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Cricket: 'हमारा लक्ष्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं के टेस्ट मैचों को बढ़ाना है', बोले सैकिया
Fri, 31 Oct 2025 09:34 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Fri, 31 Oct 2025 09:34 PM IST
सार
यह पूछे जाने पर कि क्या बीसीसीआई भविष्य के एफटीपी की योजना बनाते हुए महिला कैलेंडर पर फिर से विचार करेगा और अधिक लाल गेंद के मैच आयोजित करेगा तो सैकिया ने कहा, 'महिलाएं ज्यादा सफेद गेंद वाला क्रिकेट खेल रही हैं।'
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देवजीत सैकिया
- फोटो : ANI
विस्तार
भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) सचिव देवजीत सैकिया ने शुक्रवार को कहा कि वह महिलाओं के लिए टेस्ट मैचों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ घरेलू स्तर पर बहु-दिवसीय मैचों की संख्या बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
बीसीसीआई सचिव ने हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय महिला टीम की ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ सेमीफाइनल में रिकॉर्ड जीत की सराहना की और भरोसा जताया कि ‘मंधाना’ और ‘हरमनप्रीत’ लिखी भारतीय टीम की जर्सी पहनने वाले प्रशंसकों की संख्या में वृद्धि होगी।
यह पूछे जाने पर कि क्या बीसीसीआई भविष्य के एफटीपी की योजना बनाते हुए महिला कैलेंडर पर फिर से विचार करेगा और अधिक लाल गेंद के मैच आयोजित करेगा तो सैकिया ने कहा, 'महिलाएं ज्यादा सफेद गेंद वाला क्रिकेट खेल रही हैं।'
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उन्होंने कहा, 'लगभग तीन साल पहले भारत ने ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के साथ भी बहु-दिवसीय (टेस्ट) क्रिकेट खेलना फिर से शुरू किया। जब जय शाह बीसीसीआई के सचिव थे, तब उन्होंने महिला टेस्ट क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए विशेष पहल की थी। इसलिए अब हम टेस्ट मैच खेल रहे हैं।'
सैकिया का मानना है कि महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) की शुरुआत ने खेल के प्रति लोगों की धारणा में एक बड़ा बदलाव किया है और पहला विश्व कप जीतना ठीक वैसा ही पल होगा जैसा कपिल देव की टीम ने 1983 में किया था।
उन्होंने कहा, 'जब डब्ल्यूपीएल को बहुत ही पेशेवर तरीके से, ढेर सारे प्रायोजन, ढेर सारे दर्शकों, टीवी और डिजिटल प्लेटफार्म के साथ पेश किया गया तो भारत में महिला क्रिकेट में एक बड़ा बदलाव आया।'
सैकिया ने कहा, 'जिस तरह से भारतीय टीम प्रदर्शन कर रही है, उनका आत्मविश्वास और उनका रवैया पिछले 3-4 साल में बदल गया है। अब अगर हम यह ट्रॉफी (आईसीसी महिला वनडे विश्व कप) जीतते हैं तो इसका निश्चित रूप से 1983 जैसा ही प्रभाव हो सकता है।'
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बीसीसीआई सचिव ने हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय महिला टीम की ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ सेमीफाइनल में रिकॉर्ड जीत की सराहना की और भरोसा जताया कि ‘मंधाना’ और ‘हरमनप्रीत’ लिखी भारतीय टीम की जर्सी पहनने वाले प्रशंसकों की संख्या में वृद्धि होगी।
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यह पूछे जाने पर कि क्या बीसीसीआई भविष्य के एफटीपी की योजना बनाते हुए महिला कैलेंडर पर फिर से विचार करेगा और अधिक लाल गेंद के मैच आयोजित करेगा तो सैकिया ने कहा, 'महिलाएं ज्यादा सफेद गेंद वाला क्रिकेट खेल रही हैं।'
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उन्होंने कहा, 'लगभग तीन साल पहले भारत ने ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के साथ भी बहु-दिवसीय (टेस्ट) क्रिकेट खेलना फिर से शुरू किया। जब जय शाह बीसीसीआई के सचिव थे, तब उन्होंने महिला टेस्ट क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए विशेष पहल की थी। इसलिए अब हम टेस्ट मैच खेल रहे हैं।'
सैकिया का मानना है कि महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) की शुरुआत ने खेल के प्रति लोगों की धारणा में एक बड़ा बदलाव किया है और पहला विश्व कप जीतना ठीक वैसा ही पल होगा जैसा कपिल देव की टीम ने 1983 में किया था।
उन्होंने कहा, 'जब डब्ल्यूपीएल को बहुत ही पेशेवर तरीके से, ढेर सारे प्रायोजन, ढेर सारे दर्शकों, टीवी और डिजिटल प्लेटफार्म के साथ पेश किया गया तो भारत में महिला क्रिकेट में एक बड़ा बदलाव आया।'
सैकिया ने कहा, 'जिस तरह से भारतीय टीम प्रदर्शन कर रही है, उनका आत्मविश्वास और उनका रवैया पिछले 3-4 साल में बदल गया है। अब अगर हम यह ट्रॉफी (आईसीसी महिला वनडे विश्व कप) जीतते हैं तो इसका निश्चित रूप से 1983 जैसा ही प्रभाव हो सकता है।'