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नवदीप सैनी को भी समझ आ गया कि विराट का लालच क्या है?

Shivendra Kumar Singh शिवेंद्र कुमार सिंह
Updated Sun, 09 Feb 2020 08:09 AM IST
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Navdeep Saini wins heart with his superb knock vs New Zealand in Auckland ODI
नवदीप सैनी - फोटो : पीटीआई

ऑकलैंड वन-डे में यूं तो कुछ ऐसा नहीं हुआ जो भारतीय फैंस का पैसा वसूल कराता। टॉप ऑर्डर बल्लेबाज नहीं चले। विराट कोहली नहीं चले। रोहित शर्मा और शिखर धवन की गैरमौजूदगी की वजह से पारी की शुरुआत में जो करारे करारे शॉट्स देखने को मिलते थे वो भी देखने को नहीं मिले। ऐसे में जो थोड़ा बहुत मजा आया वो आया नवदीप सैनी की बल्लेबाजी में।

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नवदीप सैनी जब बल्लेबाजी करने आए थे तब तक भारतीय टीम की हार तय दिखने लगी थी। 274 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए करीब 150 रन तक भारतीय टीम के सात विकेट गिर चुके थे। इसके बाद नवदीप सैनी और रवींद्र जडेजा ने मोर्चा संभाला।
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भारतीय फैंस मान चुके थे कि हार तो तय है अब बस ये देखना था कि हार का अंतर कितना छोटा या बड़ा रहता है। रवींद्र जडेजा क्रीज पर इकलौते ऐसे खिलाड़ी थे जिनकी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बतौर बल्लेबाज भी पहचान है। उनके बाद कोई ऐसा खिलाड़ी नहीं था जिससे किसी तरह की उम्मीद की जाती।
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लिहाजा जडेजा ने क्रीज के एक छोर को संभाला और नवदीप सैनी को खुलकर शॉट्स खेलने का मौका दिया। ये रणनीति ठीक थी। जिसको नवदीप सैनी ने गजब तरीके से निभाया। उन्होंने 49 गेंद पर 45 रन बनाए। इसमें 5 चौके और 2 छक्के शामिल थे। नवदीप सैनी की इस पारी की बदौलत कुछ मिनटों के लिए ही सही लेकिन भारतीय टीम की जीत की उम्मीद दिखी थी। हालांकि ऐसा हुआ नहीं।

सैनी ने चौके से खोला अपना खाता

Navdeep Saini wins heart with his superb knock vs New Zealand in Auckland ODI
नवदीप सैनी - फोटो : पीटीआई

शार्दुल ठाकुर के आउट होने के बाद नवदीप सैनी जब बल्लेबाजी करने आए तो ग्रैंडहोम गेंदबाजी कर रहे थे। पहली चार की चार गेंद पर सैनी कोई रन नहीं बना पाए, लेकिन ओवर की आखिरी गेंद पर मिड ऑफ की दिशा में उन्होंने एक चौका लगाया। इसके बाद सैनी समझदारी के साथ बल्लेबाजी करते दिखे। उन्होंने एक-एक रन लेकर स्ट्राइक रोटेट की।

बीच-बीच में चौके लगाए। 35वें ओवर में भी उन्होंने नीशम को भी एक चौका लगाया। फिर कुछ गेंद के बाद नीशम पर ही सैनी ने एक छक्का लगाया। दर्शकों को सबसे ज्यादा मजा आया 44वें ओवर में। सैनी के सामने ग्रैंडहोम थे। इस ओवर में सैनी ने ग्रैंडहोम को तीन चौके लगाए।

एक्सट्रा कवर और थर्ड मैन की तरफ शॉट्स जब बाउंड्री पार गए तो दर्शकों ने खूब ताली बजाई। अगले ओवर में सैनी ने जेमीसन को एक छक्का भी लगाया। उन्होंने जडेजा के साथ मिलकर स्कोरबोर्ड को सवा दो सौ रनों के पार पहुंचा दिया।

यानी अब जीत करीब पचास रन दूर ही थी। ऐसा लगा कि एकाध ओवर सैनी और क्रीज पर रूक गए तो बाजी पलट सकती है, लेकिन जेमीसन ने एक छक्का खाने के बाद अगली गेंद पर नवदीप सैनी को बोल्ड कर दिया। जिसके बाद भारतीय टीम 22 रन के भीतर ऑल आउट हो गई।

बल्लेबाजी आए बिना काम नहीं चलेगा

Navdeep Saini wins heart with his superb knock vs New Zealand in Auckland ODI
नवदीप सैनी की बल्लेबाजी - फोटो : ट्विटर

टीवी स्क्रीन से चिपके क्रिकेट फैंस ने देखा कि नवदीप सैनी हर शॉट के बाद मुस्करा रहे थे। चौके छक्के के बाद उनके चेहरे पर एक मुस्कान थी। इस मुस्कान की वजह को समझना होगा। दरअसल विराट कोहली अपनी टीम के बैटिंग लाइन अप में गहराई लाने के लिए एक ऐसे गेंदबाज को मौका देते हैं जो बल्लेबाजी भी कर सकता हो। शार्दुल ठाकुर इसी खासियत की वजह से प्लेइंग 11 में शामिल किए जाते हैं।

टीम के पहले दो तेज गेंदबाज के तौर पर जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी हैं। तीसरे तेज गेंदबाज के तौर पर अगर टीम में नियमित जगह चाहिए तो बल्लेबाजी आनी चाहिए। यही ये कसौटी है जहां नवदीप सैनी को खुद को साबित करना है। विराट कोहली अच्छी तरह जानते हैं कि बतौर गेंदबाज नवदीप सैनी शार्दुल ठाकुर से कहीं बेहतर विकल्प हैं। उनकी गेंदबाजी में रफ्तार और वेरिएशन शार्दुल ठाकुर से ज्यादा है, लेकिन शार्दुल ठाकुर की बल्लेबाजी विराट कोहली को प्रभावित करती है।

ऑकलैंड वन-डे में नवदीप सैनी ने बड़े बड़े शॉट्स खेलकर ये संदेश देने की कोशिश की है कि उन्हें बल्लेबाजी में जीरो ना समझा जाए। ये आंकड़ा भी दिलचस्प है कि फर्स्ट क्लास से लेकर क्रिकेट के जितने भी फॉर्मेट में अब तक सैनी मैदान में उतरे हैं उसमें 45 ही उनका अब तक सर्वश्रेष्ठ स्कोर है। अगर अगले कुछ मैचों में उन्होंने ये संदेश इसी मजबूती से दिया तो निश्चित तौर पर आप उन्हें प्लेइंग 11 में और ज्यादा मौके मिलते देखेंगे।

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