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IPL 2024: हार्दिक-क्रुणाल को धोखा देने पर सौतेले भाई ने तोड़ी चुप्पी, पुलिस रिमांड बढ़ाई गई
Fri, 12 Apr 2024 05:51 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Fri, 12 Apr 2024 05:51 PM IST
सार
वैभव पर पार्टनरशिप फॉर्म के जरिये हार्दिक और क्रुणाल के साथ 4.3 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप लगा है और उन्हें इस मामले में गुरुवार को मुंबई पुलिस की इकॉनोमिक ऑफेंस विंग ने गिरफ्तार किया था।
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हार्दिक पांड्या
- फोटो : IPL
विस्तार
मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या और उनके भाई क्रुणाल के साथ ठगी करने को लेकर उनके सौतेले भाई वैभव पांड्या ने चुप्पी तोड़ी है। वैभव पर पार्टनरशिप फॉर्म के जरिये हार्दिक और क्रुणाल के साथ 4.3 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप लगा है और उन्हें इस मामले में गुरुवार को मुंबई पुलिस की इकॉनोमिक ऑफेंस विंग ने गिरफ्तार किया था। शुक्रवार को मुंबई की एक अदालत में इस मामले पर सुनवाई हुई और वैभव ने अपने वकील के द्वारा कोर्ट को बताया कि यह पूरा मामला पारिवारिक है और यह बस गलतफहमी के कारण हुआ है।
वैभव की पुलिस रिमांड बढ़ी
वैभव की शुरुआती रिमांड खत्म होने के बाद उन्हें एडिशनल चीफ मैट्रोपोलिटियन मजिस्ट्रेट एलएस पाधेन के सामने पेश किया गया। सुनवाई के दौरान वैभव के वकील निरंजन मुंडार्गी ने अदालत से कहा, 'यह पारिवारिक मामला है और गलतफहमी के कारण मामला दर्ज किया गया है।' मुंडार्गी ने साथ ही बताया कि उनका क्लाइंट जांच में सहयोग कर रहा है और उसे पुलिस द्वारा रिमांड बढ़ाई जाने की अपील से कोई दिक्कत नहीं है। कॉनोमिक ऑफेंस विंग ने जांच अबतक पूरी ना होने और आरोपी के पास से मटेरियल सूचना नहीं मिलने के कारण अदालत से सात दिन की रिमांड मांगी थी। मजिस्ट्रेट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पाया कि जांच चल रही है और इस मामले में आगे बढ़ने के लिए थोड़े समय की जरूरत है। वैभव की पुलिस कस्टडी 16 अप्रैल तक बढ़ा दी गई है।
क्या है पूरा मामला?
हार्दिक, क्रुणाल और वैभव ने तीन साल पहले संयुक्त रूप से पॉलिमर बिजनेस की शुरुआत की थी। इसमें हार्दिक और क्रुणाल की 40-40 प्रतिशत की हिस्सेदारी थी, जबकि उनके सौतेले भाई वैभव 20 प्रतिशत के हिस्सेदार थे और बिजनेस का दैनिक कामकाज संभालने का जिम्मा भी उन पर ही था। पार्टनरशिप के करार के अनुसार, इसी के तहत तीनों के बीच लाभ का बंटवारा होना तय हुआ था। लेकिन आरोप यह है कि वैभव ने हार्दिक और क्रुणाल को बताए बिना ही ऐसा ही एक और बिजनेस शुरू किया जो पार्टनरशिप करार का उल्लंघन है। इसका नतीजा यह हुआ कि इन तीनों के बीच ऑरिजिनल बिजनेस के मुनाफे में गिरावट आई जिसके कारण इन्हें करीब तीन करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। वैभव पर यह भी आरोप लगे हैं कि उन्होंने चुपके से अपने मुनाफे की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 33.3 फीसदी कर दी थी जिससे हार्दिक और क्रुणाल पर वित्तीय प्रभाव पड़ा। जब इस बात की जानकारी पांड्या ब्रदर्स को लगी तो उन्होंने पुलिस में इसकी शिकायत की और मामला आगे बढ़ा। हालांकि इस मामले को लेकर अबतक हार्दिक या क्रुणाल में से किसी का कोई बयान सामने नहीं आया है।
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वैभव की पुलिस रिमांड बढ़ी
वैभव की शुरुआती रिमांड खत्म होने के बाद उन्हें एडिशनल चीफ मैट्रोपोलिटियन मजिस्ट्रेट एलएस पाधेन के सामने पेश किया गया। सुनवाई के दौरान वैभव के वकील निरंजन मुंडार्गी ने अदालत से कहा, 'यह पारिवारिक मामला है और गलतफहमी के कारण मामला दर्ज किया गया है।' मुंडार्गी ने साथ ही बताया कि उनका क्लाइंट जांच में सहयोग कर रहा है और उसे पुलिस द्वारा रिमांड बढ़ाई जाने की अपील से कोई दिक्कत नहीं है। कॉनोमिक ऑफेंस विंग ने जांच अबतक पूरी ना होने और आरोपी के पास से मटेरियल सूचना नहीं मिलने के कारण अदालत से सात दिन की रिमांड मांगी थी। मजिस्ट्रेट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पाया कि जांच चल रही है और इस मामले में आगे बढ़ने के लिए थोड़े समय की जरूरत है। वैभव की पुलिस कस्टडी 16 अप्रैल तक बढ़ा दी गई है।
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क्या है पूरा मामला?
हार्दिक, क्रुणाल और वैभव ने तीन साल पहले संयुक्त रूप से पॉलिमर बिजनेस की शुरुआत की थी। इसमें हार्दिक और क्रुणाल की 40-40 प्रतिशत की हिस्सेदारी थी, जबकि उनके सौतेले भाई वैभव 20 प्रतिशत के हिस्सेदार थे और बिजनेस का दैनिक कामकाज संभालने का जिम्मा भी उन पर ही था। पार्टनरशिप के करार के अनुसार, इसी के तहत तीनों के बीच लाभ का बंटवारा होना तय हुआ था। लेकिन आरोप यह है कि वैभव ने हार्दिक और क्रुणाल को बताए बिना ही ऐसा ही एक और बिजनेस शुरू किया जो पार्टनरशिप करार का उल्लंघन है। इसका नतीजा यह हुआ कि इन तीनों के बीच ऑरिजिनल बिजनेस के मुनाफे में गिरावट आई जिसके कारण इन्हें करीब तीन करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। वैभव पर यह भी आरोप लगे हैं कि उन्होंने चुपके से अपने मुनाफे की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 33.3 फीसदी कर दी थी जिससे हार्दिक और क्रुणाल पर वित्तीय प्रभाव पड़ा। जब इस बात की जानकारी पांड्या ब्रदर्स को लगी तो उन्होंने पुलिस में इसकी शिकायत की और मामला आगे बढ़ा। हालांकि इस मामले को लेकर अबतक हार्दिक या क्रुणाल में से किसी का कोई बयान सामने नहीं आया है।
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