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उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों पर लगाए गए आरोप निराधार : लोकपाल
Sun, 28 Jun 2020 06:00 PM IST
Rohit Ojha
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Rohit Ojha
Updated Sun, 28 Jun 2020 06:00 PM IST
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यूपीसीए
- फोटो : सोशल मीडिया
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उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ (यूपीसीए) के लोकपाल सीके प्रसाद ने क्रिकेटर त्रिवेश यादव के पिता द्वारा यूपीसीए के पदाधिकारियों पर लगाए गए आरोपों को निराधार करार दिया है। यूपीसीए के सूत्रों ने बताया कि लोकपाल ने 24 जून को सौंपी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि क्रिकेट खिलाड़ी त्रिवेश यादव के पिता न्यायाधीश रमेश यादव द्वारा यूपीसीए पर लगाए गए आरोप निराधार और गलत हैं। यादव अपने आरोपों के सापेक्ष में कोई भी ठोस दस्तावेज पेश नहीं कर सके।
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यूपीसीए के प्रवक्ता ने रविवार को बताया कि त्रिवेश यादव के पिता ने आरोप लगाया था कि उनके पुत्र ने अंडर-19 कूच बिहार ट्राफी के फाइनल सहित नाकआउट मैचों में शिरकत की थी जिसकी मैच फीस का पूरा भुगतान, पुरस्कार राशि एवं संबंधित प्रमाण पत्र उसे नहीं दिए गए।
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लोढा समिति के निर्देशों के अनुपालन में नियुक्त लोकपाल ने पाया कि त्रिवेश ने मात्र दो मैचों मे अतिरिक्त खिलाड़ी के रूप में भाग लिया था और इन दो मैचों की फीस बीसीसीआई ने सीधे खिलाड़ी के खाते में स्थानांतरित कर दी थी। लोकपाल ने इस मामले में यूपीसीए और बीसीसीआई से त्रिवेश को किए गए भुगतान संबंधी सभी दस्तावेज मंगवाए जिन्हें उन्होंने सही पाया। लोकपाल ने कहा कि त्रिवेश के पिता रमेश यादव ने यूपीसीए के अधिकारियों को जिस तरह के मैसेज भेजे हैं, वह कतई उनकी पद एवं गरिमा के अनुरूप नहीं है।
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गौरतलब है कि त्रिवेश ने पिछले साल अक्टूबर में यूपीसीए के मुख्य परिचालन अधिकारी दीपक शर्मा, सचिव युद्धवीर सिंह, अंडर 19 क्रिकेट टीम के पूर्व कोच मोहम्मद आमिर खान और मैनेजर रहे सतीश जायसवाल के खिलाफ फीस का पूरा भुगतान, पुरस्कार राशि एवं संबंधित प्रमाण पत्र उसे नहीं दिए के आरोप में चंदौली की जिला अदालत में धोखाधड़ी और षड्यंत्र का परिवाद दायर किया था। यूपीसीए ने इसे उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी जिसने आपराधिक मुकदमे की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी।