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कप्तान बनने के बाद भावुक हुए कोहली, बोले-धोनी ने कई बार बचाया करियर, किए कई और खुलासे

Sun, 08 Jan 2017 09:57 PM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 08 Jan 2017 09:57 PM IST
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KOHLI'S FIRST INTERVIEW AFTER BEING T-20 AND ONE DAY CAPTAIN
विराट कोहली बने वन-डे और टी-20 की कप्तानी - फोटो : SELF

एमएस धोनी के टी-20 और वनडे कप्तानी छोड़ने के बाद इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली टी-20 और वनडे सीरीज के लिए विरोट कोहली को टीम इंडिया का कप्तान बनाया गया है। कप्तान बनने के बाद विराट ने बीसीसीआई टीवी को दिए  इंटरव्यू में भविष्य की योजनाओं के बारे में बताया। साथ ही बतौर खिलाड़ी धोनी की उपयोगिता के बारे में भी  उन्होंने विचार रखे। इसके अलावा विराट ने धोनी के साथ बिताए कुछ भावुक लम्हे और उनकी उदारता के कुछ किस्से भी इस इंटरव्यू में शेयर किए। पढ़िए विराट का पूरा इंटरव्यू... 

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 कप्तान बनना  मेरी जिंदगी का सबसे बेहतरीन लम्हा

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विराट कोहली

यह मेरी जिंदगी की का सबसे बेहतरीन लम्हा है। यह एक बड़ी जिम्मेदारी है और मैं इस जिम्मेदारी को पाना चाहता था। मुझे यह मालूम नहीं चला कि किस तरह मेरे जीवन में यह बदलाव हुआ कि मैं एक खिलाड़ी से तीनों फॉर्मेट में टीम का कप्तान बन गया। मैं शुक्रगुजार हूं कि मुझे यह जिम्मेदारी दी गई है। जब मुझे इस बारे में बीसीसीआई और चयनकर्ताओं द्वारा सूचना दी गई तब मेरे जहन में बचपन के उस दौर की यादें ताजा हो गईं। जब आप क्लब क्रिकेट खेल रहे होते हैं और देश का नेतृत्व करना चाहते हैं।  बाद यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा पल है। 

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धोनी का शुक्रगुजार हूं

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महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली - फोटो : Getty

मैं एमएस धोनी का शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने यह सोचा कि मैं इस जिम्मेदारी को आगे लेकर आगे लेकर चलने के लिए तैयार हूं। मैं इस पूरी प्रक्रिया में  योगदान के लिए उन्हें  धन्यवाद देता हूं। मैने बतौर खिलाड़ी उनसे बहुत कुछ सीखा है जैसे टीम का नेतृत्व करना, अपने आपको संयमित रखना और टीम को एकजुट रखना। वह इससे बेहतर तरीके से कप्तानी नहीं छोड़ सकते थे। जिस सहजता और गरिमामय ढंग से उन्होंने यह फैसला किया। उसी समय मेरा यह समझना कि परिस्थितियां कैसी हैं। उनके लिए सम्मान बनाए रखना भी जरूरी है।

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पहली बार टेस्ट कप्तानी मिलने के बारे में 

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विराट कोहली - फोटो : espncricinfo

मुझे ऑस्ट्रेलिया दौरे पर एडिलेड टेस्ट से पहले यह बताया गया कि पहले मैच में धोनी नहीं खेलेंगे आपको मैच में कप्तानी करनी है। उस वक्त यह मेरे लिए हैरान करने वाली बात थी क्योंकि मैं टेस्ट क्रिकेट में अपने पैर जमाने की कोशिश कर रहा था। लेकिन वह जिम्मेदारी मेरे लिए बेहतरीन साबित हुई। समय के साथ मैंने यह सीखा कि क्या और कैसे करना है। 

धोनी से सीखी कप्तानी की बारीकियां 

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महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली - फोटो : PTI

