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क्या है क्रिकेट का नया प्रारुप टेस्ट ट्वेंटी?: जानिए इसके नियम, खेलने का तरीका और जीत-हार का पूरा गणित
Sat, 17 Oct 2026 08:30 AM IST
मयंक त्रिपाठी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मयंक त्रिपाठी
Updated Sat, 17 Oct 2026 08:30 AM IST
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सार
क्रिकेट के नए फॉर्मेट 'टेस्ट ट्वेंटी' का पहला टूर्नामेंट 14 से 29 नवंबर 2026 तक श्रीलंका के कोलंबो स्थित सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब में आयोजित होगा। इसमें 13 से 21 वर्ष की उम्र के 160 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे, जिनमें 80 लड़के और 80 लड़कियां होंगी। टूर्नामेंट में लड़कों और लड़कियों के अलग-अलग मुकाबले होंगे, लेकिन दोनों के रन जोड़कर संयुक्त स्कोर बनाया जाएगा। हर मैच 80 ओवर का होगा, जिसमें पहले 40 ओवर लाल गेंद से और अगले 40 ओवर सफेद गेंद से फ्लडलाइट्स में खेले जाएंगे।
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टेस्ट ट्वेंटी
- फोटो :
अमर उजाला/AI
विस्तार
क्रिकेट में एक नए फॉर्मेट 'टेस्ट ट्वेंटी' की शुरुआत अगले महीने श्रीलंका में होने जा रही है। इस टूर्नामेंट का आयोजन 14 से 29 नवंबर तक कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब (एसएससी) में किया जाएगा। इस फॉर्मेट की सबसे खास बात यह है कि लड़कों और लड़कियों की टीमों के रन जोड़कर एक संयुक्त स्कोर बनाया जाएगा, जिसके आधार पर मैच का नतीजा तय होगा। आयोजकों के मुताबिक, टेस्ट ट्वेंटी को क्रिकेट के चौथे फॉर्मेट के रूप में पेश किया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवा खिलाड़ियों को एक नया मंच देना और लड़के-लड़कियों के प्रदर्शन को समान महत्व देना है।
चार महाद्वीपीय टीमों में बंटेंगे 160 खिलाड़ी
टूर्नामेंट के पहले संस्करण में 13 से 21 वर्ष की आयु के कुल 160 युवा क्रिकेटर हिस्सा लेंगे। खिलाड़ियों का चयन दुनिया भर से किया जाएगा और उन्हें चार महाद्वीपीय टीमों में बांटा जाएगा। प्रत्येक टीम में 40 खिलाड़ी होंगे, जिनमें 20 लड़के और 20 लड़कियां शामिल होंगी। इस तरह टूर्नामेंट में कुल 80 लड़के और 80 लड़कियां खेलेंगे। खिलाड़ियों के नामों पर अंतिम मुहर इसी महीने होने वाले ड्राफ्ट के जरिए लगेगी।
टूर्नामेंट के पहले संस्करण में 13 से 21 वर्ष की आयु के कुल 160 युवा क्रिकेटर हिस्सा लेंगे। खिलाड़ियों का चयन दुनिया भर से किया जाएगा और उन्हें चार महाद्वीपीय टीमों में बांटा जाएगा। प्रत्येक टीम में 40 खिलाड़ी होंगे, जिनमें 20 लड़के और 20 लड़कियां शामिल होंगी। इस तरह टूर्नामेंट में कुल 80 लड़के और 80 लड़कियां खेलेंगे। खिलाड़ियों के नामों पर अंतिम मुहर इसी महीने होने वाले ड्राफ्ट के जरिए लगेगी।
लड़के और लड़कियां खेलेंगे अलग-अलग, लेकिन नतीजा होगा एक
टेस्ट ट्वेंटी का सबसे अनोखा नियम इसका संयुक्त स्कोरिंग सिस्टम है। प्रत्येक मुकाबले में लड़कों की टीम दूसरी टीम के लड़कों के खिलाफ खेलेगी, जबकि लड़कियों की टीम दूसरी टीम की लड़कियों से भिड़ेगी। हालांकि, दोनों मुकाबलों में बनाए गए रन जोड़कर टीम का एक संयुक्त स्कोर तैयार किया जाएगा। इसी स्कोर के आधार पर विजेता का फैसला होगा। यानी लड़कों और लड़कियों का प्रदर्शन सीधे तौर पर एक-दूसरे के नतीजे को प्रभावित करेगा। इस नियम को 'पैरिटी रूल' नाम दिया गया है। इसके तहत दोनों वर्गों के रन टीम की जीत या हार में बराबर योगदान देंगे।
