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SC का BCCI को IPL प्रसारण अधिकार के लिए ई-नीलामी का आदेश देने से इंकार
amarujala.com- Presented by: नवीन चौहान
Updated Mon, 28 Aug 2017 07:31 PM IST
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आईपीएल 2017
- फोटो : ipl official web
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सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) मैचों से संबंधित मीडिया अधिकारों की ई-नीलामी का निर्देश देने से इंकार कर दिया है। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी के उस अनुरोध पर विचार नहीं किया कि आईपीएल मैचों के मीडिया अधिकार देने के लिए चल रही निविदा प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए और इसके ई-नीलामी प्रक्रिया के निर्देश दिए जाएं।
आईपीएल का आयोजन अगले वर्ष अप्रैल में किए जाने हैं। प्रशासकों की समिति (सीओए) की ओर से वरिष्ठ वकील पराग त्रिपाठी ने पीठ को सूचित किया कि इस समय चल रही निविदा प्रक्रिया बेहतर विकल्प है क्योंकि बोली लगाने वाले सभी व्यक्ति मीडिया अधिकार प्राप्त करने के लिए सीलबंद लिफाफे में बोलियां लगाते हैं। उधर, स्वामी का कहना था कि वह एक अर्जी दायकर कर बीसीसीआई के एक पदाधिकारी, जिसका अपना एक चैनल भी है, की ओर से की जाने वाली कथित मिलीभगत और हितों का टकराव को उजागर करना चाहते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने उनका यह अनुरोध स्वीकार कर लिया। सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले सीआईए प्रमुख विनोद राय को एक हलफनामे में यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया था कि ई-नीलामी की तुलना में निविदा प्रक्रिया किस तरह बेहतर है।
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आईपीएल का आयोजन अगले वर्ष अप्रैल में किए जाने हैं। प्रशासकों की समिति (सीओए) की ओर से वरिष्ठ वकील पराग त्रिपाठी ने पीठ को सूचित किया कि इस समय चल रही निविदा प्रक्रिया बेहतर विकल्प है क्योंकि बोली लगाने वाले सभी व्यक्ति मीडिया अधिकार प्राप्त करने के लिए सीलबंद लिफाफे में बोलियां लगाते हैं। उधर, स्वामी का कहना था कि वह एक अर्जी दायकर कर बीसीसीआई के एक पदाधिकारी, जिसका अपना एक चैनल भी है, की ओर से की जाने वाली कथित मिलीभगत और हितों का टकराव को उजागर करना चाहते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने उनका यह अनुरोध स्वीकार कर लिया। सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले सीआईए प्रमुख विनोद राय को एक हलफनामे में यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया था कि ई-नीलामी की तुलना में निविदा प्रक्रिया किस तरह बेहतर है।
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