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आखिरकार ग्वादर आंदोलन के आगे झुके इमरान: पाक पीएम ने दिया कार्रवाई का आश्वासन, करीब 26 दिनों से चल रहा था प्रदर्शन
Sun, 12 Dec 2021 10:35 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कराची
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कराची
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Sun, 12 Dec 2021 10:35 PM IST
सार
ग्वादर में करीब एक माह से जारी सरकार विरोधी प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री इमरान खान ने आखिरकार ट्वीट कर आश्वासन दिया कि वह ग्वादर के मछुआरों की जायज मांगों पर गौर कर रहे हैं और वह ट्रॉलर्स के जरिये अवैध रूप से मछली पकड़नेवालों पर कार्रवाई करेंगे।
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ग्वादर में करीब एक माह से सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी था
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
पाकिस्तान के बंदरगाह शहर (बलूचिस्तान) ग्वादर में करीब एक माह से जारी सरकार विरोधी प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री इमरान खान ने आखिरकार ट्वीट कर आश्वासन दिया कि वह ग्वादर के मछुआरों की जायज मांगों पर गौर कर रहे हैं और वह ट्रॉलर्स के जरिये अवैध रूप से मछली पकड़नेवालों पर कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि वह बलूचिस्तान के सीएम से इस पर बात भी करेंगे।
दिन पर दिन तेज होते प्रदर्शन को देखते हुए पाकिस्तान में अन्य जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल को ग्वादर भेजने के निर्देश जारी किए गए थे। इसके अलावा कुछ दिनों से भारी संख्या में स्थानीय लोगों के ‘ग्वादर को हक दो’ आंदोलन में शामिल होने के कारण सरकार की चिंता बढ़ गई है। पीने के साफ पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित ग्वादर में रहने वाले हजारों लोग अपने हक के लिए शुक्रवार को मुख्य सड़क पर उतर आए। प्रदर्शन में शामिल बड़ी संख्या में महिला और बच्चे राज्य तथा केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे।
डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन में शामिल हजारों लोग अन्य चीजों के साथ-साथ स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने और ट्रालर माफिया को समाप्त करने की मांग कर रहे थे। जमात-ए-इस्लामी के महासचिव (बलूचिस्तान) मौलाना हिदायत-उर-रहमान ने कहा कि प्रदर्शन वास्तव में प्रांतीय व संघीय सरकार के खिलाफ जनमत संग्रह है। जब तक लोगों को उनका अधिकार नहीं मिल जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
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उन्होंने कहा कि यह वास्तव में वंचित और उत्पीड़ित बलूचिस्तानवासियों का आंदोलन है। इनमें मछुआरे, गरीब श्रमिक व छात्र शामिल हैं। यह प्रदर्शन बलूच मुत्ताहिद महाज (बीएमएम) के अध्यक्ष यूसुफ खान की ग्वादर में गिरफ्तारी के एक दिन बाद हुआ। वयोवृद्ध बलूच राष्ट्रवादी नेता को देश विरोधी गतिविधियों और लोगों को भड़काने के आरोप में बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया गया था।
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दिन पर दिन तेज होते प्रदर्शन को देखते हुए पाकिस्तान में अन्य जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल को ग्वादर भेजने के निर्देश जारी किए गए थे। इसके अलावा कुछ दिनों से भारी संख्या में स्थानीय लोगों के ‘ग्वादर को हक दो’ आंदोलन में शामिल होने के कारण सरकार की चिंता बढ़ गई है। पीने के साफ पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित ग्वादर में रहने वाले हजारों लोग अपने हक के लिए शुक्रवार को मुख्य सड़क पर उतर आए। प्रदर्शन में शामिल बड़ी संख्या में महिला और बच्चे राज्य तथा केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे।
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डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन में शामिल हजारों लोग अन्य चीजों के साथ-साथ स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने और ट्रालर माफिया को समाप्त करने की मांग कर रहे थे। जमात-ए-इस्लामी के महासचिव (बलूचिस्तान) मौलाना हिदायत-उर-रहमान ने कहा कि प्रदर्शन वास्तव में प्रांतीय व संघीय सरकार के खिलाफ जनमत संग्रह है। जब तक लोगों को उनका अधिकार नहीं मिल जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
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उन्होंने कहा कि यह वास्तव में वंचित और उत्पीड़ित बलूचिस्तानवासियों का आंदोलन है। इनमें मछुआरे, गरीब श्रमिक व छात्र शामिल हैं। यह प्रदर्शन बलूच मुत्ताहिद महाज (बीएमएम) के अध्यक्ष यूसुफ खान की ग्वादर में गिरफ्तारी के एक दिन बाद हुआ। वयोवृद्ध बलूच राष्ट्रवादी नेता को देश विरोधी गतिविधियों और लोगों को भड़काने के आरोप में बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया गया था।