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जांच में खुली पोल, 145 ग्राम पंचायतों में चल रही थी घोटालेबाजी
डिजिटल टीम/अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 15 Sep 2016 12:55 PM IST
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कानपुर में बड़ा घोटाला सामने आया है। 14वें वित्त आयोग के बजट में गड़बड़ी से पर्दा उठा तो पता चला 145 ग्राम पंचायतों में डेढ़ करोड़ रुपए का गवन किया गया है। यह पैसा गांवों में विकास कार्यों के लिए मिला था। इस घोटाले को ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी ने मिलीभगत कर अंजाम दिया। जानकारी के मुताबिक दोनों ने बजट बैंक खातों से यह पैसा उड़ाया है।
जानकारी के मिलते ही सीडीओ ने जांच के आदेश दिए हैं। तीन सदस्यीय जांच कमेटी को दस दिनों में रिपोर्ट देने को कहा गया है। इस पैसे से गावों में सड़क, नाली, खड़ंजा, पुनर्निर्माण, स्ट्रीट लाइट इत्यादि लगाए जाने थे।
नियम है कि ग्राम पंचायत विकास कार्य का प्रस्ताव बनाकर बीडीओ के माध्यम से जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) को भेजेगा। डीपीआरओ प्रस्ताव का अनुमोदन कर सीडीओ के पास भेजेंगे। सीडीओ परीक्षण कराकर इसे डीएम के पास भेजेंगे। वहां से अनुमोदन के बाद काम कराकर रुपयों का भुगतान होता है।
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बिना अनुमोदित फाइलें देख ठनका सीडीओ का माथा
कुछ दिनों पहले सीडीओ अरुण कुमार 14वें वित्त आयोग के खर्च बजट की जानकारी ले रहे थे। उनके सामने कई ऐसी फाइलें आईं जिन पर अनुमोदन नहीं लिया गया था लेकिन रुपये निकाल लिए गए थे। इसके बाद सीडीओ ने जांच कराई तो मामला खुल गया।
कानपुर नगर सीडीओ अरुण कुमार ने कहा दस दिनों में रिपोर्ट आने के बाद जो भी मामले में दोषी पाया गया उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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जानकारी के मिलते ही सीडीओ ने जांच के आदेश दिए हैं। तीन सदस्यीय जांच कमेटी को दस दिनों में रिपोर्ट देने को कहा गया है। इस पैसे से गावों में सड़क, नाली, खड़ंजा, पुनर्निर्माण, स्ट्रीट लाइट इत्यादि लगाए जाने थे।
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नियम है कि ग्राम पंचायत विकास कार्य का प्रस्ताव बनाकर बीडीओ के माध्यम से जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) को भेजेगा। डीपीआरओ प्रस्ताव का अनुमोदन कर सीडीओ के पास भेजेंगे। सीडीओ परीक्षण कराकर इसे डीएम के पास भेजेंगे। वहां से अनुमोदन के बाद काम कराकर रुपयों का भुगतान होता है।
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बिना अनुमोदित फाइलें देख ठनका सीडीओ का माथा
कुछ दिनों पहले सीडीओ अरुण कुमार 14वें वित्त आयोग के खर्च बजट की जानकारी ले रहे थे। उनके सामने कई ऐसी फाइलें आईं जिन पर अनुमोदन नहीं लिया गया था लेकिन रुपये निकाल लिए गए थे। इसके बाद सीडीओ ने जांच कराई तो मामला खुल गया।
कानपुर नगर सीडीओ अरुण कुमार ने कहा दस दिनों में रिपोर्ट आने के बाद जो भी मामले में दोषी पाया गया उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।