टी-20 और वनडे की कप्तानी ऐसी है जिसके बारे में मैंने समय के साथ सीखा है। छोटे फॉर्मेट में मैंने कप्तानी की और  इससे खेल को और बेहतर तरीके से समझने में मुझे फायदा हुआ। मैं अपने तरीके से तैयारी कर रहा था। वहीं मैच के दौरान धोनी मुझसे बात करते थे और रणनीति के बारे में भी चर्चा करते थे कि कैसे स्थितियों का सामना करना है क्योंकि उन्हें इस बात की समझ थी कि मुझे अगले कप्तान के रूप  में बारीकियां सिखाना और मेरा मार्गदर्शन करना जरूरी है। क्योंकि जो विरासत वह कप्तान के रूप में छोड़कर जा रहे हैं। अगले कप्तान के लिए उसे आगे ले जाने के लिए तैयार रहना बेहद जरूरी है। वह चाहते थे कि नया कप्तान किसी तरह के संदेह की स्थिति में न रहे। यह प्रक्रिया बेहतरीन थी।

धोनी के अनुभव का फायदा मिलेगा 

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महेंद्र सिंह धोनी

नए कप्तान के लिए धोनी का टीम में बना रहना जीत जैसा ही है। क्योंकि उनके टीम में रहने से उनके अनुभव, उनके दिमाग और सलाह का फायदा कप्तान और टीम को जरूर होगा। लेकिन मैं जिस बात के लिए सबसे ज्यादा खुश हूं कि अब वह खुले दिमाग से बिना किसी दबाव के क्रिकेट खेल सकेंगे। वह उसी आक्रामक धोनी के रूप में नजर आएंगे जिन्हें हम जानते हैं। एक खिलाड़ी के रूप में आप यह अच्छी तरह समझते हैं कि जिम्मेदारी आक्रामकता को दूर ले जाती है। अब ऐसा समय है जब वह क्रिकेट का लुत्फ उठाएंगे और जब तक चाहेंगे क्रिकेट खेलते रहेंगे। उन्होंने कई सालों तक टीम का बोझ अपने कंधों पर उठाया है अब उनके लिए क्रिकेट का लुत्फ उठाने का है। एक कप्तान के रूप में धोनी की जगह भर पाना बेहद मुश्किल है क्योंकि धोनी का नाम लेते ही आपके जहन में कप्तान आता है। आप धोनी की कल्पना और किसी रूप में नहीं कर सकते। 

धोनी ने कई बार टीम से बाहर जाने से बचाया

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महेंद्र सिंह धोनी
मेरे लिए धोनी हमेशा कप्तान रहेंगे। मैंने उनकी कप्तानी में अपना करियर शुरू किया। अब उन्होंने टीम की कमान मेरे हाथों में सौंपी है। वह हमेशा मेरे कप्तान और मार्गदर्शक रहेंगे। उन्होंने मुझे एक खिलाड़ी के रूप में खेलने, बढ़ने की अपार जगह और वक्त दिया। उन्होंने कई बार मुझे टीम से बाहर किए जाने से बचाया। इस कारण मेरे मन में उनके प्रति बहुत सम्मान है। उन्हें मालूम था कि मौका दिए जाने के बाद मैंने अपने का साबित करने की पुरजोर मेहनत की। उनकी वजह से ही मैं शारीरिक के साथ-साथ मानसिक रूप से सुदृढ़ हो सका जिससे कि मैं आने वाले समय में जिम्मेदारी संभाल सकूं। 

बतौर खिलाड़ी यह धोनी के करियर का सबसे बेहतरीन दौर होगा

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महेंद्र सिंह धोनी
हम दोनों के बीच अच्छी दोस्ती है। मैं भाग्यशाली हूं कि सुझाव देने के लिए वह टीम में मेरे साथ होंगे। जब वो कप्तान थे तब भी हम दोनों के बीच बातें होती थीं और हम किसी निष्कर्ष पर पहुंचते थे। अब जब बतौर कप्तान मैं उनसे पूछूंगा कि वह किस क्रम पर बल्लेबाजी करना चाहेंगे तो वह बेहद ईमानदारी मुझे जगह तय करने को कहेंगे। मैं जानता हूं कि वह ऐसे हैं लेकिन मैं उन्हें बल्लेबाजी क्रम में ऊपर खेलता देखना चाहता हूं। यदि धोनी अपनी क्रिकेट को एन्जॉय करते हैं और जिस तरह अपने शुरुआती दौर में खेलते थे तो टीम में उनके लिए बहुत मजबूत जगह है। उनकी क्रिकेटीय क्षमता और खेल की समझ और स्थिति की समझ बहुमूल्य है। मुझे लगता है कि बतौर खिलाड़ी यह उनके करियर का बेहतरीन दौर होगा और वह बिना दबाव के ऐसा कर पाएंगे। 