टेस्ट ट्वेंटी का सबसे अनोखा नियम इसका संयुक्त स्कोरिंग सिस्टम है। प्रत्येक मुकाबले में लड़कों की टीम दूसरी टीम के लड़कों के खिलाफ खेलेगी, जबकि लड़कियों की टीम दूसरी टीम की लड़कियों से भिड़ेगी। हालांकि, दोनों मुकाबलों में बनाए गए रन जोड़कर टीम का एक संयुक्त स्कोर तैयार किया जाएगा। इसी स्कोर के आधार पर विजेता का फैसला होगा। यानी लड़कों और लड़कियों का प्रदर्शन सीधे तौर पर एक-दूसरे के नतीजे को प्रभावित करेगा। इस नियम को 'पैरिटी रूल' नाम दिया गया है। इसके तहत दोनों वर्गों के रन टीम की जीत या हार में बराबर योगदान देंगे।
टॉस भी होगा खास, एक दिन में खेले जाएंगे 80 ओवर
- इस फॉर्मेट में टॉस की भूमिका भी अलग होगी।
- टॉस जीतने वाली टीम न केवल यह तय करेगी कि पहले बल्लेबाजी कौन करेगा, बल्कि यह भी निर्धारित करेगी कि लड़कियों का मुकाबला पहले होगा या लड़कों का।
- हर मैच एक ही दिन में 80 ओवर का होगा। इसमें पहले 40 ओवर दिन के उजाले में लाल गेंद से खेले जाएंगे।
- इस दौरान खिलाड़ी पारंपरिक सफेद पोशाक में नजर आएंगे।
- इसके बाद शेष 40 ओवर फ्लडलाइट्स में सफेद गेंद से खेले जाएंगे और खिलाड़ी रंगीन जर्सी पहनेंगे। दोनों सत्रों के स्कोर को लगातार जोड़ा जाएगा।
- दूसरे सत्र की शुरुआत में स्कोर रीसेट नहीं होगा, जिससे पूरे मुकाबले में दोनों टीमों का संयुक्त प्रदर्शन निर्णायक बना रहेगा।
14 नवंबर को उद्घाटन, 29 नवंबर को फाइनल
टूर्नामेंट का उद्घाटन समारोह 14 नवंबर को होगा, जबकि फाइनल मुकाबला 29 नवंबर को खेला जाएगा। 30 नवंबर को रिजर्व डे के रूप में रखा गया है। टूर्नामेंट के सभी मैचों का लाइव प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा।आयोजकों के अनुसार, पांच महाद्वीपों से हजारों युवा क्रिकेटरों ने इस प्रतियोगिता के लिए अपनी दावेदारी पेश की थी। पिछले 300 दिनों में मैदान पर और ऑनलाइन ट्रायल के जरिए खिलाड़ियों का चयन किया गया। इस प्रक्रिया की निगरानी ग्लोबल सिलेक्शन कमेटी ने की, जिसकी अध्यक्षता भारत के जाने-माने क्रिकेट कोच राजकुमार शर्मा कर रहे हैं।
टूर्नामेंट का उद्घाटन समारोह 14 नवंबर को होगा, जबकि फाइनल मुकाबला 29 नवंबर को खेला जाएगा। 30 नवंबर को रिजर्व डे के रूप में रखा गया है। टूर्नामेंट के सभी मैचों का लाइव प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा।आयोजकों के अनुसार, पांच महाद्वीपों से हजारों युवा क्रिकेटरों ने इस प्रतियोगिता के लिए अपनी दावेदारी पेश की थी। पिछले 300 दिनों में मैदान पर और ऑनलाइन ट्रायल के जरिए खिलाड़ियों का चयन किया गया। इस प्रक्रिया की निगरानी ग्लोबल सिलेक्शन कमेटी ने की, जिसकी अध्यक्षता भारत के जाने-माने क्रिकेट कोच राजकुमार शर्मा कर रहे हैं।
एबी डिविलियर्स, मैथ्यू हेडन और क्लाइव लॉयड भी जुड़े
