एशिया कप में 'सुपर' सैटर्डे का मजाः भारत और पाक होंगे आमने-सामने
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एशिया कप टी-20 टूर्नामेंट में जिस महामुकाबले का इंतजार लंबे समय से था वो करीब आ गया है। जिस दिन भारत और पाकिस्तान की टीमें आपस में भिड़ती हैं वो दिन क्रिकेट के लिए बेहद खास भी हो जाता है। दोनों टीम इस साल पहली बार 27 फरवरी यानी शनिवार को एक-दूसरे के खिलाफ उतरेंगी तो यह 'सुपर' सैटर्डे हो गया है।
बांग्लादेश में खेले जा रहे एशिया कप में इन दोनों चिर-प्रतिद्वंद्वी टीमों की भिड़ंत भारतीय समय के अनुसार शाम 7 बजे से मीरपुर में होगी। टूर्नामेंट के 12वें संस्करण में यह मुकाबला किसी फाइनल मुकाबले से कम नहीं है। पाक में यह आमधारणा भी है कि उनकी टीम अगर किसी टूर्नामेंट में टीम इंडिया को हरा देती है तो यह किसी खिताबी जीत से कम नहीं होता।
किसी भी टूर्नामेंट में इन दोनों टीमों की भिड़ंत किसी खिताबी मुकाबले से कम नहीं होता। ऐसे में दोनों टीमों ने इस मैच के लिए अपने कमर कस लिए हैं। भारत मेजबान बांग्लादेश को हराकर टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज करा चुका है तो पाक का इसमें यह पहला मैच होगा और उसकी नजर पहली जीत पर होगी। पहली बार यह टूर्नामेंट वनडे के बजाए टी-20 फॉरमेट में खेला जा रहा है। दिलचस्प यह है कि इससे पहले हुए मुकाबलों में दोनों टीमों ने आपस में 5-5 मैच जीते हैं। इस तरह से दोनों टीमें इस जीत से लीड लेना चाहेंगी।
इस साल सबसे ज्यादा मैच जीत चुकी है टीम इंडिया
पिछले साल बतौर कप्तान धोनी टीम को जीत दिलाने में काफी संघर्ष करना पड़ा था लेकिन उनके लिए यह साल बेहद शानदार साबित हो रहा है। पाकिस्तान के खिलाफ बड़े मुकाबले में उतरने से पहले उनकी अगुवाई में टीम इंडिया 7 में से 6 मैच जीत चुकी है और उसे सिर्फ एक मैच (श्रीलंका से) में हार मिली थी। इस साल टीम की जीत का औसत 85.71 हो गया है जो किसी भी टीम के मुकाबले बेहद शानदार परिणाम है। साथ ही वह इस साल की पहली ऐसी टीम हो गई है जिसे 6 जीत मिली है।
टी-20 में धोनी की कप्तानी में टीम की जीत का औसत (57.01) और सुधर गया है। 58 मैचों में उन्होंने टीम को 32 में जीत दिलाई है जबकि 24 में हार भी मिली। वहीं एक मैच टाई और एक मैच का कोई परिणाम नहीं निकला।
जहां तक एशिया कप का सवाल है को टीम इंडिया इस टूर्नामेंट की सबसे सफल टीम है और 1984 से शुरू हुए इस सफर में उसने 5 बार यह खिताब जीता है, जबकि पाक को 2 बार खिताबी जीत मिली है।
बल्लेबाजी में टीम इंडिया का पलड़ा भारी
महामुकाबले के लिए बल्लेबाजी विभाग में ओपनर रोहित शर्मा, शिखर धवन और विराट कोहली के फॉर्म में होने से भारत का शीर्ष क्रम मजबूत है। मध्यक्रम में युवराज और सुरेश रैना पाकिस्तान के खुर्रम मंजूर और शोएब मलिक से बड़े मैच विजेता हैं। पाकिस्तानी कप्तान शाहिद आफरीदी अपनी तेज लेग स्पिन के लिए जाने जाते हैं लेकिन अतीत में भारतीय बल्लेबाजों ने उनका बखूबी सामना किया है। उनके साथ अन्य स्पिनर मोहम्मद नवाज होंगे।
