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भारत बनाम न्यूजीलैंड: 99 रन लुटाए, मिला सिर्फ एक विकेट! भुवनेश्वर की वापसी नहीं रही दमदार, क्या बोले मोर्केल?
Mon, 26 Oct 2026 01:13 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, वेलिंगटन
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, वेलिंगटन
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Mon, 26 Oct 2026 01:13 PM IST
सार
भारतीय गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में प्रिंस यादव को मयंक यादव पर तरजीह देने की वजह बताई। उन्होंने इसे रणनीतिक फैसला बताया और कहा कि मयंक का प्रदर्शन इसका कारण नहीं था। मोर्कल के मुताबिक, युवा मयंक को अपनी गेंदबाजी की योजना और उसे लागू करने के तरीके को समझने के लिए समय चाहिए।
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गंभीर, मोर्कल और भुवनेश्वर
- फोटो : ANI
विस्तार
भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में भले ही 2-0 की बढ़त हासिल कर ली हो, लेकिन भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है। खासतौर पर भुवनेश्वर दोनों मैचों में महंगे साबित हुए हैं। उन्होंने दो मैचों में आठ ओवर गेंदबाजी की और 99 रन लुटाए, लेकिन उन्हें सिर्फ एक विकेट हासिल हुआ। आईपीएल में और घरेलू टूर्नामेंट में अपनी दमदार गेंदबाजी के दम पर चार साल बाद वापसी करने वाले भुवनेश्वर के लिए दो मैच कुछ खास नहीं रहे हैं। अब उनके प्रदर्शन को लेकर गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल का बयान आया है। मोर्कल ने 36 साल के भुवनेश्वर को किसी लक्ष्य का पीछा न करने और अपने नैसर्गिक खेल खेलने की सलाह दी है। साथ ही उन्हें यह भी भरोसा दिया है कि उन्हें टीम में अपने पैर जमाने के लिए कुछ मैचों में मौका दिया जाएगा।
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भुवनेश्वर कुमार
- फोटो : IANS
भुवनेश्वर ने दो मैचों में झटके सिर्फ एक विकेट
36 साल के भुवनेश्वर ने 2025 और 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई थी। आईपीएल 2026 में भुवनेश्वर ने 16 मैचों में 28 विकेट लिए थे। हालांकि, न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 में उन्होंने चार ओवर में बिना विकेट लिए 49 रन खर्च किए, वहीं दूसरे टी20 में 50 रन देकर एक विकेट लिया। स्विंग मास्टर के नाम से मशहूर इन दो मैचों में अपने नाम के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। इस पर मोर्कल ने कहा कि भुवनेश्वर पर वापसी का काफी दबाव है और चार साल बाद वापसी के लिए उन्हें जमकर मेहनत करनी पड़ी है।
36 साल के भुवनेश्वर ने 2025 और 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई थी। आईपीएल 2026 में भुवनेश्वर ने 16 मैचों में 28 विकेट लिए थे। हालांकि, न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 में उन्होंने चार ओवर में बिना विकेट लिए 49 रन खर्च किए, वहीं दूसरे टी20 में 50 रन देकर एक विकेट लिया। स्विंग मास्टर के नाम से मशहूर इन दो मैचों में अपने नाम के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। इस पर मोर्कल ने कहा कि भुवनेश्वर पर वापसी का काफी दबाव है और चार साल बाद वापसी के लिए उन्हें जमकर मेहनत करनी पड़ी है।
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मोर्कल
- फोटो : ANI
भुवनेश्वर को लेकर क्या बोले मोर्कल?
