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मोहाली वनडे में विलेन बन सकता है बारिश
चंडीगढ़/एजेंसी
Updated Mon, 21 Jan 2013 08:29 PM IST
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मोहाली में पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश चौथे वन-डे के दौरान मैच का मजा किरकिरा कर सकती है। हालांकि पीसीए अधिकारियों को मौसम साफ रहने की पूरी उम्मीद है। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि आगे बारिश होती भी है तो वे इस चुनौती से निपटने के लिए भी पूरी तरह से तैयार हैं।
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एक अधिकारी ने कहा, ‘थोड़े समय में ही मैदान को सुखाने के लिए हमारे पास सबसे बढ़िया ड्रेनेग सिस्टम और मार्डन उपकरण हैं। लेकिन हमें उम्मीद है कि आगे मौसम साफ रहेगा और आने वाले दिनों में धूप रहेगी।’ चंडीगढ़ मौसम विभाग के अनुसार बुधवार तक मौसम साफ रहेगा और धूप रहेगी। हालांकि इस दौरान सुबह और रात को धुंध रहेगी।
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कहर बरपाएंगे गेंदबाज
भारत और इंग्लैंड के बीच चल रही पांच मैचों की वन-डे सीरीज के पिछले तीन मैचों में बल्लेबाजों का बोलबाला रहा। लेकिन 23 जनवरी को यहां मोहाली के पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम (पीसीए) में होने वाले चौथे वन-डे मैच में गेंदबाजों का जलवा रहने की उम्मीद है।
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राजकोट में हुए पहले वन-डे में दोनों टीमों ने 300 से ज्यादा का स्कोर बनाया था। कोच्चि में खेले गए दूसरे वन-डे में भारत ने पहली पारी में 285 रन ठोके। रांची में भी पिच बल्लेबाजों की मददगार थी और यहां भारत ने 155 रन का लक्ष्य सिर्फ 28.1 ओवर में हासिल कर लिया था। मोहाली और पंजाब के दूसरे हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से तेज बारिश हो रही है।
हालांकि दो दिन से यहां बारिश नहीं हुई है और तापमान थोड़ा गिरा भी है लेकिन यहां अभी भी ठंडक है और हवा चल रही है। यह स्थितियां तेज गेंदबाजी के लिए माकूल होती हैं। अगर स्थितियां ऐसी ही रही तो तेज और स्विंग गेंदबाजों के लिए यह खुशी की बात होती जबकि बल्लेबाजों के लिए चुनौतियां बढ़ जाएगी। पीसीए अधिकारियों का कहना है कि पारंपरिक तौर पर मोहाली को तेज और बाउंसी विकेट के रूप में जाना जाता है। लेकिन अभी जो हालात है उसमें सीम गेंदबाजों को अतिरिक्त स्विंग मिलेगी।
सीरीज में 1-2 से पीछे चल रहे इंग्लैंड के पास स्टीवन फिन, जेड डर्नबेच और टिम ब्रेसनन की पेस तिकडी है जो ऐसे हालातों में भारतीय बल्लेबाजों पर कहर बरपा सकते हैं। भारत के पास भी युवा मीडियम पेसर भुवनेश्वर कुमार, शमी अहमद और इशांत शर्मा के रूप में ऐसे गेंदबाजों हैं जो इंग्लैंड के बल्लेबाजों की बखिया उधेड़ सकते हैं। अब देखना यह रोचक होगा कि यदि पिच गेंदबाजों की मददगार रही तो किस टीम के पेसर कसौती पर खरे उतरते हैं।