ऑस्ट्रेलिया का फ्लॉप शो, 'अदृश्य बल्लेबाज' ने बचाई लाज
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एशेज सीरीज के चौथे टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलियाई टीम ताश के पत्ते की तरह बिखर गई। टीम के 9 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके। पहली पारी में पूरी टीम मात्र 60 रन पर ढेर हो गई। ऑस्ट्रेलिया की यह बुरी गत करने में इंग्लिश गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड (8 विकेट) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ऑस्ट्रेलियाई टीम के 5 बल्लेबाज मात्र 25 गेंदों में सिमटे। हालांकि दसवें विकेट के लिए टीम के पुछल्ले बल्लेबाजों जोस हेजलवुड (4) और मिचेल स्टॉर्क (9) ने 13 रन की पार्टनरशिप के साथ टीम के लिए सबसे बड़ी साझेदारी निभाई। पूरी टीम मात्र 18.3 ओवर में सिमट गई।
यह ऑस्ट्रेलिया का टेस्ट इतिहास में यह 7वां सबसे कम और पिछले 79 सालों में दूसरा सबसे छोटा स्कोर है। इससे पहले 2011 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया एक पारी 47 रन पर ढेर हुई थी। मौजूदा सीरीज में 1-2 से पीछे चल रही कंगारू टीम ने पहली पारी में बेहद ढीली शुरुआत की। पहले दिन ही लंच से पहले ऑलआउट होना ऑस्ट्रेलिया के लिए चिंताजनक है।
'अदृश्य बल्लेबाज' न होता तो 50 भी न बनते
ऑस्ट्रेलियाई टीम के कुल 60 रन में एक्स्ट्रा रन (अदृश्य बल्लेबाज) का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इंग्लैंड की ओर से कुल 14 एक्स्ट्रा दिए गए। स्टीवन स्मिथ (6), डेविड वॉर्नर (0), क्रिस रोजर्स (0), शॉन मॉर्श (0) और एडम वोग्स (1) जैसे धाकड़ बल्लेबाजों की फौज सस्ते में निपटे।
टीम की पहली पारी सिर्फ 111 गेंद (18.3 ओवर) में सिमटी। यह इनका क्रीज पर बिताया गया तीसरा सबसे कम समय है। इससे पहले 79 साल पहले 1936 में वे इंग्लैंड के खिलाफ ही मात्र 99 गेंदों (12.3, आठ गेंदों का एक ओवर) के अंदर ढेर हो गई थी। टेस्ट इतिहास में कंगारू टीम इंग्लैंड के ही हाथों 14 बार सबसे कम गेंदों में ऑलआउट हुई है।
कंगारू टीम के खिलाफ 8 विकेट पहली पारी में आठ सफलता हासिल करने वाले स्टुअर्ट ब्रॉड टेस्ट में 300 विकेट लेने वाले 6वें इंग्लिश गेंदबाज बन गए हैं। इतना ही नहीं इन्होंने यह कारनामा 83 मैचों की 121 पारियों में कर दिखाया है। वह एक मैच में दो बार 10 विकेट और 14 बार 5 विकेट झटक चुके है।