मोर्कल ने कहा, 'मुझे उनकी वापसी को लेकर पूरी सहानुभूति है। आपको पता है कि इसकी वजह क्या है। उन्होंने चार साल बाद वापसी की है और उन पर उम्मीदों का बोझ है। उन्होंने आईपीएल में शानदार प्रदर्शन किया है। भुवी को अपने मन से उम्मीदों के बोझ को निकालना होगा। उन्होंने कई महीनों तक कड़ी मेहतन की है, ट्रेनिंग की है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खेलना और प्रदर्शन करना अलग बात है। यहां गलती करने की गुंजाइश कम है। उन्हें वापसी के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ट्रेनिंग के लिए बहुत कम वक्त मिला।'
'भुवी को पैर जमाने का मिलेगा पूरा मौका'
मोर्कल ने कहा, 'हम सब जानते हैं कि उनके पास स्किल है, उनके पास अनुभव है, सबकुछ है, लेकिन हमें इस खेल की इज्जत करनी चाहिए। जो परिणाम है, उसे भूलकर आगे निकलना चाहिए। साथ ही उन्हें अपने पैर जमाने के लिए पूरे मौके भी मिलने चाहिए। मैंने शुरुआत से ही भुवनेश्वर को यही मैसेज दिया है कि उन्हें मौका मिलेगा। उन्हें कुछ भी चेज करने की जरूरत नहीं है। मैंने उनसे कहा है कि वह बस भुवनेश्वर रहें। कुछ और बनने की कोशिश न करें। हां उन पर दबाव है, पर मैं जानता हूं कि वह हर गेम के साथ बेहतर होते जाएंगे और अपनी लय ढूंढ लेंगे। आपको बाहरी शोर और आलोचनाओं को सुनने की जरूरत नहीं हैं।'
मोर्कल ने कहा, 'मुझे उनकी वापसी को लेकर पूरी सहानुभूति है। आपको पता है कि इसकी वजह क्या है। उन्होंने चार साल बाद वापसी की है और उन पर उम्मीदों का बोझ है। उन्होंने आईपीएल में शानदार प्रदर्शन किया है। भुवी को अपने मन से उम्मीदों के बोझ को निकालना होगा। उन्होंने कई महीनों तक कड़ी मेहतन की है, ट्रेनिंग की है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खेलना और प्रदर्शन करना अलग बात है। यहां गलती करने की गुंजाइश कम है। उन्हें वापसी के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ट्रेनिंग के लिए बहुत कम वक्त मिला।'
'भुवी को पैर जमाने का मिलेगा पूरा मौका'
मोर्कल ने कहा, 'हम सब जानते हैं कि उनके पास स्किल है, उनके पास अनुभव है, सबकुछ है, लेकिन हमें इस खेल की इज्जत करनी चाहिए। जो परिणाम है, उसे भूलकर आगे निकलना चाहिए। साथ ही उन्हें अपने पैर जमाने के लिए पूरे मौके भी मिलने चाहिए। मैंने शुरुआत से ही भुवनेश्वर को यही मैसेज दिया है कि उन्हें मौका मिलेगा। उन्हें कुछ भी चेज करने की जरूरत नहीं है। मैंने उनसे कहा है कि वह बस भुवनेश्वर रहें। कुछ और बनने की कोशिश न करें। हां उन पर दबाव है, पर मैं जानता हूं कि वह हर गेम के साथ बेहतर होते जाएंगे और अपनी लय ढूंढ लेंगे। आपको बाहरी शोर और आलोचनाओं को सुनने की जरूरत नहीं हैं।'
प्रिंस और मोर्कल
- फोटो : ANI
प्रिंस यादव को मौका देने पर मोर्कल ने बताई वजह
दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में मयंक यादव की जगह प्रिंस यादव को खिलाने के फैसले पर भारत के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने सफाई दी। लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) के स्टार गेंदबाज प्रिंस ने इस मुकाबले में चार ओवर में 30 रन देकर एक विकेट लिया। मोर्कल ने कहा कि यह बदलाव पूरी तरह रणनीतिक था। उन्होंने ओस के कारण दूसरी पारी में गेंद गीली होने, मैदान के आकार और यॉर्कर डालने की क्षमता को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया। उन्होंने यह भी बताया कि मयंक को कुछ समय मैदान से दूर रहकर अपनी गेंदबाजी पर विचार करने का मौका देना जरूरी है। उनके मुताबिक, मयंक अभी युवा हैं और उन्हें एक ओवर की योजना बनाने तथा उसे सही तरीके से अंजाम देने के मामले में काफी कुछ सीखना है।
'गीली गेंद और मैदान के आकार को ध्यान में रखा'
