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मैच रिपोर्टः 'बदले की सीरीज' में 'बराबर' रहने की चुनौती
पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 13 Dec 2012 08:13 PM IST
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सीरीज में 1-2 से पिछड़ने के बाद टीम इंडिया ने चौथे टेस्ट में मेहमान इंग्लैंड टीम को पहले दिन दबाव में रखा। 'बदले की सीरीज' के नाम से शुरू हुई यह सीरीज अब टीम इंडिया के लिए बराबरी पर खत्म करना सबसे बड़ी चुनौती हो गई है। टीम इंडिया ने अंतिम टेस्ट के पहले दिन इंग्लैंड को दबाव में रखा। अगर उसी तरह बाकी चार दिन भी यह दबाव बनाने में टीम कामयाब हो जाती है तो यह सीरीज 2-2 से बराबर हो सकती है।
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चौथे टेस्ट में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। कप्तान कुक का यह फैसला गलत साबित हुआ। कुक 1 और सलामी बल्लेबाज कांप्टन केवल 3 रन बनाकर इशांत शर्मा के शिकार बने। टीम इंडिया पार्ट टाइम गेंदबाज और अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे रविंद्र जडेजा की बदौलत इंग्लैंड के रनों की रफ्तार रोकने में कामयाब रही। जडेजा के अलावा इशांत शर्मा और प्रज्ञान ओझा ने किफायती गेंदबाजी की।
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टीम इंडिया ने पहले दिन कसी हुई गेंदबाजी करते हुए पहले दिन का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड को 97 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 199 के स्कोर पर रोक दिया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही। खेल के पहले सत्र में ईशांत शर्मा इंग्लैंड को दो झटके दिए। मैच के पांचवे ओवर में ईशांत की बाहर जाती गेंद को छेड़ने के फेर में निक कॉम्पटन (3) धोनी को कैच थमा बैठे। ईशांत ने एलेस्टर कुक (1) को LBW कर भारत को दूसरी सफलता दिलाई।
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नागपुर के वर्धा स्टेडियम में खेले जा रहे इस मैच को भारतीय टीम हर हाल में जीतकर सीरीज को 2-2 से बराबर कर सम्मान बचाना चाहेगी। यदि भारत नागपुर टेस्ट मैच भी गंवा देता है तो 2004 के बाद उसकी घरेलू जमीन पर टेस्ट सीरीज में यह पहली हार होगी। तब उसे आस्ट्रेलिया के खिलाफ चार मैचों की सीरीज में 2-1 से शिकस्त का सामना करना पड़ा था। वहीं इंग्लैंड के पास 1985-86 के बाद पहली बार भारत में टेस्ट सीरीज जीतने की संभावना दिखाई दे रही है।