सट्टेबाजी की चर्चा में रहे इन क्रिकेटरों के बारे में बोले गांगुली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आईपीएल-2013 में स्पॉट फिक्सिंग मामले में फंसे तीन क्रिकेटरों श्रीसंत, अजीत चंडिला और अंकित चव्हाण के बारे में शनिवार को पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने बयान दिया। दिल्ली की पटियाला हाऊस कोर्ट इस मामले में इन तीनों क्रिकेटरों को सबूतों के अभाव में बरी कर चुकी है।
गांगुली ने कहा कि वह तीनों क्रिकेटरों के कोर्ट से बरी होने की खबर के बाद काफी खुश है। उन्होंने यह भी कहा कि उम्मीद है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड भी कोर्ट के फैसले का स्वागत करेगा।
2013 में राजस्थान रॉयल्स के तीनों क्रिकेटरों श्रीसंत, अंकित और अजीत पर सटोरियों के साथ मिलकर स्पॉट फिक्सिंग का आरोप लगा था। उसके बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार भी किया था।
इस मामले में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की 'डी' का भी नाम जुड़ा था। इतना ही नहीं दाऊद की ऑडियो रिकार्डिंग भी कोर्ट के समक्ष पेश की गई थी। कोर्ट ने अपने फैसले का आधार यह दिया कि तीनों क्रिकेटरों के खिलाफ सबूत अपर्याप्त है, इनका इससे कोई लेना-देना भी नहीं है।
श्रीसंत के बारे में यह बोले सौरव गांगुली
आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में बीसीसीआई ने तीनों क्रिकेटरों श्रीसंत, अजीत और अंकित पर आजीवन बैन लगाया था। इस मामले में जब सौरव गांगुली से पूछा गया कि क्या बीसीसीआई अब इन पर बैन हटा देगी?
इस जवाब में गांगुली ने कहा, "क्योंकि अब कोर्ट इस मामले में तीनों क्रिकेटरों को आरोपमुक्त कर चुकी है। यह बात बीसीसीआई पर निर्भर करती है कि वह क्या फैसला लेती है?" उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में बीसीसीआई के अधिकारी ही बयान के लिए अधिकृत है न कि वह।
उल्लेखनीय है कि स्पॉट फिक्सिंग मामले में एक तरफ भले ही राजस्थान रॉयल्स के तीनों क्रिकेटरों को आरोपमुक्त हो चुके हो लेकिन सुप्रीम कोर्ट इसी मामले में इसी टीम के सहमालिक राज कुंद्रा को दोषी ठहरा चुकी है। इसके साथ ही चेन्नई सुपर किंग्स के सहमालिक मयप्पन भी दोषी सिद्ध हुए है। दोनों पर क्रिकेट से आजीवन प्रतिबंध लगा है।