत्नी के साथ बदायूं में रहकर कोल्ड स्टोरेज में काम करता है। छात्रा की बुआ सोमवार सुबह 7.40 बजे स्वदेश भूषण पब्लिक स्कूल के बाहर उसे और अपनी बेटी को छोड़कर गई थीं। करीब 11.30 बजे बुआ के पास मीरगंज थाने से फोन पहुंचा कि छात्रा नेशनल हाईवे किनारे रोते हुए मिली है। इस पर परिवार के लोग तुरंत मीरगंज पहुंचे। छात्रा ने मीरगंज पुलिस को बताया कि अपहरण के बाद सीबीगंज के जिस मकान में उसे रखा गया, वहां पहले से कुछ और बच्चे बंधक थे। मीरगंज पुलिस ने इसके बाद सूचना देकर सुभाषनगर पुलिस को बुला लिया और फिर बोलेरो सवार बदमाशों की तलाश में जुट गई।
सीओ ने प्यार से पूछा तो बताया सच
सीओ द्वितीय सीमा यादव और सुभाषनगर थाना प्रभारी कृष्ण मुरारी दोहरे के सामने छात्रा करीब डेढ़ घंटे तक अपना अपहरण होने के बयान पर कायम रही। स्कूल सेे पता चला कि वह पिछले महीने सिर्फ 10 दिन स्कूल पहुंची है। सीओ ने जब अकेले में छात्रा को चाकलेट देकर प्यार जताते हुए पूछताछ की तो उसने बताया कि होमवर्क न हो पाने की वजह से डरकर स्कूल नहीं गई। सीबीगंज जा रहे ऑटो में बैठ गई थी। सीबीगंज में उतरने के बाद वह दूसरे ऑटो में बैठकर मीरगंज पहुंच गई। हुरहुरी चौराहे के पास उसे स्कूल यूनिफार्म में भटकते देख कुछ लोगों ने मीरगंज पुलिस को खबर कर दी थी।
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स्कूल जाती तो टीचर स्केल से मारतीं
सुबह अफवाह उड़ी कि स्कूल से तीन बच्चियां गायब हैं। पुलिस नेे पता किया तो प्रिंसिपल राकेश यादव ने रिकार्ड चेेक करके पांचवीं की एक छात्रा के गायब होने की बात कही। सीओ की पूछताछ में छात्रा ने बताया कि हिंदी का होमवर्क पूरा न होने पर टीचर स्केल से पीटती हैं। मार सेे बचनेे केे लिए ही वह स्कूल जाने के बजाय वहां से भाग निकली थी।
क्राइम पेट्रोल देखकर आया आइडिया
सुभाषनगर पुलिस को छात्रा ने एक अलग कहानी सुनाई। बताया, बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाश स्कूल के बाहर उसके पास पहुंचे थे और अपहरण कर लिया। बाद में सच सामने आने पर जब सीओ ने छात्रा से पूछा कि उसे अपहरण की कहानी गढ़ने का आइडिया कैसे आया तो वह बोली, हाल ही में टीवी पर क्राइम पेट्रोल सीरियल में ऐसा ही एक मामला देखा था।
बच्ची पर ध्यान देते तो न भागती
गुरु ग्राम के रेयान स्कूल में छात्र प्रद्युम्न की हत्या के बाद छात्रों से संबंधित मामलों में पुलिस बेहद गंभीरता बरत रही है। सीओ के मुताबिक, अभिभावक अब भी बच्चों के मामले में उतने संजीदा नहीं हैं। अगर घरवाले ध्यान देते तो उन्हें पता चल जाता कि बच्ची एक महीने में आखिर 10 दिन ही स्कूल क्यों गई। बाकी समय वह कहां रही। अगर बच्ची गलत हाथों में पड़ जाती तो उसकी गढ़ी कहानी इससे भी ज्यादा भयावह हो सकती थी।
घटना शुरू से संदिग्ध प्रतीत हो रही थी। सीओ द्वितीय को जांच में लगाया गया था। दोपहर तक सामने आया कि बच्ची खुद का बचाव करने के लिए पुलिस और परिवार को गुमराह कर रही है। बुआ को लिखा-पढ़ी में छात्रा सुपुर्द कर दी है।
- रोहित सिंह सजवाण, एसपी सिटी
