CSK vs KKR Final: आईपीएल फाइनल से पहले गंभीर ने बताई वजह, क्यों मॉर्गन पर भारी पड़ते हैं माही
आईपीएल 2021 का फाइनल मुकाबला आज चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच खेला जाएगा। टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज गौतम गंभीर ने उन कारणों का खुलासा किया है जिसके चलते धोनी केकेआर के कप्तान मॉर्गन पर भारी पड़ते हैं।
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आईपीएल के 14वें सत्र का फाइनल मुकाबला आज कोलकाता नाइट राइडर्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेला जाएगा। दोनों टीमों के दरम्यान यह मुकाबला दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्ट़ेडियम में होगा। एमएस धोनी की अगुवाई वाली सीएसके की टीम तीन बार पहले ही खिताब जीत चुकी है। वहीं, गौतम गंभीर ने अपनी कप्तानी में दो बार कोलकाता नाइट राइडर्स को चैंपियन बनाया था। लेकिन इस बार केकेआर की कमान इयोन मॉर्गन के हाथ है जबकि, चेन्नई के कप्तान हमेशा की तरह एमएस धोनी हैं। इन दोनों कप्तान की बात की जाए तो धोनी ने क्वालीफायर मैच में आतिशी बल्लेबाजी करते हुए टीम को जीत दिलाई वहीं, मोगर्न दिल्ली के खिलाफ खाता नहीं खोल सके। टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर ने उन कारणों के बारे में बताया है जिनके चलते धोनी मॉर्गन पर भारी हैं।
मोर्गन के मुकाबले धोनी की फॉर्म बेहतर
ईएसपीएनक्रिकइंफो से बात करते हुए गौतम गंभीर ने कहा, इयोन मोर्गन टूर्नामेंट की शुरुआत में नंबर पांच पर बैटिेंग करते हुए अपनी फॉर्म से जूझ रहे थे, इसके बाद वह लगातार अपने आप को बैटिंग क्रम में नीचे करते चले गए। गंभीर के मुताबिक जब आप ऐसा करते हैं तो खुद अपने ऊपर दबाव बनाते हैं, आप दोनों कप्तानों की फॉर्म की तुलना नहीं कर सकते क्योंकि धोनी काफी समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर हैं, जबकि मॉर्गन खेल रहे हैं और वह सीमित क्रिकेट में इंग्लैंड के कप्तान भी हैं, फॉर्म के नजरिए से बात करें तो धोनी की फॉर्म मोर्गन से बेहतर है।
नौंवी बार फाइनल खेलने उतरेगा सीएसके
आईपीएल इतिहास में चेन्नई सुपर किंग्स की टीम आज नौंवी बार फाइनल खेलने उतरेगी। इससे पहले सीएके की टीम आठ बार फाइनल में पहुंची और तीन बार खिताब जीतने में सफल रही। साल 2012 में गौतम गंभीर की कप्तानी वाली केकेआर की टीम ने फाइनल में चेन्नई को हराया था। आज धोनी खिताबी मुकाबले में अपने पुराने हिसाब को चुकता करना चाहेंगे। दूसरी तरफ यूएई आने के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स की किस्मत चमकी है। आईपीएल के पहले सत्र में केकेआर ने सात में सिर्फ दो मैच जीते थे और अंकतालिका में सातवें स्थान पर थी। लेकिन यूएई आने के बाद टीम फाइनल तक पहुंचने में सफल रही।