सहवाग ने किया खुलासा, 2007 में लेना चाहते थे रिटायरमेंट
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टीम इंडिया के धाकड़ बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और आईपीएल से संन्यास ले चुके हैं। रिटायरमेंट के बाद पहली बार कैमरे पर आए वीरू ने अपने हाल-ए-दिल बयान किया। बात टीम इंडिया में जगह न पाने को लेकर है।
एक टीवी कार्यक्रम के दौरान ‘मुल्तान के सुल्तान’ ने कहा, "यदि चयनकर्ताओं ने पहले बता दिया होता कि मुझे टीम से हटाया जा रहा है तो मैं उनसे आग्रह कर सकता था कि मुझे दिल्ली में अंतिम टेस्ट खेलने का मौका दे दिया जाए और उसके बाद मैं रिटायरमेंट ले लूंगा लेकिन मुझे यह अवसर नहीं दिया गया।"
टेस्ट मैचों में 23 और वनडे में 15 शतक लगा चुके टीम इंडिया के इस पूर्व ओपनर बल्लेबाज ने कहा कि जो देश के लिए 12 से 13 साल खेला हो, क्या वह एक विदाई मैच खेलने का भी हकदार नहीं है?
वीरू ने कहा कि जब 2007 में उन्हें टीम इंडिया से बाहर किया था तो वह रिटायरमेंट लेना चाहते थे। लेकिन तब सचिन तेंदुलकर ही थे जिन्होंने उन्हें ऐसा करने से रोका।
"कम से कम पहले टेस्ट में तो मिल जाता मौका"
टीवी इंटरव्यू में वीरेंद्र सहवाग ने कहा कि "इस बात का दुख तो हमेशा रहेगा कि मुझे खेलते हुए रिटायर होने की अनुमति नहीं मिली। खैर यह खिलाड़ी की जिंदगी का हिस्सा होता है। जब वह खेल रहा होता है तो उसे पता नहीं होता कि कब संन्यास लेगा। इस बारे में तो वह तब सोचना शुरू करता हूं जब उसे टीम से हटा दिया जाता है।"
'नजफगढ़ के नवाब' के नाम से भी मशहूर सहवाग सवाल करते हैं, "मैं यह पूछना चाहूंगा कि कोई खिलाड़ी जो देश के लिए 12 से 13 साल खेला क्या वह एक विदाई मैच का भी हकदार नहीं।"
जब उनसे पूछा गया कि क्या यह बेहतर नहीं होता कि उन्हें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन दिसंबर से शुरू हो रहे दिल्ली टेस्ट में यह मौका मिल जाता, इस पर वीरू ने कहा कि यदि ऐसा होता तो अच्छा होता। यदि बीसीसीआई ऐसा नहीं कर सकती थी तो दिल्ली एवं जिला क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) को तो ऐसा करना चाहिए था।
उन्होंने आगे कहा कि बात केवल मेरी नहीं है जो भी खिलाड़ी संन्यास ले उसे विदाई मैच का मौका मिले। सहवाग ने कहा कि सभी के लिए एक निश्चित मापदंड होना चाहिए चाहे वह खिलाड़ी सीनियर हो या जूनियर। अगर कोई खिलाड़ी लगातार चार या पांच मैच में नहीं चल पाता तो उसे हटा दिया जाना चाहिए।
सचिन को लेकर एक वाकये का जिक्र भी किया
37 साल के सहवाग उम्र को लेकर एक वाकये का भी जिक्र किया, "मैं और सचिन ऑस्ट्रेलिया में बल्लेबाजी कर रहे थे। माइकल क्लार्क लगातार सचिन से कह रहे थे तुम उम्रदराज हो गए हो, फील्डिंग नहीं कर सकते। तुम यह नहीं कर सकते, तुम वह नहीं कर सकते। तब मैं क्लार्क के पास गया और क्लार्क से पूछा तुम्हारी उम्र क्या है। उन्होंने कहा, तेइस साल, तब मैंने कहा जितनी तुम्हारी उम्र है उससे ज्यादा शतक बना चुके हैं सचिन।"
इससे इतर दाएं हाथ के बेजोड़ आक्रामक बल्लेबाज सहवाग का कहना है कि यदि भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ दो टेस्ट सीरीज और खेली होती तो मैंने दस हजार टेस्ट रन पूरे कर लिए होते। वीरू ने टेस्ट मैचों में 8586 रन बनाए हैं।
सहवाग ने कहा कि 2006 के बाद हमने पाकिस्तान के साथ टेस्ट सीरीज खेलनी बंद कर दी। यदि आप पाकिस्तान के खिलाफ मेरी बल्लेबाजी औसत देखें तो यह 90 और 100 के बीच में रही। पाकिस्तान के खिलाफ उनके बढ़िया प्रदर्शन के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच कड़ी खेल प्रतिद्वंद्विता है। मैदान खचाखच भरे रहते हैं और समर्थकों को बड़ी उम्मीदें होती हैं।