क्रिकेट जगत में ललित मोदी की हो सकती है दोबारा एंट्री
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इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के बर्खास्त आयुक्त ललित मोदी एक नई क्रिकेट संस्था तैयार कर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) को टक्कर देने की तैयारी कर रहे हैं। वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों का सामना कर रहे मोदी पिछले कई सालों से स्वनिर्वासित रूप से लंदन में रह रहे हैं।
उन्होंने दावा किया है कि जो संस्था वो बनाने जा रहे हैं वह विश्व क्रिकेट का भविष्य है। मोदी ने कहा कि नई संस्था ओलंपिक अभियान से मान्यता प्राप्त होगी और टेस्ट तथा ट्वंटी-20 प्रतियोगिताओं का संचालन करेगी जबकि एकदिवसीय क्रिकेट के प्रारूप को खत्म कर दिया जाएगा।
मोदी ने ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन से खुद इस बात को स्वीकार किया कि वह मौजूदा वैश्विक क्रिकेट संस्था की जगह एक नई विश्व क्रिकेट संस्था को लेकर प्रयासरत हैं।
उन्होंने कहा, "हम एक अन्य क्रिकेट प्रणाली की बात कर रहे हैं। इसका खाका तैयार है। इस पर मेरी मुहर लग चुकी है। मैं इससे जुड़ा हुआ हूं। मैं पहली बार कह रहा हूं कि मैं इस खाके को तैयार करने में शामिल रहा हूं। हमें मौजूदा संगठन का सामना करना पड़ सकता है। इससे कोई दिक्कत नहीं। इसके लिए कुछ अरब डॉलर की जरूरत पड़ेगी। मुझे नहीं लगता कि काम शुरू करने के लिए इसे हासिल करने में कोई समस्या है।"
मोदी पर है गिरफ्तारी वारंट
वर्ष 2010 में आईपीएल आयुक्त से बर्खास्त किए गए ललित मोदी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आरोपों के आधार पर गिरफ्तारी वारंट है। हालांकि मोदी ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है।
ओलंपिक संघ से मान्यता प्राप्त होगी
ललित मोदी ने कहा है कि वह जो नई संस्था बनाने जा रहे हैं उसे वह ओलंपिक समिति की मान्यता दिलाएंगे। इसमें आईसीसी जैसा ही क्रिकेट कैलेंडर होगा जिसमें टेस्ट और ट्वंटी-20 मैच कराए जाएंगे।
टेस्ट और टी-20 भविष्य की जरूरत
आईपीएल के पूर्व आयुक्त ने कहा कि इस योजना में टेस्ट और टी-20 को शामिल किया गया है क्योंकि यह भविष्य की जरूरत है। इसलिए सिर्फ इन्हें ही खेला जाना चाहिए। यदि इस योजना को लागू कर दिया गया तो यह क्रिकेट में दोबारा इतिहास लिख देगा।
ललित मोदी ने कहा कि उनकी योजना तभी विफल होगी जब बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष एन श्रीनिवासन के अंतर्गत काम कर रहा आईसीसी सुधारवादी कदम उठाएगा। आईसीसी को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) की मान्यता हासिल करने की कोशिश करनी चाहिए।