उदाहरण पेश कर कप्तानी करना चाहता हूं

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विराट कोहली
जिम्मेदारियां अब तक मेरे लिए फायदेमंद रही हैं। आप खेल में किसी भी समय रिलैक्स नहीं कर सकते औप खेल में ढील नहीं बरत सकते। आईपीएल में जब मैं बतौर कप्तान बल्लेबाजी करता था तो पहले 60-70 रन बनाकर अपना विकेट गंवा देता था। लेकिन बाद में मुझे अहसास हुआ कि कप्तान को खिलाड़ियों के सामने उदाहरण पेश करना होता है इसलिए मैंने बाद में 60-70 रन के आगे भी जोर लगाना शुरू किया। मैंने पहले उस तरह के प्रयास करने शुरू किए जैसा मैं टीम के अन्य खिलाड़ियों को करने के लिए कहना चाहता था। इसी बात में मैं हमेशा से यकीन करता हूं।

छोटे फॉर्मेट में कप्तानी बेहद मुश्किल काम 

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विराट कोहली - फोटो : BCCI
टेस्ट क्रिकेट की कप्तानी आपको मैच में वापस आने का मौका देती है। विराट ने एलन बॉर्डर के एक इंटरव्यू का हवाला देते हुए कहा कि क्यों पॉन्टिंग को महानतम कप्तान माना जाता है क्योंकि आपने क्रिकेट के एक ऐसे फॉर्मेट में लगातार सकारात्मक परिणाम दिए जिसमें आपके पास मैच में वापसी करने का मौका कम होता है। अपने पूरे करियर में बतौर कप्तान टॉप पर रहना एक बेहतरीन उपलब्धि है। जैसा धोनी ने भारत के लिए किया उन्होंने आईसीसी की सभी ट्रॉफी जीती। छोटे फॉर्मेट में कप्तानी करना बेहद मुश्किल काम है। एक-दो खिलाड़ी आपके पाले से मैच दूर ले जा सकते हैं उस स्थिति से वापसी करने के लिए एक अलग तरह की सोच की आवश्यकता होती है आपके जखीरे में अलग तरह के आइडिया होने चाहिए। धोनी ने कई बार बेहतरीन तरीके से ऐसा किया।  


 

मुझे जिम्मेदारी लेना पसंद है

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विराट कोहली औऱ सुनील गावस्कर - फोटो : ESPN
जिम्मेदारी एक ऐसी चीज है जिसे मैं लेना पसंद करता हूं। यह मुझे एक बेहतर खिलाड़ी और इंसान बनाती है। इससे मुझे खेल को और ज्यादा समझने में मदद मिलती है। इससे खेल के प्रति मेरे ध्यान बढ़ता है। इससे आप खेल की बारीकियों को बेहतर तरीके से समझते हैं। अब तक जिम्मेदारियां मेरे लिए बेहतर साबित हुई हैं। टी-20 और वनडे क्रिकेट ऐसी है जिसके बारे में पिछले कुछ सालों में मेरी समझ बेहतर हुई है। छोटे फॉर्मेट में टेस्ट में कप्तानी से बेहतर तरीके से कप्तानी कर सकूंगा।

 

