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Yuvraj Singh on MS Dhoni: युवराज सिंह का फिर छलका दर्द, धोनी को लेकर कहा- उन्हें लगातार समर्थन मिला लेकिन...
Mon, 02 May 2022 06:55 PM IST
रोहित राज
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: रोहित राज
Updated Mon, 02 May 2022 06:55 PM IST
सार
युवराज ने पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के बारे में कहा कि उन्हें टीम में सबसे ज्यादा समर्थन मिला, लेकिन अन्य खिलाड़ियों के साथ ऐसा नहीं हुआ। युवी का मानना है कि टीम प्रबंधन से मिले समर्थन के कारण ही धोनी 2019 वर्ल्ड कप में खेल पाए।
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युवराज सिंह और महेंद्र सिंह धोनी
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
वर्ल्ड कप 2011 के हीरो युवराज सिंह संन्यास लेने के बाद अपने बयानों के कारण सुर्खियों में रहते हैं। इस पूर्व भारतीय ऑलराउंडर ने एक बार फिर अपने बयान से चौंका दिया है। युवराज ने पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के बारे में कहा कि उन्हें टीम में सबसे ज्यादा समर्थन मिला, लेकिन अन्य खिलाड़ियों के साथ ऐसा नहीं हुआ। युवी का मानना है कि टीम प्रबंधन से मिले समर्थन के कारण ही धोनी 2019 वर्ल्ड कप में खेल पाए।
युवराज ने कहा, ''टीम में अगर किसी को कप्तान और कोच का समर्थन मिलता रहता है तो उसके लिए चीजें आसान हो जाती हैं। आप धोनी का ही उदाहरण देख लिजिए। उन्हें करियर के अंत में कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री का कितना समर्थन मिला। इसी कारण धोनी 2019 वर्ल्ड कप में भी खेलने पाए। मुझे ऐसा लगता है कि किसी भी खिलाड़ी को लगातार समर्थन मिलना चाहिए, लेकिन टीम इंडिया में सबके साथ ऐसा नहीं होता।''
युवराज ने आगे कहा, ''हरभजन सिंह, वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर और वीवीएस लक्ष्मण जैसे कई बड़े खिलाड़ियों को टीम प्रबंधन से समर्थन नहीं मिला।'' युवराज ने भारत के लिए 40 टेस्ट मैचों में 1900, 304 वनडे में 8701 और 58 टी20 मैचों में 1177 रन बनाए। युवराज ने आईपीएल के 132 मैचों में 2750 रन बनाए।
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2014 टी20 वर्ल्ड कप का फाइनल युवराज के लिए भुलने वाला रहा। उनके बल्ले से रन नहीं बन रहे थे। इसका खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा। 21 गेंदों पर युवी 11 रन ही बना सके थे। उनकी धीमी पारी के कारण टीम 20 ओवर में चार विकेट पर 120 रन ही बना सकी थी। श्रीलंका ने 17.5 ओवर में चार विकेट के नुकसान पर 134 रन बनाकर फाइनल अपने नाम कर लिया था।
युवराज ने उस मैच को भी याद किया। उन्होंने कहा, ''मुकाबले के दौरान उनके अंदर आत्मविश्वास की कमी थी। वह ऐसा दौर था जब मुझे टीम से कभी भी बाहर किया जा सकता था। मैं बहाना नहीं बना रहा हूं, लेकिन तब मुझे टीम में सपोर्ट नहीं मिल रहा था। डंकन फ्लेचर हमारे कोच थे और टीम में कई चीजें बदल चुकी थीं। मैं उस मैच में गेंद को हिट नहीं कर पा रहा था। ऑफ स्पिनर पर भी रन नहीं बना सका था। यहां तक आउट होना चाहता था, लेकिन वह भी नहीं हुआ। इसके बाद मेरा करियर एक तरह से खत्म हो गया।''
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युवराज ने कहा, ''टीम में अगर किसी को कप्तान और कोच का समर्थन मिलता रहता है तो उसके लिए चीजें आसान हो जाती हैं। आप धोनी का ही उदाहरण देख लिजिए। उन्हें करियर के अंत में कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री का कितना समर्थन मिला। इसी कारण धोनी 2019 वर्ल्ड कप में भी खेलने पाए। मुझे ऐसा लगता है कि किसी भी खिलाड़ी को लगातार समर्थन मिलना चाहिए, लेकिन टीम इंडिया में सबके साथ ऐसा नहीं होता।''
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युवराज ने आगे कहा, ''हरभजन सिंह, वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर और वीवीएस लक्ष्मण जैसे कई बड़े खिलाड़ियों को टीम प्रबंधन से समर्थन नहीं मिला।'' युवराज ने भारत के लिए 40 टेस्ट मैचों में 1900, 304 वनडे में 8701 और 58 टी20 मैचों में 1177 रन बनाए। युवराज ने आईपीएल के 132 मैचों में 2750 रन बनाए।
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2014 टी20 वर्ल्ड कप का फाइनल युवराज के लिए भुलने वाला रहा। उनके बल्ले से रन नहीं बन रहे थे। इसका खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा। 21 गेंदों पर युवी 11 रन ही बना सके थे। उनकी धीमी पारी के कारण टीम 20 ओवर में चार विकेट पर 120 रन ही बना सकी थी। श्रीलंका ने 17.5 ओवर में चार विकेट के नुकसान पर 134 रन बनाकर फाइनल अपने नाम कर लिया था।
युवराज ने उस मैच को भी याद किया। उन्होंने कहा, ''मुकाबले के दौरान उनके अंदर आत्मविश्वास की कमी थी। वह ऐसा दौर था जब मुझे टीम से कभी भी बाहर किया जा सकता था। मैं बहाना नहीं बना रहा हूं, लेकिन तब मुझे टीम में सपोर्ट नहीं मिल रहा था। डंकन फ्लेचर हमारे कोच थे और टीम में कई चीजें बदल चुकी थीं। मैं उस मैच में गेंद को हिट नहीं कर पा रहा था। ऑफ स्पिनर पर भी रन नहीं बना सका था। यहां तक आउट होना चाहता था, लेकिन वह भी नहीं हुआ। इसके बाद मेरा करियर एक तरह से खत्म हो गया।''