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Hindi News ›   Crime ›   Arrested illegal partner with fellow builder

अवैध असलहा बनाने वाला साथी सहित गिरफ्तार

Fri, 16 Mar 2018 11:59 PM IST
fatehpur
fatehpur Updated Fri, 16 Mar 2018 11:59 PM IST
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Arrested illegal partner with fellow builder
पुलिस लाइन में आरोपियों की जानकारी देते एएसपी। - फोटो : amarujala

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फतेहपुर। सुल्तानपुर घोष थाने के अल्लीपुर भादर गांव में पुलिस ने असलहा बनाने की फैक्ट्री पकड़ी है। इससे मास्टरमाइंड वृद्ध व उसके साथी को दबोचा गया। पुलिस ने यहां से उपकरण, बने व अधबने तमंचे बरामद किए हैं। खास बात यह है कि यदि जरूरी सामान है तो वृद्ध दस से पंद्रह मिनट में एक तमंचा तैयार कर देता है। इसे इस अवैध कारोबार में छठवीं बार पकड़ा गया है। पूछताछ के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।
पुलिस लाइन में अपर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि थाना प्रभारी सच्चिदानंद त्रिपाठी ने फोर्स के साथ अल्लीपुर भादर गांव में जयलाल लोधी के नलकूप में छापेमारी की। जयलाल और उसके साथी अदालत विश्वकर्मा को दबोचा गया। अदालत खागा कोतवाली के टेकारी गांव का निवासी है। मौके पर दोनों तैयार तमंचों को देख परख रहे थे। छप्पर के नीचे तमंचा बनाने का सामान, अर्धनिर्मित तमंचे और कारतूस बरामद हुए। दोनों आरोपियों को असलहा फैक्ट्री संचालन के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाला। अदालत विश्वकर्मा के असलहा फैक्ट्री संचालन में छठवीं बार पकड़े जाने की बात सामने आई। उस पर मारपीट व जानलेवा हमले के दो मामले दर्ज हैं। दो बार बाइक से असलहे बेचने जाते वक्त पुलिस उसे पकड़ चुकी है। एक बार मिनी गुंडा एक्ट में और दो बार तमंचे के साथ पकड़ा जा चुका है। कुल 11 मामले आरोपी पर दर्ज हैं। उसने सैकड़ों की तादाद में अवैध असलहे बनाकर बेचना कबूल किया है। उसका साथी जयलाल लोधी तीसरी बार पकड़ा गया है। पुलिस को मौके से लोहे की भट्ठी, पांच तमंचे की लोहे की नाल, दो हथौड़ी, तीन रेती, नट, बोल्ट, रिपिट, कील भी मिली हैं।
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इनसेट
बुढ़ापे में भी नहीं छोड़ा अपराध
आरोपी अदालत की उम्र करीब 60 साल हो गई है। इसके बावजूद उसने कारोबार नहीं छोड़ा है। वह सबसे पहले मारपीट में 1985 में पकड़ा गया था। उसके बाद तमंचे के साथ सन् 1987, 1990, असलहा फैक्ट्री के साथ 2000 में पकड़ा गया। 2003 में दो बार असलहा फैक्ट्री संचालन, 2010 में जानलेवा हमले के मामले, 2013 में तमंचे के साथ, 2018 में दूसरी बार असलहा फैक्ट्री के साथ पकड़ा गया है।
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पहले डेढ़ सौ रुपये में अब मिलते दो हजार
आरोपी अदालत ने बताया कि करीब 25 साल पहले असलहा 150 रुपये में बेचता था। अब असलहे दो से ढाई हजार रुपये में बिक जाते हैं। फैक्ट्री में सारा सामान होने पर करीब दस मिनट में एक तमंचा तैयार कर देता है।
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