उधर, भारतीय स्पिनर आर अश्विन के खिलाफ पाकिस्तानी गेंदबाजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। रविंद्र जडेजा भी अपनी सटीक गेंदबाजी से असर छोड़ते हैं। इस बड़े मुकाबले के लिए गेंदबाजों जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या को भी कम नहीं आंक सकते हैं।
तेज गेंदबाजी में पाक टक्कर देने की स्थिति में पाकिस्तान की टीम सिर्फ तेज गेंदबाजी में टक्कर देती नजर आती है जहां उनके पास मोहम्मद आमिर और वहाब रियाज हैं। जिनके पास विविधता और गति है। मोहम्मद सामी और अनवर अली के विकल्प भी पाकिस्तान के पास हैं। भारत के अनुभवी तेज गेंदबाज आशीष नेहरा और जसप्रीत बुमराह के पास तुलनात्मक रूप से ज्यादा गति न हो लेकिन नेहरा को यह बेहतर समझ है कि टी-20 में गेंद का टप्पा कहां रखना है। बुमराह और हार्दिक पांड्या भी पाकिस्तानी बल्लेबाजों के लिए नई पहेली बन सकते हैं।
पिछली बार दोनों टीमें एक साल 11 दिन पहले एडिलेड में 50 ओवरों के मैच में विश्व कप के दौरान हुआ था जिसमें भारतीय टीम ने 76 रनों से जीत हासिल की थी। विश्व कप के बाद दोनों देशों के बीच तटस्थ स्थान पर प्रस्तावित द्विपक्षीय सीरीज नहीं हुई क्योंकि इसके लिए भारत सरकार से स्वीकृति नहीं मिली।
दागी गेंदबाज आमिर की वापसी पर सभी की नजर
सारा फोकस पाकिस्तान के दागी तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर पर होगा जिन्होंने स्पॉट फिक्सिंग में पांच साल के प्रतिबंध के बाद फिर से मैदान पर वापसी की है। अगले महीने वर्ल्ड टी-20 में होने वाले मुकाबले से पूर्व भारत और पाकिस्तान के बीच यह एक और कड़ी जंग होगी। हालांकि यह देखना दिलचस्प होगा कि पाकिस्तान की टीम अपने दागी गेंदबाज आमिर को अंतिम एकादश में रखती है या नहीं। आमिर ने प्रतिबंध खत्म के बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच खेले हैं। यह स्पीडस्टर भारतीय बल्लेबाजों के खिलाफ प्रदर्शन करने को बेताब होगा।
टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली पहले ही आमिर की वापसी का स्वागत कर चुके हैं लेकिन अभी यह नहीं पता कि भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और साथी अन्य भारतीय खिलाड़ी स्पॉट फिक्सिंग के दोषी रहे इस खिलाड़ी के बारे में क्या सोचते हैं? भारत में बीसीसीआई ने शून्य सहिष्णुता की नीति दिखाई है।
तैयारी के लिहाज से देखें तो दोनों टीमों ने पिछले एक महीने में काफी टी-20 क्रिकेट खेला है। भारतीय टीम ने इस साल सात में से छह मैच जीते हैं जबकि पाकिस्तान टीम के खिलाड़ी सीधे पाकिस्तान सुपर लीग में हिस्सा लेकर आ रहे हैं। पारंपरिक तौर पर देखें तो वैश्विक टूर्नामेंट में पाकिस्तान की टीम भारत को कभी हरा नहीं पाई है लेकिन महाद्वीपीय टूर्नामेंटों में ऐसा नहीं है जहां शाहिद अफरीदी की टीम अच्छा करती आई है।
धोनी की अगुआई में टीम इंडिया भी सही समय पर लय में आ रही है। कागज पर टीम इंडिया हर विभाग में मजबूत है लेकिन पाकिस्तान टीम का मजबूत पक्ष उसकी अनिश्चितता है। भारतीय टीम के लिए एकमात्र चिंता कप्तान धोनी की पीठ की जकड़न है। बांग्लादेश के खिलाफ वह चोट के बावजूद खेले थे। अगर वह पाकिस्तान के खिलाफ नहीं खेलते तो पार्थिव पटेल उनके कवर के तौर पर उतरेंगे।