मोर्कल ने कहा, 'यह पूरी तरह से रणनीतिक बदलाव था, जिसकी हमें उस मैदान पर जरूरत महसूस हुई। यह कोई रहस्य नहीं है कि प्रिंस डेथ ओवरों में यॉर्कर डालते हैं और इस काम को अच्छी तरह अंजाम देते हैं। हमें लगा कि अगर दूसरी पारी में गेंदबाजी करनी पड़ी और गेंद गीली हुई, तो मैदान के आकार को देखते हुए हमें ऐसे गेंदबाज की जरूरत होगी, जिसके यॉर्कर सटीक होने की संभावना अधिक हो।'
दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में मयंक यादव की जगह प्रिंस यादव को खिलाने के फैसले पर भारत के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने सफाई दी। लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) के स्टार गेंदबाज प्रिंस ने इस मुकाबले में चार ओवर में 30 रन देकर एक विकेट लिया। मोर्कल ने कहा कि यह बदलाव पूरी तरह रणनीतिक था। उन्होंने ओस के कारण दूसरी पारी में गेंद गीली होने, मैदान के आकार और यॉर्कर डालने की क्षमता को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया। उन्होंने यह भी बताया कि मयंक को कुछ समय मैदान से दूर रहकर अपनी गेंदबाजी पर विचार करने का मौका देना जरूरी है। उनके मुताबिक, मयंक अभी युवा हैं और उन्हें एक ओवर की योजना बनाने तथा उसे सही तरीके से अंजाम देने के मामले में काफी कुछ सीखना है।
'गीली गेंद और मैदान के आकार को ध्यान में रखा'
मोर्कल ने कहा, 'यह पूरी तरह से रणनीतिक बदलाव था, जिसकी हमें उस मैदान पर जरूरत महसूस हुई। यह कोई रहस्य नहीं है कि प्रिंस डेथ ओवरों में यॉर्कर डालते हैं और इस काम को अच्छी तरह अंजाम देते हैं। हमें लगा कि अगर दूसरी पारी में गेंदबाजी करनी पड़ी और गेंद गीली हुई, तो मैदान के आकार को देखते हुए हमें ऐसे गेंदबाज की जरूरत होगी, जिसके यॉर्कर सटीक होने की संभावना अधिक हो।'
कोटक, गंभीर और मोर्कल
- फोटो : ANI
मयंक के प्रदर्शन से नाखुश नहीं हैं मोर्कल
गेंदबाजी कोच ने स्पष्ट किया कि मयंक यादव को दूसरे टी20 में बाहर बैठाने का कारण उनका प्रदर्शन नहीं था। मयंक ने पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में चार ओवर में 40 रन देकर एक विकेट लिया था। मोर्कल ने उनके प्रदर्शन को अच्छा बताया। उन्होंने कहा, 'मुझे लगा कि मयंक ने पहले मैच में वास्तव में अच्छी गेंदबाजी की थी। इसलिए उन्हें बाहर बैठाने का फैसला उनके प्रदर्शन की वजह से बिल्कुल नहीं था।'
'युवा गेंदबाज के लिए खुद को समझने का मौका जरूरी'
मोर्कल ने मयंक को खेल से कुछ समय दूर रहकर अपनी गेंदबाजी को समझने का अवसर देने की अहमियत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, 'मेरे हिसाब से मयंक जैसे युवा खिलाड़ी के लिए कभी-कभी एक मैच खेलकर अपनी गेंदबाजी पर विचार करने और उसे समझने के लिए थोड़ा समय लेना अच्छा होता है। वह अभी कच्चे गेंदबाज हैं और उन्हें यह समझने की जरूरत है कि किसी ओवर को कैसे पढ़ना है और उसकी योजना कैसे बनानी है।'
गेंदबाजी कोच ने स्पष्ट किया कि मयंक यादव को दूसरे टी20 में बाहर बैठाने का कारण उनका प्रदर्शन नहीं था। मयंक ने पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में चार ओवर में 40 रन देकर एक विकेट लिया था। मोर्कल ने उनके प्रदर्शन को अच्छा बताया। उन्होंने कहा, 'मुझे लगा कि मयंक ने पहले मैच में वास्तव में अच्छी गेंदबाजी की थी। इसलिए उन्हें बाहर बैठाने का फैसला उनके प्रदर्शन की वजह से बिल्कुल नहीं था।'
'युवा गेंदबाज के लिए खुद को समझने का मौका जरूरी'
मोर्कल ने मयंक को खेल से कुछ समय दूर रहकर अपनी गेंदबाजी को समझने का अवसर देने की अहमियत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, 'मेरे हिसाब से मयंक जैसे युवा खिलाड़ी के लिए कभी-कभी एक मैच खेलकर अपनी गेंदबाजी पर विचार करने और उसे समझने के लिए थोड़ा समय लेना अच्छा होता है। वह अभी कच्चे गेंदबाज हैं और उन्हें यह समझने की जरूरत है कि किसी ओवर को कैसे पढ़ना है और उसकी योजना कैसे बनानी है।'