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क्राइम शो से आइडिया ले 9 साल के बच्चे ने किया खुद का अपहरण, देखें क्या निकली सच्चाई
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Updated Sat, 20 May 2017 01:26 AM IST
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खुद की किडनैपिंग की साजिश
- फोटो : Demo Pic
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टीवी पर क्राइम शो देखने में भले आपको अच्छे लगते हों, लेकिन कच्ची उम्र में इंसानी दिमाग पर नफरत, बदला लेने और उसका तरीका सीखने का कितनी तेजी से असर होता है। ये 9 सात के बच्चे के इस आइडिया से समझ सकते हैं। टीवी चैनलों पर प्रसारित कार्यक्रमों से बच्चों को क्या सीख मिलती है, पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र ने इसका अजीब उदाहरण पेश किया है। अमृतसर के खूहसुनयारियां (लोहगढ़) के रहने वाले छात्र ने स्कूल से मिले रिपोर्ट कार्ड को परिजनों को दिखाने से बचने के लिए खुद के अपहरण का ड्रामा रच डाला।
ऐसे में तीन घंटे तक पुलिस इधर से उधर दौड़ती रही, लेकिन सच्चाई तब सामने आई जब बच्चे ने कबूल किया कि उसने यह ड्रामा खुद ही रचा। उसके मन में ऐसा करने का आइडिया एक टीवी चैनल पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रम को देखकर आया। थाना डी डिवीजन की पुलिस को सूचना मिली थी कि खूहसुनयारियां स्थित एक प्राइवेट स्कूल के पांचवीं कक्षा के छात्र का तीन लोगों ने अपहरण करने की कोशिश की। छात्र अपहरणकर्ताओं के चंगुल से भागकर घर पहुंचा है।
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ऐसे में तीन घंटे तक पुलिस इधर से उधर दौड़ती रही, लेकिन सच्चाई तब सामने आई जब बच्चे ने कबूल किया कि उसने यह ड्रामा खुद ही रचा। उसके मन में ऐसा करने का आइडिया एक टीवी चैनल पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रम को देखकर आया। थाना डी डिवीजन की पुलिस को सूचना मिली थी कि खूहसुनयारियां स्थित एक प्राइवेट स्कूल के पांचवीं कक्षा के छात्र का तीन लोगों ने अपहरण करने की कोशिश की। छात्र अपहरणकर्ताओं के चंगुल से भागकर घर पहुंचा है।
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खुद के अपहरण का ड्रामा, लेकिन चेहरे पर खौफ तक नहीं
खुद के किडनैपिंग की साजिश का प्लान
- फोटो : Demo Pic
पुलिस ने आनन-फानन में जब मामले की जांच शुरू की तो पहली ही नजर में पुलिस को दाल में काला लगा। जिस बच्चे ने खुद के अपहरण का ड्रामा रचा था, उसके चेहरे पर खौफ के निशान नहीं थे। जबकि बच्चे के परिजन इतनी हैसियत वाले नहीं थे कि उसका अपहरण फिरौती के लिए किया जा सके। पुलिस सारे पहलुओं पर जांच कर ही रही थी कि इसी बीच बच्चे का बैग स्कूल के बगल में बने पार्क से बरामद हुआ।
तब पुलिस का शक और यकीन में बदल गया। पुलिस की सोच थी कि अपहरण करने वाले भीड़ वाले इलाके में ऐसी वारदात को अंजाम नहीं दे सकते। पुलिस ने जब बच्चे से प्यार से पूछताछ शुरू की और सीसीटीवी का फुटेज खंगाला तो मामले की असलियत से पर्दा उठा गया।
मामा के डर से बताई झूठी घटना :
झूठ पकड़ में आने पर बच्चे ने बताया कि इस बार नंबर अच्छे नहीं आए थे, पिता बीमार रहते हैं। मां रोती रहती है। मामा घर आए हुए हैं, मैंने सोचा मुझे डांटेंगे इसीलिए बैग फेंक आया था और मां से झूठ बोला था कि तीन लोग मुझे किडनैप करके ले गए थे, मैं उनके कब्जे से भागकर आया हूं। यह सुनने के बाद पूरे इलाके में नौ साल के इस बच्चे के अपहरण की कहानी पर कहानियां गढ़ी जाने लगी।
तब पुलिस का शक और यकीन में बदल गया। पुलिस की सोच थी कि अपहरण करने वाले भीड़ वाले इलाके में ऐसी वारदात को अंजाम नहीं दे सकते। पुलिस ने जब बच्चे से प्यार से पूछताछ शुरू की और सीसीटीवी का फुटेज खंगाला तो मामले की असलियत से पर्दा उठा गया।
मामा के डर से बताई झूठी घटना :
झूठ पकड़ में आने पर बच्चे ने बताया कि इस बार नंबर अच्छे नहीं आए थे, पिता बीमार रहते हैं। मां रोती रहती है। मामा घर आए हुए हैं, मैंने सोचा मुझे डांटेंगे इसीलिए बैग फेंक आया था और मां से झूठ बोला था कि तीन लोग मुझे किडनैप करके ले गए थे, मैं उनके कब्जे से भागकर आया हूं। यह सुनने के बाद पूरे इलाके में नौ साल के इस बच्चे के अपहरण की कहानी पर कहानियां गढ़ी जाने लगी।