गांगुली का दो टूक, बेगुनाहों की मौत पर नहीं हो सकता क्रिकेट
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गुरदासपुर में आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान से क्रिकेट संबंधों की बहाली पर सौरव गांगुली ने बीसीसीआई के सुर में सुर मिलाया है। गांगुली ने साफ कर दिया है कि बेगुनाहों की मौत और दुख के बीच पाक के साथ क्रिकेट खेलना ठीक नहीं है। वह इस मुद्दे पर बीसीसीआई के रुख का समर्थन करते हैं।
यही नहीं गांगुली ने दिल्ली कोर्ट की ओर से बरी किए गए श्रीसंत की वापसी का भी समर्थन करते हुए कहा है कि उनकी नजरों में इस मुद्दे पर दोनों के बीच बातचीत होनी चाहिए। उन्हें लगता है कि कुछ माह के अंदर इस पर कोई अंतिम फैसला आ सकता है।
पाक के साथ क्रिकेट खेलने के मुद्दे पर गांगुली ने कहा कि देश की सुरक्षा दोनों देशों के बीच क्रिकेट श्रृंखला से कहीं महत्वपूर्ण है। हालांकि दोनों देशों के बीच क्रिकेट मुकाबले काफी रोचक होते हैं, लेकिन गुरदासपुर में बेगुनाहों की मौत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
गांगुली ने 2004 में पाक के खिलाफ सीरीज पर भी कहा
पूर्व भारतीय टेस्ट कप्तान सौरव गांगुली ने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से ऐसे ही चल रहा है। जब वह 2004 में पाकिस्तान खेलने गए थे और वहां खुद की कप्तानी में टेस्ट और वन डे श्रृंखला जीतकर आए थे, उस दौरान भी दोनों के बीच कई सालों पर बात कोई श्रृंखला हुई थी।
शास्त्री के हक में उतरे गांगुली
बोर्ड की सलाहकार कमेटी के सदस्य गांगुली ने भारतीय टीम के कोच के मुद्दे पर रवि शास्त्री की वकालत करते हुए कहा है कि टीम के पास पूरा सपोर्ट स्टाफ मौजूद है। उन्हें नहीं लगता है कि ऐसे में अन्य किसी की जरूरत है। टीम डायरेक्टर और कोच की भूमिका में कोई ज्यादा फर्क नहीं है। शास्त्री इंग्लैंड श्रृंखला के दौरान से टीम के साथ है। ऐसे में उन्हें पूरी जिम्मेदारी क्यों नहीं देना चाहिए।
सजा नहीं सिर्फ सलाह देगा वर्किंग ग्रुप
सीएसके और राजस्थान रॉयल्स का भविष्य निर्धारित करने के मुद्दे पर सौरव ने कहा कि वर्किंग ग्रुप किसी के खिलाफ कोई सजा नहीं तय करेगा। उसका काम सिर्फ सलाह देना है। ग्रुप सलाह देगा और सजा का फैसला बोर्ड करेगा। सौरव ने यह भी कहा कि यह तय है कि आईपीएल आठ टीमों का ही होगा। साझीदारों केहितों को देखते हुए इससे कम टीमें नहीं हो सकती हैं। दो साल बाद अगर 10 टीमें भी होती हैं तो आईपीएल में ऐसा पहले भी हो चुका है। कोच्चि और पुणे समेत आईपीएल में 10 टीमें खेल चुकी हैं।