नागपुर पिच पर नया विवाद, अब ICC ने बताया इसे खराब
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भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच पिछले हफ्ते खेले गए नागपुर टेस्ट मैच को खत्म हुए कई दिन हो गए हैं लेकिन इसको लेकर विवाद खत्म नहीं हुआ है। नागपुर पिच को लेकर चल रही बहस के बीच आईसीसी मैच रेफरी जैफ क्रो ने पिच को खराब करार दे दिया है। इससे बीसीसीआई को शर्मिंदगी उठानी पड़ सकती है।
नागपुर में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच मौजूदा सीरीज का तीसरा टेस्ट मैच खेला गया था। अब आईसीसी की पिच निगरानी प्रक्रिया के तहत पिच का प्रदर्शन समीक्षा के दायरे में आ गया है।
प्रक्रिया के नियम 3 के तहत मैच रेफरी जैफ क्रो ने आईसीसी को सौंपी अपनी रिपोर्ट में पिच को लेकर चिंता जताई है। इस रिपोर्ट को बीसीसीआई को भेजा गया है जो 14 दिन के अंदर इस पर अपनी प्रतिक्रिया देगी। नागपुर में तीसरा टेस्ट 25 से 27 नवंबर तक खेला गया।
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नागपुर के जामथा स्थित विदर्भ क्रिकेट मैदान की पिच पर गेंद ने पहले दिन ही टर्न लेना शुरू कर दिया था और मैच तीन दिन में समाप्त हो गया था। भारत ने अपनी दोनों पारियों में क्रमश: 215 और 173 रन बनाए जबकि दक्षिण अफ्रीका की टीम पहली पारी में महज 79 और दूसरी पारी में 185 रन बना सकी थी।
विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन (वीसीए) बीसीसीआई अध्यक्ष शशांक मनोहर की घरेलू एसोसिएशन है जो कि आईसीसी के नए चेयरमैन भी हैं। पिच की ऑस्ट्रेलिया के मैथ्यू हेडन, इंग्लैंड के माइकल वॉन सहित कई पूर्व क्रिकेटरों ने कड़ी आलोचना की थी।
हालांकि भारतीय कप्तान विराट कोहली और टीम डायरेक्टर रवि शास्त्री ने पिच का बचाव करते हुए कहा था कि पिच में कोई खराबी नहीं थी। रवि शास्त्री ने तो यहां तक कहा था कि कौन सा नियम कहता है कि गेंद पहले दिन से टर्न नहीं करनी चाहिए। नियमों की किस किताब में लिखा है कि पहले दिन गेंद सिर्फ स्विंग और सीम करे। हालांकि दक्षिण अफ्रीका की टीम ने अधिकृत रूप से कोई शिकायत या कड़ी आलोचना नहीं की है।
बीसीसीआई की पिच पर अपनी प्रतिक्रिया के बाद आईसीसी के जनरल मैनेजर (क्रिकेट) ज्योफ एलार्डिस और चीफ मैच रेफरी रंजन मदुगले सभी साक्ष्यों पर विचार करेंगे। वह अपने किसी निष्कर्ष से पहले मैच की वीडियो फुटेज भी देखेंगे। वे इस बात का भी फैसला करेंगे कि पेनाल्टी लगाई जाए कि नहीं। आईसीसी ज्योफ एलार्डिस और मदुगले के निर्णय से पहले कोई प्रतिक्रिया नहीं देगी।