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बिल्सी (बदायूं) के गांव रिसौली निवासी एक व्यक्ति ने अपनी तीसरे नंबर की बेटी को अच्छी पढ़ाई के लिए नेकपुर की यादव वाली गली में उसकी दादी के साथ रखा है, जबकि वह खुद अपनी पत्नी के साथ बदायूं में रहकर कोल्ड स्टोरेज में काम करता है। छात्रा की बुआ सोमवार सुबह 7.40 बजे स्वदेश भूषण पब्लिक स्कूल के बाहर उसे और अपनी बेटी को छोड़कर गई थीं। करीब 11.30 बजे बुआ के पास मीरगंज थाने से फोन पहुंचा कि छात्रा नेशनल हाईवे किनारे रोते हुए मिली है। इस पर परिवार के लोग तुरंत मीरगंज पहुंचे। छात्रा ने मीरगंज पुलिस को बताया कि अपहरण के बाद सीबीगंज के जिस मकान में उसे रखा गया, वहां पहले से कुछ और बच्चे बंधक थे। मीरगंज पुलिस ने इसके बाद सूचना देकर सुभाषनगर पुलिस को बुला लिया और फिर बोलेरो सवार बदमाशों की तलाश में जुट गई।
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सीओ ने प्यार से पूछा तो बताया सच
सीओ द्वितीय सीमा यादव और सुभाषनगर थाना प्रभारी कृष्ण मुरारी दोहरे के सामने छात्रा करीब डेढ़ घंटे तक अपना अपहरण होने के बयान पर कायम रही। स्कूल सेे पता चला कि वह पिछले महीने सिर्फ 10 दिन स्कूल पहुंची है। सीओ ने जब अकेले में छात्रा को चाकलेट देकर प्यार जताते हुए पूछताछ की तो उसने बताया कि होमवर्क न हो पाने की वजह से डरकर स्कूल नहीं गई। सीबीगंज जा रहे ऑटो में बैठ गई थी। सीबीगंज में उतरने के बाद वह दूसरे ऑटो में बैठकर मीरगंज पहुंच गई। हुरहुरी चौराहे के पास उसे स्कूल यूनिफार्म में भटकते देख कुछ लोगों ने मीरगंज पुलिस को खबर कर दी थी।
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स्कूल जाती तो टीचर स्केल से मारतीं
सुबह अफवाह उड़ी कि स्कूल से तीन बच्चियां गायब हैं। पुलिस नेे पता किया तो प्रिंसिपल राकेश यादव ने रिकार्ड चेेक करके पांचवीं की एक छात्रा के गायब होने की बात कही। सीओ की पूछताछ में छात्रा ने बताया कि हिंदी का होमवर्क पूरा न होने पर टीचर स्केल से पीटती हैं। मार सेे बचनेे केे लिए ही वह स्कूल जाने के बजाय वहां से भाग निकली थी।
क्राइम पेट्रोल देखकर आया आइडिया
सुभाषनगर पुलिस को छात्रा ने एक अलग कहानी सुनाई। बताया, बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाश स्कूल के बाहर उसके पास पहुंचे थे और अपहरण कर लिया। बाद में सच सामने आने पर जब सीओ ने छात्रा से पूछा कि उसे अपहरण की कहानी गढ़ने का आइडिया कैसे आया तो वह बोली, हाल ही में टीवी पर क्राइम पेट्रोल सीरियल में ऐसा ही एक मामला देखा था।
बच्ची पर ध्यान देते तो न भागती
गुरु ग्राम के रेयान स्कूल में छात्र प्रद्युम्न की हत्या के बाद छात्रों से संबंधित मामलों में पुलिस बेहद गंभीरता बरत रही है। सीओ के मुताबिक, अभिभावक अब भी बच्चों के मामले में उतने संजीदा नहीं हैं। अगर घरवाले ध्यान देते तो उन्हें पता चल जाता कि बच्ची एक महीने में आखिर 10 दिन ही स्कूल क्यों गई। बाकी समय वह कहां रही। अगर बच्ची गलत हाथों में पड़ जाती तो उसकी गढ़ी कहानी इससे भी ज्यादा भयावह हो सकती थी।
घटना शुरू से संदिग्ध प्रतीत हो रही थी। सीओ द्वितीय को जांच में लगाया गया था। दोपहर तक सामने आया कि बच्ची खुद का बचाव करने के लिए पुलिस और परिवार को गुमराह कर रही है। बुआ को लिखा-पढ़ी में छात्रा सुपुर्द कर दी है।
- रोहित सिंह सजवाण, एसपी सिटी