बतौर कप्तान विश्वकप में खेलना होगी सबसे बड़ी उपलब्धि

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विराट कोहली - फोटो : getty
विश्वकप के बारे में सुनते ही मेरे रोंगटे खड़े हो जाते हैं। मैं दो विश्वकप खेल चुका हूं। कई टी-20 विश्वकप खेल चुका हूं। लेकिन कप्तान के रूप में विश्वकप में खेलना मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी। यहां एक बात बेहद संजीदगी से समझनी होगी कि यह एक सतत चलने वाली प्रक्रिया है सबसे अच्छी बात यह है कि सभी युवा हैं और बतौर खिलाड़ी बढ़ना चाहते हैं ऐसी जगह पर एक कप्तान के रूप में होने बेहद रोमांचक होता है। यह भारतीय क्रिकेट के लिए बेहतरीन दौर है नए खिलाड़ियों को टीम में जगह मिली है चैंपियंस ट्रॉफी जैसे बड़ी प्रतियोगिता के लिए सभी टीम में अपनी जगह पक्की करना चाहेंगे। हर कोई वनडे टीम में अपनी जगह पक्की करना चाहता है। हम अभी भी इस बात की तस्दीक कर रहे हैं कि बेस्ट कॉम्बिनेशन क्या होगा। प्रमुख लक्ष्य उन खिलाड़ियों की पहचान करना है जो अलग-अलग पोजीशन पर खेल सकें। इसके साथ ही उन खिलाड़ियों के साथ वक्त गुजार सकें जो लंबे समय से वनडे टीम में हैं। इसके अलावा उन्हें बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए खुद को तैयार करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। साथ ही उन्हें इस तरह की परिस्थिति में नहीं लेकर जाना जिनका सामना वो न कर सकें। चीजों को सामान्य रखना, खिलाड़ियों को स्पेस देना और विकास के लिए समय देना इसके साथ ही इस बात की पहचान करना कि कौन सा खिलाड़ी किस पोजिशन और जिम्मेदारी के लिए उपयुक्त है। 

मेरा लक्ष्य सिर्फ जीत हासिल करना 

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विराट कोहली - फोटो : BCCI
विराट ने कहा हमारा पहला जो भी मैच खेलें उन्हें जीतना है। जीत और हार कोई मायने नहीं रखती इस बात को हम दूर रखेंगे। हम खिलाड़ियों का एक पूल रखेंगे जिसमें रोटेशन होता रहेगा। इससे उनमें विश्वास आएगा। हमारा एक मात्र लक्ष्य जीत हासिल होगा। आप एक टीम के रूप में आपके पास आत्मविश्वास तभी होगा जब आप लगातार जीत हासिल करते हैं। यह समझते हैं कि क्रिकेट के खेल में जीत कैसे हासिल की जाती है। इस स्तर पर यदि आप सिर्फ कोशिश करते रहेंगे तो आपके हाथ कुछ नहीं लगेगा। यदि आप यह समझते हैं कि विभिन्न परिस्थितियों में जीत किस तरह हासिल करते हैं इससे बड़ी प्रतियोगिताओं और बड़े प्रतिद्वंद्वियों के लिए माइंडसेट बनता है। इसके बाद आप बतौर खिलाड़ी बड़ी प्रतियोंगिताओं की तरफ देखन लगते हैं जहां आप मैच या पूरी प्रतियोगिता में अपनी छाप छोड़कर उसे यादगार बनाना चाहते हैं। यह सामूहिक प्रक्रिया है जिसमें जीत हासिल करना आपका पहला लक्ष्य है। साथ ही खिलाड़ियों को यह विजन और मानसिक मजबूती देना कि विपरीत परिस्थितियों का सामना कर टीम को मैच कैसे जिताया जा सकता है। 

फॉर्मेट के साथ नहीं बदलेगा माइंड सेट 

KOHLI'S FIRST INTERVIEW AFTER BEING T-20 AND ONE DAY CAPTAIN
विराट कोहली - फोटो : ESPN
मेरा माइंडसेट फॉर्मेट के साथ नहीं बदलता है। आज के दौर में आपको उच्च दबाव वाले खेल में लगातार लंबे समय तक बेहतरीन प्रदर्शन करना होता है। इसी वजह से हम टेस्ट मैचों में सफल हुए हैं हमारी कोशिश विरोधियों पर लगातार दबाव बनाने और गल्तियां करवाने की होती है। छोटे फॉर्मेट में मेरा कप्तानी का तरीका नहीं बदलेगा। मैं चाहूंगा कि टीम किसी भी स्थिति में जीत हासिल करे। 

 
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