टीम में नहीं चुने जाने पर भड़के मनोज तिवारी, कहा-चयनकर्ता बताएं टीम में आने के लिए क्या करना होगा
- दलीप ट्रॉफी के लिए किसी भी टीम में न चुने जाने पर जताई नाराजगी
- 616 रन बनए थे मनोज ने पिछले साल रणजी ट्रॉफी के आठ मैचों में दो शतकों की मदद से
- 366 रन विजय हजारे में चार अर्द्धशतकों की मदद से नौ मैचों में बनाए थे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दलीप ट्रॉफी के लिए किसी भी टीम में जगह न मिलने पर बंगाल के क्रिकेटर मनोज तिवारी ने अपनी नाराजगी जताते हुए चयनकर्ताओं से पूछा हैं कि मुझे टीम में आने के लिए क्या करना होगा। तिवारी ने ट्वीट किया, ‘दलीप ट्रॉफी के लिए टीम में चुने गए खिलाड़ियों में मेरा नाम कहीं नहीं है। मैं चयनकर्ताओं से पूछना चाहता हूं कि मुझे दलीप ट्रॉफी के अगले सीजन में चुने जाने के लिए क्या मानदंड अपनाने होंगे या फिर भारतीय टीम में शामिल होने के लिए क्या करना होगा, अगर आपको पता है, तो कृपया मुझे बताइए।’
Since d Duleep trophy teams 4 d year 2018-2019 is out and I don’t see my name featuring in any of them. I want 2 ask d Selectors, Wat is d criteria 4 a player like me 2 get selected again in Duleep trophy teams or Indian team ? If u guys can be kind enough 2 let me know
— MANOJ TIWARY (@tiwarymanoj) August 6, 2019
उन्होंने कहा,‘इस साल होने वाली दलीप ट्रॉफी के लिए मैंने देखा है कि पिछले साल ही इसमें जोड़ी गई सिक्किम, अरुणाचल और नागालैंड जैसी टीमों में भी कुछ नए चेहरों को जगह दी गई है। ऐसे में मैं इन टीमों के साथ जाना बेहतर समझूंगा। मध्यप्रदेश के खिलाफ दोहरा शतक लगाया और पंजाब के खिलाफ भी शतक लगाया, जिनके पास काफी अनुभवी गेंदबाज हैं। फिर भी मुझे इसमें नहीं शामिल किया गया। मैं यहां पर अपने रिकॉर्ड और आंकड़े नहीं दर्शा रहा लेकिन मैं आपको बस इनके बारे में बताना चाहता हूूं। पिछले साल मैं एकमात्र ऐसा बल्लेबाज था, जिसने विजय हजारे और देवधर ट्रॉफी में 100 के औसत से रन बनाए। साथ ही मैं भारतीय क्रिकेट इतिहास में इकलौता बल्लेबाज हूं, जिसने पिछले साल 50 ओवर के टूर्नामेंट में नंबर चार पर बल्लेबाजी करते हुए रिकॉर्ड बनाए।’