टेस्ट क्रिकेट में पाकिस्तान ने चखा अपनी सबसे बड़ी जीत का स्वाद
अनुभवी बल्लेबाज यूनिस खान अपने टेस्ट करियर के सौंवें मैच में फ्लॉप हो गए तो पाकिस्तान की टीम मैच हार गई लेकिन इसके बाद अगले मैच में इस बल्लेबाज ने वापसी की और दूसरी पारी में बेजोड़ बल्लेबाजी की और टीम को सबसे बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए आसानी से जीत दिला दी।
पाकिस्तान को तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के तीसरे मैच में जीत के लिए 377 रनों का बड़ा सा लक्ष्य मिला जिसे उसने मध्य क्रम के दिग्गज बल्लेबाज यूनिस के रिकॉर्ड 171 (नाबाद) शतक की बदौलत टी-ब्रेक से पहले ही हासिल कर लिया। पाक ने यह मैच 3 विकेट से जीता।
सीरीज का पहला मैच पाकिस्तान ने जीता, फिर दूसरा मैच मेजबान श्रीलंका ने जीतकर सीरीज में वापसी की। इसके बाद निर्णायक तीसरे मैच में पाक ने जीत हासिल कर सीरीज 2-1 से जीत ली। इस जीत के साथ ही पाकिस्तान ने टेस्ट रैंकिंग में जोरदार छलांग लगाते हुए तीसरे पायदान पर कब्जा जमा लिया है।
पल्लेकल में खेले गए तीसरे मैच में जीत के साथ ही पाकिस्तान ने 2006 के बाद श्रीलंका में पहली बार कोई टेस्ट सीरीज जीती है। पाक ने इस जीत के साथ ही एक और रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उसने लगातार छठी बार लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत हासिल करने का कारनामा किया है।
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज 2-1 से जीतने के बाद पाकिस्तान आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। पहले स्थान पर ऑस्ट्रेलिया जबकि दूसरे स्थान पर द्रक्षिण अफ्रीका है। न्यूजीलैंड की टीम चौथे स्थान पर है जबकि भारत पांचवें स्थान पर है। श्रीलंका को चार अंकों का नुकसान हुआ और वह कुल 92 अंकों के साथ सातवें स्थान पर है।
पिछली 3 सीरीज में हार के बाद पाकिस्तान को पहली जीत
तीसरे टेस्ट मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका ने 278 रन बनाए, इसके बाद पाकिस्तान की पहली पारी 215 पर ही सिमट गई। पहली पारी में 63 रनों की बढ़त हासिल करने के बाद श्रीलंका ने दूसरी पारी में कप्तान एंजेलो मैथ्यूज (122) के शानदार शतक की बदौलत 313 रन बनाए। इस आधार पर पाक को जीत के लिए 377 रनों का बड़ा लक्ष्य मिला।
बड़े लक्ष्य के जवाब में पाक की शुरुआत बेहद खराब रही और खाता खुलने से पहले ही अहमद शहजाद आउट हो गए। इसके बाद अजहर अली (5) भी चलते बने। लेकिन इस दोहरे झटके के बाद पाक को ओपनर शान मसूद और यूनिस खान के बीच एक जोरदार साझेदारी मिली जिसने टीम को संकट से उबार दिया। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 242 रनों की साझेदारी करते हुए अपने-अपने शतक भी जमाए।
शान मसूद 125 रन बनाकर आउट हो गए। लेकिन दूसरे छोर पर यूनिस खान टिके रहे और कप्तान मिस्बाह-उल-हक के साथ चौथे विकेट के लिए अविजित 127 रनों की साझेदारी कर टीम को बड़ी जीत दिला दी। मिस्बाह ने विजयी छक्का मारने के साथ न सिर्फ टीम को नायाब जीत दिलाई बल्कि उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में अपने 4 हजार रन भी पूरे कर लिए।
13 साल बाद श्रीलंका की टीम में लौटने वाले आलराउंडर जेहान मुबारक की गेंद पर छक्का मारकर कप्तान मिस्बाह ने पिछली 3 सीरीज में श्रीलंका में मिली हार के सिलसिले को भी खत्म कर दिया। पाक को श्रीलंका में 2009, 2012 और 2014 में खेली गई टेस्ट सीरीज में एक भी जीत नहीं मिली थी और इस जीत के साथ पाक ने लगातार तीन सीरीज में हार के सिलसिले को समाप्त कर दिया।
यह पहली बार है जब श्रीलंका की धरती पर किसी मेहमान टीम ने चौथे पारी में 300 से ज्यादा का स्कोर किया और मैच जीत लिया।
पहली पारी में नाकामी के कारण रिकॉर्ड से चूक गए यूनिस खान
पाकिस्तान का इस मैच से पहले टेस्ट क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1994 में आया था जब उसने कराची टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 315 रनों के लक्ष्य को हासिल किया था।
अनुभवी बल्लेबाज यूनिस खान जो अपने सौंवें टेस्ट में नाकाम रहे थे जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा और सीरीज के बाद वह महज 19 रन से टेस्ट क्रिकेट में पाक की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बनने से पीछे रह गए हैं। तीसरे टेस्ट की पहली पारी में वह 3 रन बनाकर आउट हो गए जिसके बाद उन्होंने दूसरी पारी में 171 रनों की नाबाद पारी खेली और पाकिस्तान के सबसे सफल बल्लेबाज बनने के मामले में और करीब आ गए। वह जावेद मियांदाद के 8832 रनों के रिकॉर्ड को पारने से 19 रन ही दूर हैं।
उन्होंने अपने 101 टेस्ट मैचों के करियर में 30 शतक लगाए हैं जिसमें उनके रिकॉर्ड 5 शतक तो चौथी पारी में लगे हैं। दूसरी ओर, कप्तान मिस्बाह-उल-हक ने विजयी छक्का मारने के साथ टेस्ट करियर में अपने 4 हजार रन पूरे कर लिए। उन्होंने अपने 58वें टेस्ट मैच में यह उपलब्धि हासिल की।
अब टेस्ट सीरीज के बाद दोनों टीमों के बीच दो टी-20 मैचों की सीरीज के बाद 5 मैचों की वनडे सीरीज भी खेली जानी है। पहला टी-20 मैच शनिवार को खेला जाना है।