दुनिया के सबसे सफल कप्तानों में शुमार टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी आज अपना 39वां जन्मदिन मना रहे हैं। हालांकि लंबे वक्त से चर्चा चल रही है कि धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने का मन बना लिया है। आईपीएल के टलने से पहले धोनी इसकी तैयारियों में जुटे थे। माना जा रहा था कि यह लीग धोनी के लिए एक बार फिर से भारतीय टीम का दरवाजा खोलेगी। धोनी कब-क्या फैसला लेंगे ये शायद उनके अलावा कोई और नहीं जानता, जैसे वो मैदान में भी अपने फैसलों से सभी को चौंका देते थे।
MS Dhoni Birthday: मैदान पर कप्तान धोनी के पांच बड़े फैसले, जिसने बदला भारतीय क्रिकेट का इतिहास
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2011 के वर्ल्ड कप के दौरान धोनी लय में नहीं थे, लेकिन फाइनल मुकाबले में वो युवराज सिंह से पहले नंबर पांच पर बल्लेबाजी करने उतरे। जबकि युवराज ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान बेहतरीन खेल दिखाया था। धोनी का यह फैसला सही साबित हुआ। भारतीय कप्तान ने 79 गेंदों पर नाबाद 91 रन बनाए जिसमें आठ चौके और दो छक्के शामिल थे। धोनी ने दबाव में बेहतरीन पारी खेली और भारतीय टीम को 275 रन के लक्ष्य तक पहुंचाकर विश्व चैंपियन बनाया।
भारत ने 2007 विश्व टी-20 के फाइनल में पाकिस्तान को 158 रन का लक्ष्य दिया था। पाकिस्तान को आखिरी ओवर में जीत के लिए 13 रन की दकरकार थी और धोनी ने जोगिंदर शर्मा के हाथों में गेंद सौंप दी। जोगिंदर शर्मा ने कमाल दिखाते हुए मिस्बाह-उल-हक का विकेट चटकाकर लक्ष्य का बचाव किया। भारत पांच रन से फाइनल जीत टी-20 का पहला विश्व चैंपियन बना था। अनुभवहीन शर्मा पर भरोसा करने का धोनी का निर्णय एक मास्टरस्ट्रोक था।
रोहित शर्मा एकदिवसीय में मध्यक्रम में खेलते हुए लगातार असफल हो रहे थे। धोनी ने उन्हें सलामी बल्लेबाज के रूप में उतारा और उसके बाद तो रोहित ने बतौर ओपनर तूफान ही मचा दिया। रोहित ने अपने एकदिवसीय करियर में तीन दोहरे शतक लगाए हैं और यह उपलब्धि हासिल करने वाले एकमात्र क्रिकेटर हैं। रोहित ने इंग्लैंड में खेले गए 2013 के चैंपिंयस ट्रॉफी से ओपनिंग की कमान संभाली और तब से अपने बल्ले से धूम मचा रहे हैं।
रोहित शर्मा और शिखर धवन के नाम 16 शतकीय साझेदारी है और वे इस सूची में एडम गिलक्रिस्ट और मैथ्यू हेडन के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर है। पहले स्थान पर सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली है जिनके नाम 21 शतकीय साझेदारी है।