डेब्यू के एक साल बाद पंत ने जड़ा पचासा, बोले- अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में स्वाभाविक खेल जैसा कुछ नहीं
-टीम की जीत के लिए जो कुछ कर सकता हूं, उस पर फोकस करूंगा
-71 रन की पारी खेली थी पंत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ जो उनका 13 वनडे में पहला अर्द्धशतक है
-300 रन बनाए हैं उन्होंने 27.27 की औसत से वनडे में और सात शिकार विकेट के पीछे किए हैं
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युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने कहा कि उन्हें अब समझ में आ गया है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ‘स्वाभाविक खेल’ दिखाने जैसा कुछ नहीं और हालात के अनुरूप खेलना अहम होता है।
पंत के आलोचकों का मानना है कि वह अक्सर अपना विकेट गैर जिम्मेदाराना तरीके से खेलने के चलते गंवा देते हैं। बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग में खराब फॉर्म से जूझ रहे पंत लगातार आलोचकों के निशाने पर थे। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे में अर्द्धशतक जमाकर खराब फॉर्म को अलविदा कहा।
उन्होंने कहा, ‘मैं इतना समझ गया हूं कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में स्वाभाविक खेल जैसा कुछ नहीं। इसमें टीम की जरूरत या हालात के अनुरूप खेलना होता है। मैं सीख रहा हूं। टीम की जीत के लिए जो कुछ कर सकता हूं, उस पर फोकस करूंगा। आखिर में मैंने रन बनाए।’
आलोचना की परवाह नहीं
उन्होंने कहा कि वह आलोचना की परवाह किए बगैर अपने खेल पर फोकस कर रहे हैं। पहले वनडे में 71 रन बनाने वाले पंत ने कहा, ‘मैं प्रक्रिया पर फोकस करना चाहता हूं। कई बार आपके बारे में अच्छा कहा जाता है और कई बार नहीं। मैं पूरा ध्यान अपने खेल पर लगा रहा हूं।’
खुद पर भरोसा जरूरी
लगातार आलोचना के बीच प्रेरणा के बारे में पूछने पर पंत ने कहा कि उन्होंने खुद पर भरोसा कभी नहीं छोड़ा था। उन्होंने कहा, ‘खुद पर भरोसा बनाए रखना सबसे जरूरी है। लोग आसपास चाहे जो बात करें। कई बार रन बनते हैं और कई बार नहीं लेकिन प्रक्रिया अहम होती है।’
जब मैं भारत के लिए खेल रहा हूं तो हर पारी अहम
मौजूदा हालात में यह पारी कितनी अहम है, यह पूछने पर उन्होंने कहा, ‘जब मैं भारत के लिए खेल रहा हूं तो हर पारी अहम है। मैं अपने प्रदर्शन में रोज सुधार देखना चाहता हूं।’ अक्सर मैदानों पर पंत का स्वागत ‘धोनी-धोनी’ की गूंज के साथ होता है लेकिन यहां नहीं। उन्होंने कहा, ‘कई बार दर्शकों का सपॉर्ट जरूरी होता है। मैं अपनी ओर से पूरी कोशिश कर रहा हूं कि प्रदर्शन में सुधार हो सके।’