फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Crime ›   पुलिस और दमकल के छापे में करीब चार लाख रुपये मूल्य के पटाखे बरामद

पुलिस और दमकल के छापे में करीब चार लाख रुपये मूल्य के पटाखे बरामद

Fri, 02 Nov 2018 02:53 AM IST
Updated Fri, 02 Nov 2018 02:53 AM IST
विज्ञापन
छापे में करीब चार लाख रुपये के पटाखे बरामद
विज्ञापन

सरायतरीन के मंगलपुरा में जनरल स्टोर में बेचे जा रहे थे पटाखे
अमर उजाला ब्यूरो
संभल/सरायतरीन। पुलिस और दमकल की टीम ने सरायतरीन के मंगलपुरा में छापा मारकर जनरल स्टोर के पीछे बने गोदाम से करीब चार लाख रुपये के बरामद किए हैं। जनरल स्टोर से पटाखे बेचे जा रहे थे। यह भीड़ भाड़ वाला इलाका है। अगर विस्फोट होता तो हानि हो सकती थी। गोदाम में न तो अग्निशमन के उपाय किए गए थे और न ही पटाखा बिक्री या भंडारण की अनुमति ली गई थी।
दीपावली से पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कराने के लिए प्रशासन ने सख्ती का तेवर दिखाया है। नगर पालिका और कुरुक्षेत्र के मैदान में पटाखे बेचने पर रोक लगा दी गई। अब हिंद इंटर कॉलेज को स्थान के तौर पर तय किया गया है। जबकि अवैध तरीके से भंडारित आतिशबाजी और उसके विक्रय पर प्रशासन और दमकल की नजर है। संभल के सरायतरीन स्थित मंगलपुरा में गुरुवार को दोपहर मुख्य अग्नि शमन अधिकारी प्रताप सिंह ने छापा मारा। कोतवाली और हयातनगर थाने की पुलिस साथ में थी। गांधी स्पोर्ट्स एंड जनरल स्टोर में अवैध तरीके से पटाखे बेचे जा रहे थे। पुलिस ने छापे के दौरान करीब चार लाख रुपये मूल्य के पटाखे बरामद किए हैं। इन्हें दीपावली पर बेचा जाना था। विक्रेता के पास कोई लाइसेंस नहीं था। इसलिए पटाखे पुलिस ने कब्जे में लिए हैं। हयातनगर थाने के प्रभारी निरीक्षक बृजमोहन गिरी ने बताया कि बरामद पटाखों की कीमत करीब चार लाख है। थाने के हेड कांस्टेबल प्रोन्न्त वेतनमान राजेंद्र सिंह ने जनरल स्टोर के स्वामी कैलाश वार्ष्णेय के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है। कैलाश को मौके से गिरफ्तार किया गया है।
विज्ञापन


विरोध के अंदेशे में प्रशासन को दी गई थी जानकारी
संभल। विरोध के अंदेशे में पुलिस और दमकल विभाग ने स्थानीय प्रशासन को छापे के विषय में जानकारी दी थी। एसडीएम ने सीओ को अवगत कराया। इसके बाद दो थानों की पुलिस छापे के लिए भेजी गई। छापे से पहले इसे गुप्त रखा गया था। क्योंकि सूचना लीक होने पर पटाखे मौके से हटाए जा सकते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


असरदार लोगों ने किया छुड़वाने का प्रयास
संभल। कुछ असरदार लोगों ने पटाखा विक्रेता को छुड़वाने का प्रयास किया लेकिन प्रशासन ने एक नहीं सुनी। प्रशासन ने कहा कि अगर विस्फोट होता तो बड़ा हादसा होता। ऐसी लापरवाही के मामले में किसी को छोड़ा कैसे जा सकता है? इस पर सिफारिश करने वाले पीछे हट गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed