आईपीएल 2020 में जब करोड़ों में खरीदे गए कई खिलाड़ी फेल रहे तब जेसन होल्डर ने अचानक से टूर्नामेंट में आकर हैदराबाद की किस्मत बदलकर रख दी है। होल्डर के प्रदर्शन के बाद अब शायद टूर्नामेंट की अन्य फ्रैंचाइजियां अगली बार से खिलाड़ियों के चयन के लिए थोड़ा और रिसर्च जरूर करना चाहेंगी। खैर हम बात कर रहे हैं वेस्टइंडीज के टेस्ट टीम के कप्तान और टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक ऑलराउंडर जेसन होल्डर की, जिन्होंने अपने प्रदर्शन से कम समय में ही सुर्खियां बटोर ली हैं।
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आईपीएल के 13वें सीजन के लिए किसी भी फ्रैंचाइजी ने जेसन होल्डर में दिलचस्पी नहीं दिखाई थी और 75 लाख के बेस प्राइस के बावजूद किसी ने भी उन्हें अपने साथ नहीं जोड़ा। ऐसे में होल्डर यूएई नहीं पहुंचे और आईपीएल के आयोजन के समय अपने देश में कहीं छुट्टियां मना रहे थे। लेकिन खिलाड़ियों की चोट से जूझ रही सनराइजर्स हैदराबाद के एक फैसले ने टीम और होल्डर दोनों की किस्मत बदल दी।
दरअसल यूएई में टूर्नामेंट शुरू होते ही हैदराबाद के ऑलराउंडर मिचेल मार्श चोटिल होकर टूर्नामेंट से बाहर हो गए। वहीं उनसे पहले टीम के स्टार तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को भी चोट की वजह से बाहर होना पड़ा था। इसकी वजह से हैदराबाद की गेंदबाजी आक्रमण के साथ ही बल्लेबाजी में मध्यक्रम भी कमजोर दिखने लगी थी। ऐसे में टीम को किसी अच्छे ऑलराउंडर की तलाश थी, जिसके लिए उन्होंने कैरेबियाई कप्तान जेसन होल्डर को मिचेल मार्श के रिप्लेसमेंट के तौर पर टीम में शामिल किया। हालांकि होल्डर को प्लेइंग XI में शामिल करने के लिए सनराइजर्स के लिए टीम नियोजन आसान नहीं था, जबकि मोहम्मद नबी जैसे स्टार ऑलराउंडर भी बेंच पर बैठे हुए थे।
इन सबके बीच केन विलियमसन कोलकाता के खिलाफ मैच में मांशपेशियों में खिंचाव की शिकायत के बाद राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मैच से बाहर हो गए। इस वक्त तक सनराइजर्स की टीम नौ मुकाबले खेल चुकी थी और लगातार तीन हार से परेशान थी। लेकिन फिर उन्होंने जेसन होल्डर को प्लेइंग XI में शामिल किया और उसके बाद से उन्होंने लगातार चार और कुल पांच मुकाबले जीते और अब फाइनल के करीब दूसरे क्वालीफायर में पहुंच गए।
होल्डर ने गेंदबाजी के साथ-साथ ही बल्लेबाजी में भी मध्यक्रम में अहम योगदान दिया। उन्होंने टीम की गेंदबाजी आक्रमण को जहाँ जहां मजबूती दी है वहीं बल्लेबाजी में भी मध्यक्रम को मजबूत किया है। बात करें उनके आंकड़ें की तो होल्डर सिर्फ छह मैच में ही अब तक 14 की औसत से 13 विकेट चटका चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने दो बार टीम को लक्ष्य का पीछा करते हुए अपनी बल्लेबाजी से जीत दिलाई है। उन्होंने 55 की औसत और 144 की स्ट्राइक रेट से अब तक 55 महत्वपूर्ण रन बनाए हैं।