तो धुल गया युवराज पर से 'अनलकी' का दाग, अब जाकर पूरा हुआ सपना
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धाकड़ बल्लेबाज युवराज सिंह उन चुनिंदा क्रिकेटरों में से हैं जब वह आईपीएल में उतरते हैं तो प्रशंसकों में उत्साह का संचार हो जाता है और वह बड़े शॉट खेलने में माहिर हैं।
फटाफट बल्लेबाजी में माहिर युवराज का आईपीएल में एक ख्वाब ऐसा भी रहा जो उनका टूर्नामेंट के पिछले 8 सालों में पूरा नहीं हो सका था।
इस बीच उन्हें आईपीएल में अलग-अलग टीमों के साथ खेलना पड़ा और किस्मत ऐसी कि वह जिस टीम से जुड़ते उसका ही प्रदर्शन गिर जाता। टूर्नामेंट के नौंवें संस्करण से पहले वह 4 अलग-अलग टीमों के साथ आईपीएल में उतरे, लेकिन उनके रहते कोई भी टीम फाइनल का मुंह नहीं देख सकी।
अब सनराइजर्स हैदराबाद की टीम ने डेविड वार्नर की दमदार पारी के दम पर गुजरात लायंस को हराते हुए फाइनल के लिए टिकट कटा लिया है तो युवराज सिंह के ऊपर से अनलकी खिलाड़ी होने का दाग भी धुल गया ही है। डक्कन चार्जर्स से सनराइजर्स हैदराबाद बनी टीम जब रविवार को पहली बार आईपीएल फाइनल खेलने उतरेगी तो युवराज भी 9 साल के लंबे इंतजारी को खत्म करते हुए खिताबी मुकाबले में अपना दमखम दिखाने का सपना पूरा कर सकेंगे।
धीरे-धीरे रंग में लौटने लगे हैं युवराज सिंह
युवराज सिंह ने आईपीएल करियर की शुरुआत किंग्स इलेवन पंजाब के साथ खेलते हुए की और पहले 3 सत्र में वह इस टीम से जुड़े रहे। 2010 में पंजाब की टीम लीग चरण में दूसरे पायदान पर रही लेकिन सेमीफाइनल में उसे चेन्नई सुपर किंग्स से हार मिली और फाइनल में पहुंचने से चूक गए।
2011 में युवराज नई टीम पुणे वॉरियर्स के साथ बतौर कप्तान जुड़े, लेकिन टीम नौंवें स्थान पर रही। वह 2012 में बीमारी के कारण आईपीएल से दूर रहे। फिर 2014 में विराट कोहली की टीम रॉयल चैलेंजर्स बंगलोर (आरसीबी) ने 14 करोड़ खर्च करते हुए खरीदा लेकिन टीम को उनसे कोई फायदा नहीं हुआ। एक साल के बाद आरसीबी ने उन्हें अपनी टीम से रिलीज कर दिया। 2015 में वह दिल्ली डेयरडेविल्स के साथ जुड़े लेकिन इस टीम की भी स्थिति बेहद खराब रही और युवराज का नाता एक साल में ही खत्म हो गया।
पिछले 8 साल में 7 साल आईपीएल खेलने वाले युवराज को 2016 में सनराइजर्स हैदराबाद की टीम ने खरीदा। शुरुआत में भले ही युवराज चोट से टीम से बाहर रहे हों, लेकिन वापसी के बाद टीम में बने हुए हैं और अपने पहले क्वालीफाइंग मुकाबले में शानदार पारी खेलकर टीम को उम्मीद को जीवित रखने में अपना खास योगदान दिया।
अब उनके रहते टीम आईपीएल के फाइनल में पहुंच गई है, तो देखना दिलचस्प होगा कि खिताबी जंग में कोहली की टीम के खिलाफ उनका बल्ला क्या रंग दिखाता है। उन्होंने इस साल लीग के 9 मैचों में 198 रन बना चुके हैं और उनकी सर्वश्रेष्ठ पारी नाबाद 44 रनों की रही है।