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Shane Warne Death: जब सचिन की आक्रामक बल्लेबाजी से डर गए थे शेन वॉर्न, सपने में आने में लगे थे मास्टर ब्लास्टर

Sat, 05 Mar 2022 07:59 PM IST
रोहित राज स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रोहित राज Updated Sat, 05 Mar 2022 07:59 PM IST
सार

अपनी जादुई गेदों से दुनिया भर के बल्लेबाजों को डराने वाले शेन वॉर्न के जीवन में एक समय ऐसा भी आया था जब वे किसी की बल्लेबाज से डरने लगे थे। वह बल्लेबाज कोई और नहीं बल्कि भारत के महानतम खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर थे।

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Shane Warne Death When Shane Warne was scared of Sachin Tendulkar aggressive batting and dreaming about Master Blaster sixes
शेन वॉर्न और सचिन तेंदुलकर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

शेन वॉर्न का निधन शुक्रवार (चार मार्च) को थाईलैंड में दिल का दौरा पड़ने से हो गया। अपनी जादुई गेदों से दुनिया भर के बल्लेबाजों को डराने वाले शेन वॉर्न के जीवन में एक समय ऐसा भी आया था जब वे किसी की बल्लेबाज से डरने लगे थे। वह बल्लेबाज कोई और नहीं बल्कि भारत के महानतम खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर थे। सचिन तेंदुलकर के बल्ले का खौफ इतना था कि वॉर्न के सपने में भी उनके छक्के आने लगे थे।
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1993 एशेज सीरीज की एक गेंद ने शेन वॉर्न के करियर को बदल दिया था। इंग्लैंड के माइक गैटिंग के खिलाफ फेंकी गई उनकी गेंद 'बॉल ऑफ द सेंचुरी' बन गई थी। उसके बाद वॉर्न की तूती बोलने लगी। वे देखते ही देखते दुनिया के सबसे खतरनाक लेग स्पिनर बन गए थे। वे चारों तरफ चर्चा बटोर रहे थे। उसी समय सचिन तेंदुलकर की बल्लेबाजी के चर्चे थे। वे दुनिया के किसी भी गेंदबाज को आसानी से नहीं जाने देते थे और जमकर कूटते थे।
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इसके बाद तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले को भारत ने 179 रन से अपने नाम कर लिया था। पहली पारी में वॉर्न ने सचिन को तो आउट कर दिया, लेकिन दूसरी पारी में तेंदुलकर ने 155 रनों की नाबाद पारी खेली। इसके बाद दूसरा मैच भी भारत जीत गया। वॉर्न फिर फेल हो गए। तीसरे मैच में ऑस्ट्रेलिया को आठ विकेट से जील तो मिली लेकिन कंगारू टीम के इस स्पिनर का जलवा एक बार फिर देखने को नहीं मिला था। तेंदुलकर ने पहली पारी में 177 और दूसरी पारी में 31 रन बनाए थे। दोनों बार वॉर्न उन्हें आउट नहीं कर सके थे।
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टीम इंडिया टेस्ट सीरीज 2-1 से जीती थी। उसके बाद शारजाह में त्रिकोणीय सीरीज होनी थी। इस सीरीज में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बाद तीसरी टीम न्यूजीलैड की थी। टीम इंडिया कंगारू टीम के खिलाफ फाइनल समेत तीन मैच खेली थी। ऑस्ट्रेलियाई प्रशंसक इस सीरीज के बाद हैरान थे, क्योंकि उनके जादुई स्पिनर को एक भी सफलता नहीं मिली थी। वॉर्न ने फाइनल में भारत के खिलाफ 10 ओवर में 61 रन लुटाए थे। तेंदुलकर ने मैच में 131 गेंदों पर 134 रन बनाए थे।


भारतीय टीम त्रिकोणीय सीरीज में चैंपियन बनी थी। तेंदुलकर ने फाइनल मैच में तीन छक्के और 12 चौके लगाए थे। इस सीरीज के बाद वॉर्न ने खुलासा किया था- सचिन उन्हें सपने में आकर डराते थे। वे किसी भी परिस्थिति में बल्लेबाजी कर सकते हैं। इस मामले में वे ब्रायन लारा से भी बेहतर हैं।
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