IPL 10: हर हाल में जीतना चाहेगी KKR, प्रतिष्ठा बचाने को उतरेगी 'विराट' सेना
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिछले दो मैचों से हार का सामना कर रही कोलकाता नाइटराइडर्स की टीम जीत की राह पर लौटने को बेताब है। रविवार को उसकी टक्कर सबसे निचले पायदान पर चल रही रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर से होगी।
केकेआर को पिछले मुकाबलों में सनराइजर्स हैदराबाद और राइजिंग पुणे सुपरजाइंट के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। केकेआर को प्लेऑफ में प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए अपने शेष तीन मैचों में दो जीत की जरूरत है।दो बार की चैंपियन कोलकाता 11 मैचों में 14 अंक लेकर अंक तालिका में दूसरे स्थान पर है।
रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ पिछले मुकाबले में केकेआर ने 82 रन से जीत हासिल की थी। इस मैच में आरसीबी आईपीएल इतिहास के सबसे कम स्कोर 49 पर आउट हो गई थी। गौतम गंभीर की टीम एक बार फिर वैसा ही प्रदर्शन करना चाहेगी। अगले दो मैचों में केकेआर को किंग्स इलेवन पंजाब और मुंबई इंडियंस से खेलना है। पंजाब की टीम ने शुक्रवार को आरसीबी को 19 रन से हराया था।
केकेआर की टीम अब तक शीर्ष स्तर पर सुनील नारायण को आजमाती रही है जो कभी चलते हैं तो कभी बिल्कुल नहीं चलते। नारायण नहीं चलते तो कप्तान गौतम गंभीर और रॉबिन उथप्पा दायित्व संभाल लेते हैं लेकिन ये भी न चलें तो मध्यक्रम पर जिम्मेदारी बढ़ जाती है जहां यूसुफ पठान और मनीष पांडे हैं।
बल्लेबाजों ने किया है आरसीबी को निराश
दूसरी ओर आरसीबी जोकि इस साल बिल्कुल फ्लॉप रही है। इस साल विराट की टीम चार बार ऑलआउट हुई है। बारह मैचों में टीम के सिर्फ पांच अंक हैं। किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ शुक्रवार को भी टीम को निराशाजनक ढंग से हार का सामना करना पड़ा। अब यह कप्तान विराट कोहली के लिए चुनौती है कि वो टीम को कैसे बेहतर करने के लिए प्रेरित करते हैं। टीम शेष बचे मैचों में जीत के साथ कुछ साख बचाना चाहेगी। आरसीबी पहले ही प्लेऑफ से बाहर हो चुकी है, ऐसे में टीम के पास खोने को कुछ नहीं है। कोहली कुछ युवा खिलाड़ियों को मौका दे सकते हैं। आरसीबी की बल्लेबाजी ने बेहद निराश किया है। क्रिस गेल, एबी डीविलियर्स और विराट कोहली क्षमताओं के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। व्यक्तिगत प्रदर्शन हुए भी हैं तो भी एक टीम प्रयास नजर नहीं आया है। मनदीप सिंह और स्टुअर्ट बिन्नी ने भी टीम को निराश किया है। केवल लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल (13 विकेट) और सैमुअल बद्री (09) विकेट ही संतोषजनक प्रदर्शन करने में सफल रहे हैं।
आंकड़ों में कौन है किस पर भारी