16 नवंबर क्रिकेट के भगवान माने जाने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के लिए बहुत ही खास है। आज ही के दिन 2013 में तेंदुलकर ने इंटरनेशनल क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिए थे। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में 16 नबंवर 2013 को क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। क्रिकेट फैन्स इस दिन को कभी नहीं भूलते क्योंकि उनके सबसे चहेते क्रिकेटर और विश्व के महान बल्लेबाज ने क्रिकेट से विदाई ली थी। इसी दिन वेस्टइंडीज से टेस्ट सीरीज जीतने के साथ मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने हमेशा के लिए क्रिकेट को अलविदा कह दिया।
'क्रिकेट के भगवान' ने संन्यास लेते वक्त कही थी ऐसी बात, जिससे नम हो गई थीं हर किसी की आंखें
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सचिन ने मैच के बाद बहुत ही इमोशनल स्पीच दिया, जिसे सुनकर क्रिकेट फैन्स की आंखे नम हो जाएगी। इस भाषण में सचिन तेंदुलकर ने लगभग हर उस व्यक्ति का जिक्र किया, जिन्होंने उन्हें सफल क्रिकेटर बनने में मदद की। सचिन की विदाई को लगभग चार वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन आज भी उनका वो भाषण सुनकर आंख से आंसू छलक आते हैं। सचिन ने अपने करियर के दौरान खूब सारे मैच खेले और खूब रन बनाए हैं। सचिन ने आए दिन क्रिकेट में कीर्तिमान स्थापित किए, जिन्हें शायद ही कभी कोई हासिल कर पाएं।
सचिन ने कुल 200 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 53.79 की औसत से 15 हजार 921 रन बनाए हैं। टेस्ट में इनके नाम 51 शतक, 68 अर्ध-शतक और 6 दोहरा शतक भी शामिल हैं। वहीं, वन-डे इंटरनेशनल में सचिन ने 463 मैच खेले हैं। उन्होंने 86.24 की औसत से 18 हजार 426 रन बनाए हैं। वन-डे में सचिन के नाम 49 शतक और 96 अर्ध-शतक शामिल है। इसके साथ ही सचिन ने एक टी-20 इंटरनेशनल मैच भी खेले हैं।
गौरतलब है कि टेस्ट, वन-डे और टी-20 क्रिकेट इंटरनेशनल में सचिन ने कुल मिलाकर 664 मैच खेले हैं, जिसमें उनके नाम कुल मिलाकर 34,357 रन, 100 शतक, 164 अर्ध-शतक और 201 विकेट हासिल किए हैं।
बता दें कि साल 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ वन-डे इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले सचिन अपने पहले मैच में खास प्रदर्शन नहीं कर पाए। जिन्ना स्टेडियम में खेले गए इस मैच में सचिन बिना खाता खोले आउट हो गए थे। वकार यूनिस की गेंद पर सचिन का कैच वसीम अकरम ने पकड़ा था। हालांकि ये मैच पाकिस्तान ने 7 रन से जीत लिया था। इस मैच टीम इंडिया ने टॉस जीतकर फील्डिंग करने का फैसला किया। पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 9 विकेट खोकर 87 रन बनाए। जवाब में टीम इंडिया ने 80 रन पर ही सिमट गई थी।