कप्तान बनने के बाद भावुक हुए कोहली, बोले-धोनी ने कई बार बचाया करियर, किए कई और खुलासे
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एमएस धोनी के टी-20 और वनडे कप्तानी छोड़ने के बाद इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली टी-20 और वनडे सीरीज के लिए विरोट कोहली को टीम इंडिया का कप्तान बनाया गया है। कप्तान बनने के बाद विराट ने बीसीसीआई टीवी को दिए इंटरव्यू में भविष्य की योजनाओं के बारे में बताया। साथ ही बतौर खिलाड़ी धोनी की उपयोगिता के बारे में भी उन्होंने विचार रखे। इसके अलावा विराट ने धोनी के साथ बिताए कुछ भावुक लम्हे और उनकी उदारता के कुछ किस्से भी इस इंटरव्यू में शेयर किए। पढ़िए विराट का पूरा इंटरव्यू...
कप्तान बनना मेरी जिंदगी का सबसे बेहतरीन लम्हा
यह मेरी जिंदगी की का सबसे बेहतरीन लम्हा है। यह एक बड़ी जिम्मेदारी है और मैं इस जिम्मेदारी को पाना चाहता था। मुझे यह मालूम नहीं चला कि किस तरह मेरे जीवन में यह बदलाव हुआ कि मैं एक खिलाड़ी से तीनों फॉर्मेट में टीम का कप्तान बन गया। मैं शुक्रगुजार हूं कि मुझे यह जिम्मेदारी दी गई है। जब मुझे इस बारे में बीसीसीआई और चयनकर्ताओं द्वारा सूचना दी गई तब मेरे जहन में बचपन के उस दौर की यादें ताजा हो गईं। जब आप क्लब क्रिकेट खेल रहे होते हैं और देश का नेतृत्व करना चाहते हैं। बाद यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा पल है।
धोनी का शुक्रगुजार हूं
मैं एमएस धोनी का शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने यह सोचा कि मैं इस जिम्मेदारी को आगे लेकर आगे लेकर चलने के लिए तैयार हूं। मैं इस पूरी प्रक्रिया में योगदान के लिए उन्हें धन्यवाद देता हूं। मैने बतौर खिलाड़ी उनसे बहुत कुछ सीखा है जैसे टीम का नेतृत्व करना, अपने आपको संयमित रखना और टीम को एकजुट रखना। वह इससे बेहतर तरीके से कप्तानी नहीं छोड़ सकते थे। जिस सहजता और गरिमामय ढंग से उन्होंने यह फैसला किया। उसी समय मेरा यह समझना कि परिस्थितियां कैसी हैं। उनके लिए सम्मान बनाए रखना भी जरूरी है।
पहली बार टेस्ट कप्तानी मिलने के बारे में
मुझे ऑस्ट्रेलिया दौरे पर एडिलेड टेस्ट से पहले यह बताया गया कि पहले मैच में धोनी नहीं खेलेंगे आपको मैच में कप्तानी करनी है। उस वक्त यह मेरे लिए हैरान करने वाली बात थी क्योंकि मैं टेस्ट क्रिकेट में अपने पैर जमाने की कोशिश कर रहा था। लेकिन वह जिम्मेदारी मेरे लिए बेहतरीन साबित हुई। समय के साथ मैंने यह सीखा कि क्या और कैसे करना है।
धोनी से सीखी कप्तानी की बारीकियां
टी-20 और वनडे की कप्तानी ऐसी है जिसके बारे में मैंने समय के साथ सीखा है। छोटे फॉर्मेट में मैंने कप्तानी की और इससे खेल को और बेहतर तरीके से समझने में मुझे फायदा हुआ। मैं अपने तरीके से तैयारी कर रहा था। वहीं मैच के दौरान धोनी मुझसे बात करते थे और रणनीति के बारे में भी चर्चा करते थे कि कैसे स्थितियों का सामना करना है क्योंकि उन्हें इस बात की समझ थी कि मुझे अगले कप्तान के रूप में बारीकियां सिखाना और मेरा मार्गदर्शन करना जरूरी है। क्योंकि जो विरासत वह कप्तान के रूप में छोड़कर जा रहे हैं। अगले कप्तान के लिए उसे आगे ले जाने के लिए तैयार रहना बेहद जरूरी है। वह चाहते थे कि नया कप्तान किसी तरह के संदेह की स्थिति में न रहे। यह प्रक्रिया बेहतरीन थी।
धोनी के अनुभव का फायदा मिलेगा
नए कप्तान के लिए धोनी का टीम में बना रहना जीत जैसा ही है। क्योंकि उनके टीम में रहने से उनके अनुभव, उनके दिमाग और सलाह का फायदा कप्तान और टीम को जरूर होगा। लेकिन मैं जिस बात के लिए सबसे ज्यादा खुश हूं कि अब वह खुले दिमाग से बिना किसी दबाव के क्रिकेट खेल सकेंगे। वह उसी आक्रामक धोनी के रूप में नजर आएंगे जिन्हें हम जानते हैं। एक खिलाड़ी के रूप में आप यह अच्छी तरह समझते हैं कि जिम्मेदारी आक्रामकता को दूर ले जाती है। अब ऐसा समय है जब वह क्रिकेट का लुत्फ उठाएंगे और जब तक चाहेंगे क्रिकेट खेलते रहेंगे। उन्होंने कई सालों तक टीम का बोझ अपने कंधों पर उठाया है अब उनके लिए क्रिकेट का लुत्फ उठाने का है। एक कप्तान के रूप में धोनी की जगह भर पाना बेहद मुश्किल है क्योंकि धोनी का नाम लेते ही आपके जहन में कप्तान आता है। आप धोनी की कल्पना और किसी रूप में नहीं कर सकते।
धोनी ने कई बार टीम से बाहर जाने से बचाया
बतौर खिलाड़ी यह धोनी के करियर का सबसे बेहतरीन दौर होगा
उदाहरण पेश कर कप्तानी करना चाहता हूं
छोटे फॉर्मेट में कप्तानी बेहद मुश्किल काम
मुझे जिम्मेदारी लेना पसंद है
बतौर कप्तान विश्वकप में खेलना होगी सबसे बड़ी उपलब्धि
मेरा लक्ष्य सिर्फ जीत हासिल करना
फॉर्मेट के साथ नहीं बदलेगा माइंड सेट