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गैर इरादतन हत्या में 10 साल कैद, जुर्माना भी ठोका
बदायूं, ब्यूरो
Updated Tue, 06 Dec 2016 11:34 PM IST
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इस्लामनगर थाने में पांच साल पहले हुई थी वारदात
स्पेशल जज ईसी एक्ट भूदेव गौतम ने गैर इरादतन हत्या के मामले में नामजद आरोपी को दोषी करार दिया है। उसे 10 साल कैद और पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
घटना इस्लामनगर थाने के गांव दजरामपुर में 25 जनवरी को हुई थी। गांव के लल्लू सिंह पुत्र बलवीर सिंह ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके खेत और आरोपी प्रमोद पुत्र रामप्रसाद, अशर्फी, हरपाल के खेत पास-पास हैं। घटना वाले दिन वह अपने खेत पर गया था। बराबर के खेत में आरोपी प्रमोद, अशर्फी, हरपाल और मदनलाल भी काम कर रहे थे। आरोपियों ने उसके खेत की मेड़ काट ली थी। विरोध करने पर आरोपियों ने उसे लाठी-डंडों से पीटा। इससे उसे गंभीर चोटें आईं। बाद में इलाज के दौरान वादी लल्लू सिंह की मौत हो गई। विद्वान न्यायाधीश भूदेव गौतम ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से पैरवी एडीजीसी मुकेश यादव ने की। दोनों पक्षों के वकीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने प्रमोद को गैर इरादतन हत्या में दोषी पाया। उसे 10 साल कैद और पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। बाकी के आरोपियों को पहले ही सजा हो चुकी है।
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स्पेशल जज ईसी एक्ट भूदेव गौतम ने गैर इरादतन हत्या के मामले में नामजद आरोपी को दोषी करार दिया है। उसे 10 साल कैद और पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
घटना इस्लामनगर थाने के गांव दजरामपुर में 25 जनवरी को हुई थी। गांव के लल्लू सिंह पुत्र बलवीर सिंह ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके खेत और आरोपी प्रमोद पुत्र रामप्रसाद, अशर्फी, हरपाल के खेत पास-पास हैं। घटना वाले दिन वह अपने खेत पर गया था। बराबर के खेत में आरोपी प्रमोद, अशर्फी, हरपाल और मदनलाल भी काम कर रहे थे। आरोपियों ने उसके खेत की मेड़ काट ली थी। विरोध करने पर आरोपियों ने उसे लाठी-डंडों से पीटा। इससे उसे गंभीर चोटें आईं। बाद में इलाज के दौरान वादी लल्लू सिंह की मौत हो गई। विद्वान न्यायाधीश भूदेव गौतम ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से पैरवी एडीजीसी मुकेश यादव ने की। दोनों पक्षों के वकीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने प्रमोद को गैर इरादतन हत्या में दोषी पाया। उसे 10 साल कैद और पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। बाकी के आरोपियों को पहले ही सजा हो चुकी है।
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