टेस्ट ट्वेंटी के साथ क्रिकेट जगत की कई बड़ी हस्तियां भी जुड़ी हैं। इसकी सलाहकार समिति में एबी डिविलियर्स, मैथ्यू हेडन और सर क्लाइव लॉयड शामिल हैं। वहीं, टूर्नामेंट के संचालन की जिम्मेदारी माइक फोर्डहैम संभाल रहे हैं। आयोजकों का कहना है कि इस पहल के जरिए युवा खिलाड़ियों को केवल प्रतिस्पर्धा का अवसर ही नहीं, बल्कि क्रिकेट के विकास के लिए एक नया मंच भी उपलब्ध कराया जाएगा।
टेस्ट ट्वेंटी के साथ क्रिकेट जगत की कई बड़ी हस्तियां भी जुड़ी हैं। इसकी सलाहकार समिति में एबी डिविलियर्स, मैथ्यू हेडन और सर क्लाइव लॉयड शामिल हैं। वहीं, टूर्नामेंट के संचालन की जिम्मेदारी माइक फोर्डहैम संभाल रहे हैं। आयोजकों का कहना है कि इस पहल के जरिए युवा खिलाड़ियों को केवल प्रतिस्पर्धा का अवसर ही नहीं, बल्कि क्रिकेट के विकास के लिए एक नया मंच भी उपलब्ध कराया जाएगा।
'पहली बार लड़के और लड़कियां मिलकर जीतेंगे या हारेंगे'
टेस्ट ट्वेंटी के संस्थापक गौरव बहिरवानी ने इसे क्रिकेट के इतिहास का एक अहम कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस फॉर्मेट की कल्पना युवा क्रिकेटरों को अपना टूर्नामेंट और अपना मंच देने के उद्देश्य से की गई थी। बहिरवानी के मुताबिक, इस फॉर्मेट में समानता केवल नियमों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि प्रसारण में भी दिखाई देगी। कुछ मुकाबलों में लड़कियां फ्लडलाइट्स के नीचे प्राइम टाइम में खेलेंगी, जबकि अन्य मुकाबलों में लड़कों को यह अवसर मिलेगा। दोनों के प्रदर्शन का हिसाब एक ही स्कोरबोर्ड पर रखा जाएगा।
उन्होंने श्रीलंका क्रिकेट और सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब का आभार जताते हुए कहा कि इस टूर्नामेंट के लिए कोलंबो को चुनना खास है। श्रीलंका में स्कूली क्रिकेट को लेकर लोगों का उत्साह जगजाहिर है और युवा खिलाड़ियों के प्रति यहां का समर्थन इस पहल के लिए अनुकूल माहौल तैयार करता है। बहिरवानी ने कहा कि क्रिकेट के इतिहास में पहली बार लड़के और लड़कियां एक साथ टीम की जीत और हार के भागीदार बनेंगे। अब इस नए प्रयोग का पहला अध्याय 14 नवंबर से कोलंबो में शुरू होगा।
टेस्ट ट्वेंटी के संस्थापक गौरव बहिरवानी ने इसे क्रिकेट के इतिहास का एक अहम कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस फॉर्मेट की कल्पना युवा क्रिकेटरों को अपना टूर्नामेंट और अपना मंच देने के उद्देश्य से की गई थी। बहिरवानी के मुताबिक, इस फॉर्मेट में समानता केवल नियमों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि प्रसारण में भी दिखाई देगी। कुछ मुकाबलों में लड़कियां फ्लडलाइट्स के नीचे प्राइम टाइम में खेलेंगी, जबकि अन्य मुकाबलों में लड़कों को यह अवसर मिलेगा। दोनों के प्रदर्शन का हिसाब एक ही स्कोरबोर्ड पर रखा जाएगा।
उन्होंने श्रीलंका क्रिकेट और सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब का आभार जताते हुए कहा कि इस टूर्नामेंट के लिए कोलंबो को चुनना खास है। श्रीलंका में स्कूली क्रिकेट को लेकर लोगों का उत्साह जगजाहिर है और युवा खिलाड़ियों के प्रति यहां का समर्थन इस पहल के लिए अनुकूल माहौल तैयार करता है। बहिरवानी ने कहा कि क्रिकेट के इतिहास में पहली बार लड़के और लड़कियां एक साथ टीम की जीत और हार के भागीदार बनेंगे। अब इस नए प्रयोग का पहला अध्याय 14 नवंबर से कोलंबो में शुरू होगा।