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सचिन के संन्यास पर कौन क्या बोला, पढ़ें
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Mon, 24 Dec 2012 01:34 AM IST
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रिकॉर्डों के बेताज बादशाह मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने वन-डे क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। सचिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 शतक बनाने वाले दुनिया के एकमात्र बल्लेबाजज हैं। उन्होंने एक दिवसीय मैचों में कुल 18426 रन बनाए। जिसमें 49 शतक और 96 अर्धशतक शामिल हैं।
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संन्यास पर कौन क्या बोला?
सचिन पर संन्यास का दबाव नहीं था। वन-डे से संन्यास का फैसला उनका अपना है। जब तक उनका बल्ला चलता रहेगा, वह सिर्फ टेस्ट मैच खेलते रहेंगे।
- रत्नाकर शेट्टी, बीसीसीआई के सीएओ
रिटायरमेंट का फैसला आसान नहीं होता है। यह सचिन का फैसला है और उनकी सोच है। उन्होंने सही भी किया है। वक्त पर संन्यास का ऐलान सही होता है। चयनकर्ताओं का कोई दबाव नहीं होता।
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- सौरव गांगुली, पूर्व कप्तान
सेलेक्टर्स ने संकेत दिए होंगे। चयनकर्ताओं की निगाहें भविष्य पर होंगी। सचिन जाने के बाद खराब प्रदर्शन कर रहे सभी सीनियर्स पर गाज गिर सकती है। दो-ढाई साल बाद वर्ल्ड कप होना है और सभी की निगाहें उसी पर है।
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- चेतन चौहान, पूर्व क्रिकेटर
यह अच्छी चीज है। यह सचिन का फैसला है। उन्होंने सही सोचा होगा। इसका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने देश को बहुत कुछ दिया है। वह युवाओं के रोल मॉडल हैं।
- साइना नेहवाल, बैडमिंटन खिलाड़ी
सचिन के फैसले का सम्मान होना चाहिए। वह एक महान खिलाड़ी है। वह संन्यास का फैसला सोच समझकर लिया होगा।
- कपिल देव, पूर्व कप्तान
सचिन एक रन बनाए या 100। वह टीम में होते हैं तो दबाव विपक्षी टीम पर होता है। युवाओं के हौसले बुलंद रहते हैं।
- सुशील कुमार, ओलंपियन पहलवान
सचिन का संन्यास का सही वक्त था। 40 की उम्र में अब क्या करेंगे। आप पर उम्र हावी होती जाती है और स्टेंथ घटता जाता है। लिहाजा सचिन ने अच्छा फैसला किया है। इसका सम्मान करना चाहिए।
- हरपाल सिंह
सचिन का फैसला सही। धोनी को भी बदलें। भविष्य की टीम के बारे में सोचना है तो नए सिरे से कप्तान और विकेटकीपर के विकल्प की तलाश होनी चाहिए।
- अजहरुद्दीन, पूर्व कप्तान
फूलों की खुशबू चारों दिशाओं में नहीं जाती है लेकिन मानवीय खुशबू चारों दिशाओं में जाती है। सचिन एक मानवीय खुशबू है। उन्होंने भारतीय रेत पर अमिट छाप छोड़ी है। वह खेलें या न खेलें लेकिन आने वाले दिनों में युवाओं के हमेशा प्रेरक रहेंगे।
- नवजोत सिंह सिंधू
‘मेरा मानना है कि सचिन को पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज खेलनी चाहिए थी। लेकिन यह उनका फैसला है और मेरे विचार से यह सही है। मैं इस फैसले से हैरान नहीं हूं। उन्होंने वहीं किया जो उन्हें सही लगा। मुझे नहीं लगता कि चयनकर्ताओं पर सचिन को लेकर कोई दबाव था। यह उनका खुद का फैसला है क्योंकि उन्हें कोई भी ड्राप नहीं कर सकता।’ - सौरव गांगुली
‘मैं उनके इस फैसले से हैरान हूं लेकिन वह वन-डे क्रिकेट से ऊंचाइयों पर रहकर जा रहे हैं। मुझे पूरा यकीन है कि वह टेस्ट क्रिकेट को भी ऊंचाइयों पर रहकर अलविदा कहेंगे। ’ - कृष्णमाचारी श्रीकांत
‘वास्तव में, यह हैरान कर देने वाला फैसला है। यदि वह टेस्ट के जरिए लगातार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे हैं तो उन्हें वन-डे में भी लगातार खेलते रहना चाहिए था।’ - दिलीप वेंगसरकर
‘सचिन के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए। अब ही यह तय करने के लिए सबसे उपयुक्त व्यक्ति है कि वह क्रिकेट के दूसरे फॉरमेट टेस्ट से कब संन्यास लेंगे।’ -बापू नाडकर्णी
‘जब आप 23 साल तक लगातार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलते हैं तो एक समय ऐसा आता है जब वन-डे क्रिकेट आपको रोमांचित नहीं करता क्योंकि आपने वो सब हासिल कर लिया है जो संभव था।’ -रमीज राजा, पूर्व क्रिकेटर, पाकिस्तान
सचिन अगर मैदान से विदा होते तो इसका मजा कुछ और होता। इतने महान खिलाड़ी का इस तरह संन्यास की घोषणा करना क्रिकेट के लिए सही नहीं है।
- इंजमाम उल हक, पूर्व पाक कप्तान